Railway Employee Update: देशभर के रेलवे कर्मचारियों और संविदा पर कार्यरत कर्मियों के लिए पहचान व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब सभी नियमित और संविदा रेलकर्मियों को क्यूआर कोड आधारित नया पहचान पत्र जारी किया जाएगा। रेलवे बोर्ड का इस संबंध में आदेश दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सहित सभी जोनों को प्राप्त हो चुका है, जिसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह नई व्यवस्था रेलवे परिसरों की सुरक्षा बढ़ाने, पहचान सत्यापन को सरल बनाने और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।
रेलवे बोर्ड ने दिए सख्त निर्देश
रेलवे बोर्ड की प्रधान कार्यकारी निदेशक रेणु शर्मा ने सभी रेलवे जोनों को निर्देश दिए हैं कि क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र प्रणाली को शीघ्र लागू किया जाए। आदेश में कहा गया है कि सभी नियमित कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के लिए यह पहचान पत्र अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी स्तर पर पहचान से जुड़ी भ्रम या सुरक्षा चूक की संभावना न रहे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पहचान पत्र पूरी तरह डिजिटल डेटाबेस से जुड़ा होगा, जिससे किसी भी कर्मचारी की जानकारी तुरंत सत्यापित की जा सकेगी।
नियमित और संविदा कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्ड
नई व्यवस्था के तहत रेलवे ने पहचान पत्रों के रंग भी तय कर दिए हैं।
नियमित रेलकर्मियों को पीले रंग का पहचान पत्र जारी किया जाएगा, जबकि संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नारंगी रंग का पहचान पत्र मिलेगा।
संविदा कर्मियों के लिए यह कार्ड केवल पहचान पत्र ही नहीं, बल्कि कार्यालय परिसर और रेलवे कार्यस्थलों में प्रवेश का अधिकृत दस्तावेज भी माना जाएगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन कर्मचारी स्थायी है और कौन संविदा पर कार्यरत है।
क्यूआर कोड से तुरंत मिलेगी पूरी जानकारी
नए पहचान पत्र में लगा क्यूआर कोड स्कैन करते ही कर्मचारी से जुड़ी जरूरी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो जाएगी। इसमें कर्मचारी का नाम, पद, विभाग, कार्यस्थल और संविदा कर्मियों के मामले में कार्य अवधि जैसी जानकारियां शामिल होंगी।
इससे सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों को किसी भी समय पहचान सत्यापित करने में आसानी होगी और फर्जी पहचान या अनधिकृत प्रवेश की संभावनाएं कम होंगी।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। बड़े रेलवे स्टेशनों, कार्यालय परिसरों और संवेदनशील क्षेत्रों में पहचान सत्यापन को लेकर लंबे समय से एक समान प्रणाली की जरूरत महसूस की जा रही थी।
क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र से प्रवेश व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि केवल अधिकृत कर्मचारी ही कार्यस्थल में प्रवेश कर रहे हैं।
डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन होगा आसान
नई पहचान प्रणाली से रेलवे के रिकॉर्ड प्रबंधन में भी बड़ा सुधार आएगा। कर्मचारियों का डेटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहने से ट्रांसफर, पदस्थापना, संविदा नवीनीकरण और सेवा से जुड़ी अन्य प्रक्रियाएं आसान हो जाएंगी।
अधिकारियों के अनुसार, इससे मैनुअल रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होगी और प्रशासनिक कार्यों में समय की बचत होगी।
देशभर में एक समान व्यवस्था लागू
इस नई व्यवस्था की सबसे अहम बात यह है कि इसे देशभर के सभी रेलवे जोनों में एक साथ लागू किया जा रहा है। इससे हर जोन में कर्मचारियों के लिए एक समान पहचान प्रणाली सुनिश्चित होगी।
रेलवे प्रबंधन का मानना है कि एकीकृत पहचान प्रणाली से कर्मचारियों की सुविधा बढ़ेगी और कार्यक्षमता में भी सुधार देखने को मिलेगा।
कर्मचारियों को मिलेगा सुगम और सुरक्षित प्रवेश
रेलवे कर्मचारियों के लिए यह नई व्यवस्था कई मायनों में फायदेमंद साबित होगी। डिजिटल पहचान पत्र के माध्यम से उन्हें कार्यालय और कार्यस्थलों में सुगम प्रवेश मिलेगा, वहीं सुरक्षा जांच के दौरान अनावश्यक देरी से भी राहत मिलेगी।
रेलवे का दावा है कि यह कदम न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम है, बल्कि भविष्य में रेलवे को पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित प्रणाली की ओर ले जाने में भी मददगार होगा।
छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें – https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v
साथ ही हमारे Facebook पेज से जुड़े – https://www.facebook.com/profile.php?id=61579881036814



Recent Comments