Friday, March 27, 2026
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Raipur Skywalk Project: 37 करोड़ का शास्त्री चौक प्रोजेक्ट लटका, 8 महीने का वादा टूटा; लटकते स्ट्रक्चर से हादसे का खतरा

रायपुर | Urban Development / Infrastructure

Raipur Skywalk Project: राजधानी Raipur के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल Shastri Chowk पर बन रहा 37 करोड़ रुपये का स्काई वॉक प्रोजेक्ट तय समयसीमा के बाद भी अधूरा है। आठ महीने में पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन 10 महीने बीतने के बाद भी काम अधर में लटका हुआ है।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कई जगहों पर अधूरे और लटकते स्ट्रक्चर लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनते जा रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।


10 महीने बाद भी आधा-अधूरा काम

इस स्काई वॉक प्रोजेक्ट की शुरुआत मई में हुई थी और पीडब्ल्यूडी ने इसे आठ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन वर्तमान स्थिति में केवल गर्डर और बीम ही लगाए जा सके हैं।

कचहरी चौक, Ambedkar Hospital Chowk और शास्त्री चौक पर लोहे के ढांचे तो खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन सीढ़ियां, पिलर और अन्य जरूरी निर्माण कार्य अभी तक शुरू भी नहीं हो पाए हैं।


लटकते स्ट्रक्चर से बढ़ा खतरा

कई स्थानों पर पुराने और नए स्ट्रक्चर हवा में लटके हुए नजर आ रहे हैं। तेज हवा या किसी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में इनके गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और जल्द निर्माण पूरा करने की मांग की है।


क्या है स्काई वॉक प्रोजेक्ट?

यह स्काई वॉक करीब 1.5 किलोमीटर लंबा होगा, जिसका उद्देश्य शहर के व्यस्त इलाकों में पैदल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता देना है।

यह प्रोजेक्ट DKS Hospital से Ambedkar Hospital Raipur तक बनाया जा रहा है, जिससे मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे तक पहुंचने में आसानी होगी।

इसके अलावा यह स्काई वॉक Jaistambh Chowk, शहीद स्मारक, तहसील कार्यालय और कलेक्ट्रेट को भी जोड़ेगा।


37 करोड़ से ज्यादा की लागत

इस परियोजना की कुल लागत करीब ₹37.75 करोड़ है, जो शुरुआती अनुमान से लगभग 20% ज्यादा है। निर्माण का जिम्मा PSS Construction Private Limited को दिया गया है।


2016 से लटका हुआ है प्रोजेक्ट

इस स्काई वॉक की कहानी काफी पुरानी है। 2016-17 में इसकी शुरुआत हुई थी और उस समय करीब 70% काम भी पूरा हो चुका था।

लेकिन 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद काम रोक दिया गया। कई सालों तक प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में रहा। हाल ही में इसे फिर से शुरू किया गया, लेकिन अब भी काम की रफ्तार बेहद धीमी है।


अभी कहां-कहां काम बाकी?

  • कलेक्ट्रेट और जिला कोर्ट दिशा में 3 एग्जिट प्वाइंट अधूरे

  • डीकेएस से आंबेडकर अस्पताल तक का हिस्सा बंद

  • एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने का काम शुरू नहीं

  • जयस्तंभ चौक और शहीद स्मारक की ओर अधूरा निर्माण


ट्रैफिक बना देरी की वजह

Public Works Department (PWD) के अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में भारी ट्रैफिक के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ट्रैफिक को वन-वे कर काम तेज करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद प्रगति धीमी बनी हुई है।


स्काई वॉक से क्या बदलना था?

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य शहर में ट्रैफिक दबाव कम करना और पैदल यात्रियों को सुरक्षित रास्ता देना था।

योजना के अनुसार, जयस्तंभ चौक और कलेक्ट्रेट की ओर आने वाले वाहन मल्टीलेवल पार्किंग में खड़े होंगे और लोग स्काई वॉक के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।


इंजीनियरों की चेतावनी: अभी और लगेगा समय

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गति को देखते हुए प्रोजेक्ट को पूरा होने में अभी 7-8 महीने और लग सकते हैं।


आम जनता के लिए क्या मायने?

यह प्रोजेक्ट जहां शहर के ट्रैफिक और पैदल यातायात को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है, वहीं इसकी धीमी गति और अधूरे ढांचे लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।

अब सवाल यही है कि क्या प्रशासन समय रहते इसे पूरा कर पाएगा या यह प्रोजेक्ट फिर से लंबित ही रह जाएगा।

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Sarthak Bohidar
Sarthak Bohidarhttp://www.cginsights.in
Journalist and content professional based in India. I write clear, people-first stories across news, media, and digital platforms.
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