Red Room Techno Party Controversy: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर प्रचारित की जा रही कथित “Red Room Techno Party” को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी के प्रमोशनल वीडियो में कथित तौर पर नाबालिग लड़कियों का इस्तेमाल किए जाने और वीडियो को भड़काऊ एवं अश्लील अंदाज में पेश करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर शहरभर में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस तरह के आयोजनों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने भी पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया प्रचार पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक “Red Room Techno Party” नाम से एक इवेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रमोट किया जा रहा था। आरोप है कि वीडियो में बोल्ड विजुअल्स और आपत्तिजनक प्रस्तुति के जरिए युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश की गई।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि प्रचार सामग्री में नाबालिग लड़कियों को शामिल किया गया। इसके बाद लोगों ने इस तरह के कंटेंट पर सवाल उठाते हुए इसे सामाजिक और नैतिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
नशे और रेव पार्टी संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोप
सूत्रों के अनुसार इस आयोजन को कथित तौर पर रेव पार्टी की तर्ज पर आयोजित करने की तैयारी थी। आरोप है कि पार्टी में नशे से जुड़ी गतिविधियां भी हो सकती हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्टर के बाद विवाद और बढ़ गया है।
लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों के जरिए युवाओं को गलत दिशा में प्रभावित किया जा रहा है। कई सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
टिकट दरों ने भी खड़े किए सवाल
बताया जा रहा है कि पार्टी के लिए अलग-अलग श्रेणी की टिकटें रखी गई थीं। इनमें ₹8 हजार से लेकर ₹40 हजार तक की एंट्री फीस शामिल थी।
इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कलाकारों से मिलने और विशेष वीआईपी एक्सेस के लिए अलग से शुल्क लिया जा रहा था। इतनी महंगी टिकटिंग व्यवस्था और प्रचार के तरीके ने आयोजन की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
“फर्जी कैफे” में आयोजन की चर्चा
जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम शुक्रवार शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक कथित तौर पर “फर्जी कैफे” नामक स्थान पर आयोजित किया जाना था। हालांकि आयोजन को लेकर प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों के लिए प्रशासन को पहले से सख्त निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले को लेकर पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। ACP रमाकांत साहू ने कहा कि पुलिस को इस आयोजन की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल प्रचार सामग्री की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार यदि जांच में किसी प्रकार की अश्लीलता, अवैध गतिविधि या कानून का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं ऐसे आयोजन
रायपुर में सोशल मीडिया आधारित इवेंट्स को लेकर यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले “Stranger Meetup” नामक कार्यक्रम को लेकर भी बड़ा विवाद हुआ था। उस समय भी आयोजन के प्रचार और गतिविधियों पर सवाल उठे थे।
बजरंग दल और अन्य संगठनों के विरोध के बाद पुलिस ने तेलीबांधा क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यक्रम को रद्द करा दिया था। अब “Red Room Techno Party” विवाद के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया इवेंट्स की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
युवाओं पर प्रभाव को लेकर चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने वाले इस तरह के प्रचार युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। खासकर जब कंटेंट में भड़काऊ प्रस्तुति, ग्लैमर और विवादित गतिविधियों को आकर्षक तरीके से दिखाया जाए।
अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से ऐसे आयोजनों की निगरानी बढ़ाने और नाबालिगों के इस्तेमाल पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स, आयोजकों और प्रचार सामग्री की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
इस विवाद ने रायपुर में पार्टी संस्कृति, सोशल मीडिया प्रचार और युवाओं की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




