Raigarh News: दक्षिण चक्रधर नगर अतरमुड़ा, अंबेडकर चौक में शनिवार की शाम भक्ति, उत्साह और सौगातों से सराबोर रही। “मां का बंपर उपहार कार्यक्रम” इस बार और भी भव्य और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुआ। वर्ष 1973 से लगातार आयोजित हो रहे इस आयोजन ने रायगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के रूप में अपनी मजबूत जगह बना ली है। मां के दरबार में इस बार श्रद्धालुओं पर अमृतधारा की तरह उपहारों की वर्षा हुई और पूरा परिसर जय माता दी के नारों से गूंज उठा।

भक्ति संध्या से हुई शुरुआत, उमड़ा जनसैलाब
कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध भजन गायक देवेश शर्मा की भक्ति संध्या से हुई। उनके भजनों — “जय मां दुर्गे”, “तेरी महिमा अपरंपार” — ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। मां दुर्गा के भक्तों ने दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके बाद मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने लॉटरी ड्रॉ प्रक्रिया की शुरुआत की। मंच पर महापौर जीवर्धन चौहान, गुरुपाल भल्ला, सुनील लेंध्रा, दीपक पांडेय, हेमंत थवाईत, राजेंद्र पांडेय, लालमणि त्रिपाठी और डॉ. दिनेश पटेल सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
पूर्ण पारदर्शिता के साथ निकाली गई पर्चियां
इस वर्ष निर्णायक समिति में श्रीकांत सोमावार, नवीन शर्मा, डॉ. जयश्री पटेल, जानकी काटजू, लोकनाथ केसरवानी, मंजुल दीक्षित और अरुण कातोरे शामिल रहे। विजेताओं का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया। इस वर्ष विशेष पहल के रूप में महिलाओं और बच्चों को भी पर्ची निकालने का अवसर दिया गया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह दोगुना हो गया।
गौतम चौधरी (उत्तम इंटरनेशनल स्कूल एवं कॉलेज), मित्रमणि त्रिपाठी (भाजपा नेता), विकास ठेठवार (पार्षद), रामजाने भारद्वाज (पार्षद प्रतिनिधि), सौरभ अग्रवाल (कांग्रेस नेता), अजय मिश्रा (पार्षद), केशव जायसवाल (पार्षद प्रतिनिधि) और नरेंद्र ठेठवार (भाजपा नेता) की मौजूदगी में ड्रा की प्रक्रिया सम्पन्न हुई।
टाटा पंच बनी मां का बंपर उपहार
इस बार के प्रथम पुरस्कार टाटा पंच कार रही, जिसे जीतकर दिव्यांश मेरावी (चक्रधर नगर) का चेहरा खुशी से खिल उठा। कार की चाबी उन्हें स्वयं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भेंट की।
दूसरा पुरस्कार बुलेट मोटरसाइकिल जगदीश गुप्ता (गांजा चौक) को मिला, जबकि तीसरा पुरस्कार एक्टिवा स्कूटी विनय पटेल (छुहीपाली) और अर्णव सा (बिलाईगढ़, ओडिशा) के नाम रहा।
इसके अलावा फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी, कूलर, ट्रॉली बैग, मिक्सर ग्राइंडर और चांदी के सिक्के जैसे 89 से अधिक पुरस्कार विजेताओं को दिए गए। हर बार की तरह इस बार भी ड्रॉ की पूरी प्रक्रिया लाइव की गई ताकि किसी भी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दी संस्कृति संरक्षण की सीख

मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा —
“किसी भी देश की जड़ों की मजबूती के लिए उसकी संस्कृति का संरक्षण सबसे आवश्यक है। समाज के सामूहिक प्रयास से ही यह संभव है। दक्षिण चक्रधर नगर दुर्गा पूजा समिति इस दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रही है।”
उन्होंने रायगढ़ के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि दक्षिण चक्रधर नगर का दुर्गा पूजन रायगढ़ की पहचान बन चुका है, जिसकी भव्यता की चर्चा पूरे प्रदेश में होती है। उन्होंने समिति के संरक्षक आशीष ताम्रकार और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
समिति ने जताया आभार
समिति के संरक्षक आशीष ताम्रकार ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि —
“यह आयोजन केवल उपहार बांटने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और पारदर्शिता का प्रतीक है। मां दुर्गा की कृपा से आने वाले वर्षों में यह आयोजन और भी भव्य रूप लेगा।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश त्रिपाठी ने की और मंच संचालन भी उन्होंने ही किया। समर्पण सेवा समिति के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और अनुशासित तरीके से संपन्न कराया।
भक्तों में छाई उल्लास की लहर

शहर भर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पूरे आयोजन का आनंद लिया। पंडाल में माता रानी के जयकारे गूंजते रहे और बच्चों ने उत्साह के साथ पुरस्कार प्रक्रिया में भाग लिया। विजेताओं के नाम घोषित होते ही पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपक पांडे ने समिति को बधाई देते हुए कहा कि, “यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक एकता का भी उदाहरण है।” उन्होंने युवाओं से नशा मुक्ति और समाज सेवा की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
सीधा प्रसारण और ऑनलाइन दर्शक
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हर्ष चैनल और छत्तीसगढ़ नाउ के माध्यम से किया गया, जिससे हजारों श्रद्धालुओं ने घर बैठे मां के दरबार की इस भक्ति संध्या और सौगात समारोह का आनंद उठाया। आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी।
धार्मिकता और सामाजिक एकता का संगम

“मां का बंपर उपहार कार्यक्रम” अब केवल एक लॉटरी आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह आस्था, पारदर्शिता और समाजसेवा का प्रतीक बन चुका है। इस आयोजन के माध्यम से समिति हर वर्ष भक्तों को सामाजिक और धार्मिक एकता का संदेश देती है।
संस्कृति और समाज को जोड़ने वाला यह उत्सव रायगढ़ की पहचान बन गया है। यहां न केवल उपहारों की सौगातें बरसती हैं, बल्कि मां दुर्गा के आशीर्वाद से भक्ति, उल्लास और प्रेम की वर्षा भी होती है।
निष्कर्ष
इस वर्ष का “मां का बंपर उपहार कार्यक्रम” रायगढ़ की धार्मिक परंपरा का स्वर्णिम अध्याय साबित हुआ।
जहां भक्ति और भाग्य का संगम, सौगातों और सद्भाव का मिलन, तथा संस्कृति और समर्पण की मिसाल देखने को मिली।
रायगढ़ के लोग गर्व से कहते हैं — “मां के दरबार में जो भी आता है, खाली नहीं जाता।”
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