Supreme Court Latest News। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर ने कहा है कि उन्हें अपने इस कदम पर कोई पछतावा नहीं है। दिल्ली के मयूर विहार निवासी 71 वर्षीय राकेश किशोर ने घटना के अगले दिन मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने यह कदम न्याय व्यवस्था के “पाखंड” और सरकार की नीतियों पर विरोध जताने के लिए उठाया।
किशोर ने कहा, “सीजेआई संविधानिक पद पर बैठे हैं और उन्हें ‘माय लॉर्ड’ कहा जाता है। उन्हें इस पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। क्या योगी जी की बुलडोजर कार्रवाई गलत है? सरकार की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ बुलडोजर चलाना अपराध नहीं।”
उन्होंने यह भी कहा कि सीजेआई द्वारा ‘बुलडोजर न्याय’ की आलोचना उन्हें स्वीकार नहीं है। किशोर ने सीजेआई गवई के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि “आप मॉरिशस जाकर कहते हैं कि देश बुलडोजर से नहीं चलेगा। तो क्या कानून से बाहर जाकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना गलत है?”
किशोर ने आगे कहा कि उन्हें इस काम के लिए “ईश्वरीय प्रेरणा” मिली थी। उन्होंने दावा किया कि वे किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं, बल्कि हिंदू समाज की अस्मिता की रक्षा के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने कहा, “हजार सालों से हिंदू छोटे समुदायों के अधीन रहे हैं। जब हमारी पहचान खतरे में है, तो कोई सनातनी चुप क्यों रहे?”
सीजेआई की दलित पहचान पर सवाल उठाते हुए किशोर ने कहा, “वह पहले सनातनी हिंदू थे, बाद में बौद्ध बने। अगर उन्होंने हिंदू धर्म छोड़ दिया, तो वे कैसे दलित रहे?” उन्होंने खुद की जाति स्पष्ट नहीं बताई लेकिन कहा कि “शायद मैं भी दलित हूं।”
#WATCH | Delhi: On uproar over his object-hurling attempt at CJI BR Gavai, who is a Dalit, suspended Advocate Rakesh Kishore says, “…My name is Dr Rakesh Kishore. Can someone tell my caste? Maybe I am a Dalit too. It is one-sided that you are taking advantage of the fact that… pic.twitter.com/0y3STytKxk
— ANI (@ANI) October 7, 2025
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई के दौरान राकेश किशोर ने अचानक सीजेआई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया। CJI BR गवई ने उदारता दिखाते हुए उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं कराया।
इस घटना के बाद से सुप्रीम कोर्ट परिसर में सुरक्षा और अनुशासन पर सख्त नजर रखी जा रही है। वहीं, राकेश किशोर के बयान ने न्यायिक व्यवस्था और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर नई बहस छेड़ दी है।
छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें – https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v
साथ ही हमारे Facebook पेज से जुड़े – https://www.facebook.com/profile.php?id=61579881036814



Recent Comments