Sydney Terror Attack: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर यहूदी समुदाय के धार्मिक पर्व हनुक्का के दौरान हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक 10 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। घटना के एक दिन बाद भी आरोपी युवक की मां इस सच्चाई को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि उनका बेटा इस आतंकी वारदात में शामिल हो सकता है।
हमले में मारे गए शख्स की पहचान साजिद अकरम (50) के रूप में हुई है, जबकि उनका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम मौके से गिरफ्तार किया गया है और इस समय पुलिस हिरासत में है। पिता-पुत्र पर आरोप है कि उन्होंने यहूदी धार्मिक आयोजन के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी की।
मां का दावा: मेरा बेटा हिंसा कर ही नहीं सकता
नवीद की मां वेरेना ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका बेटा एक शांत स्वभाव का युवक है और वह किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा,
“वह न तो शराब पीता है, न धूम्रपान करता है, न गलत संगति में रहता है। वह काम पर जाता था, घर लौटता था और एक्सरसाइज करता था। हर मां चाहेगी कि उसका बेटा नवीद जैसा हो।”
वेरेना का कहना है कि उनके बेटे के पास कोई हथियार नहीं था और वह लोगों से बहुत कम मिलता-जुलता था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उन तस्वीरों को भी उन्होंने खारिज कर दिया है, जिनमें नवीद को हथियार के साथ देखा जा रहा है।
फिशिंग ट्रिप की कहानी, जो आतंक में बदली
वेरेना के मुताबिक, साजिद और नवीद ने उन्हें बताया था कि वे जर्विस बे में वीकेंड फिशिंग ट्रिप पर जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “रविवार को उसने मुझे फोन किया और कहा कि वह तैराकी और स्कूबा डाइविंग कर चुका है। फिर खाने की बात कही और बताया कि गर्मी ज्यादा है, इसलिए अब घर लौट आएंगे।”
मां के अनुसार, उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद सिडनी में इतना बड़ा आतंकी हमला होने वाला है और उनका परिवार इसका हिस्सा बन जाएगा।
नवीद की पृष्ठभूमि: बेरोजगारी और पारिवारिक हालात
जांच में सामने आया है कि नवीद पेशे से ईंट लगाने का काम करता था, लेकिन कुछ महीने पहले जिस कंपनी में वह काम कर रहा था, वह दिवालिया हो गई थी, जिसके चलते उसकी नौकरी चली गई। पिता साजिद अकरम पश्चिमी सिडनी में एक फल की दुकान चलाते थे।
परिवार ने पिछले साल ही पश्चिमी सिडनी में एक घर खरीदा था, जहां साजिद, वेरेना, नवीद, उसका 20 वर्षीय भाई और 22 वर्षीय बहन साथ रहते थे। पड़ोसियों के मुताबिक, परिवार सामान्य और शांत जीवन जी रहा था, जिससे इस घटना को लेकर और भी हैरानी बढ़ गई है।
हमले का भयावह मंजर
घटना के समय बॉन्डी बीच पर करीब एक हजार लोग यहूदी पर्व हनुक्का के आयोजन के लिए इकट्ठा हुए थे। जानकारी के मुताबिक, पिता-पुत्र ने समुद्र तट पर बने एक ऊंचे बोर्डवॉक को निशाना बनाया, जहां लोग गर्मी से राहत पाने के लिए मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ने करीब 10 मिनट तक लगातार गोलियां चलाईं। हमले के दौरान अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में साजिद अकरम को मौके पर ही मार गिराया, जबकि नवीद को जीवित पकड़ लिया गया।
15 मौतें, देश में शोक और आक्रोश
इस हमले में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और एक 10 साल का बच्चा भी शामिल है। कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना के बाद पूरे ऑस्ट्रेलिया में शोक और गुस्से का माहौल है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इस हमले को “शुद्ध बुराई” करार देते हुए कहा,
“यह यहूदी विरोधी नफरत से प्रेरित आतंकवादी हमला है। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर इस तरह की हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
आतंकी साजिश या अचानक हिंसा? जांच जारी
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब भी इस हमले के पीछे के मकसद की जांच कर रही हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हमला किसी संगठित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा था या फिर व्यक्तिगत कट्टरता और मानसिक दबाव का नतीजा।
नवीद से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके डिजिटल डिवाइस, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वह किसी चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित था।
समाज के सामने बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि कैसे सामान्य दिखने वाले परिवारों से जुड़े लोग अचानक इतनी बड़ी हिंसा में शामिल हो जाते हैं। एक ओर मां अपने बेटे को “अच्छा लड़का” बता रही हैं, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियों के सामने ऐसे सबूत हैं, जो इस दावे से मेल नहीं खाते।
आगे क्या?
नवीद अकरम को अदालत में पेश किया जाएगा और उस पर आतंकवाद समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा चल सकता है। इस बीच ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बॉन्डी बीच हमला न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि कट्टरता और नफरत किसी भी समाज को कितनी गहरी चोट पहुंचा सकती है।
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