रायगढ़। बैल चराने को लेकर हुए विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। रत्तूलाल चौहान ने अपने पिता के मामा राम चौहान की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई। अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा के न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
घटना का विवरण
अभियोजन के अनुसार, घटना 2 दिसंबर 2022 की है। ग्राम बांसडांड निवासी राम चौहान (मृतक) ने बैल चराने से मना किया था। इसी बात से नाराज होकर 25 वर्षीय रत्तूलाल चौहान ने उनके साथ हाथ, मुक्का और लातों से मारपीट की और जमीन पर घसीटते हुए गंभीर चोटें पहुंचाई।
3 दिसंबर की दोपहर गांव वालों ने मृतक के रिश्तेदार कांशीराम चौहान को फोन पर जानकारी दी। जब वह नवीन कुंजारा गांव पहुंचे, तो राम चौहान खाट पर घायल अवस्था में मिले। पूछताछ में उन्होंने बताया कि रत्तूलाल ने बैल चराने को लेकर हमला किया।
अगली सुबह, 4 दिसंबर, राम चौहान की मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट लैलूंगा थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस जांच के बाद आरोपी पर धारा 302 आईपीसी के तहत चालान प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय का फैसला
सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने रत्तूलाल चौहान को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, 1,000 रुपये अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड न भरने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
इस मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक राजेश ठाकुर ने की।





