चार दिन तक चलेगा महोत्सव
आयोजन समिति के अनुसार, 31 अगस्त से शुरू होकर 3 सितंबर तक चलने वाले इस महोत्सव का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, कथा और सनातन संस्कृति से जोड़ना है।
चारों दिन कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। कथा और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी आयोजन का हिस्सा बनाया गया है, जिससे बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए भी यह आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेगा।
वृंदावन से आएंगी राधा किशोरी जी
महोत्सव में वृंदावन से राधा किशोरी जी विशेष रूप से शामिल होंगी। उनके सानिध्य में भक्तों को धार्मिक कथा और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव मिलेगा।
आयोजकों के मुताबिक, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्ति से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार और जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और आध्यात्मिक चिंतन का अवसर रहेगा।
फूलों की होली और इत्र वर्षा
महोत्सव के दौरान धार्मिक वातावरण को उत्सव के रंग में सजाने के लिए कई विशेष कार्यक्रम रखे गए हैं। इनमें फूलों की होली और इत्र वर्षा प्रमुख आकर्षण होंगे।
फूलों की होली के दौरान श्रद्धालु भक्ति और उल्लास के माहौल में शामिल होंगे। वहीं इत्र वर्षा के जरिए आयोजन स्थल पर उत्सवी वातावरण बनाने की तैयारी है।
इन कार्यक्रमों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़े भजनों और अन्य धार्मिक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।
नाटिका और मयूर नृत्य भी होगा
धार्मिक कथा के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी महोत्सव में विशेष स्थान दिया गया है। प्रतिदिन नित्य नाटिका और मयूर नृत्य जैसे कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
इन प्रस्तुतियों के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजकों का मानना है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी भारतीय परंपराओं और धार्मिक कथाओं से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
परिवार सहित शामिल होने की अपील
आयोजन समिति ने रायगढ़ शहर और आसपास के क्षेत्रों के धर्मप्रेमी नागरिकों से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
विशेष रूप से माताओं-बहनों, युवाओं और बच्चों को परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंचने का आग्रह किया गया है। समिति के अनुसार, यह आयोजन केवल धार्मिक कथा तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार के साथ समय बिताने और संस्कार एवं संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेगा।
चार दिनों तक चलने वाले आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए भक्तिमय वातावरण तैयार करने की व्यवस्था की जा रही है।
भक्ति के साथ संस्कारों का संदेश
आयोजकों ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में परिवार और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से महोत्सव में धार्मिक कथा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को शामिल किया गया है।
भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, उनके जीवन प्रसंग और सनातन परंपराओं से जुड़े संदेशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चिंतन का अवसर मिलेगा।
आयोजन समिति इसे परिवार, भक्ति और संस्कारों को एक साथ जोड़ने वाला कार्यक्रम बता रही है।
कोतरा रोड बायपास में होगा आयोजन
चार दिवसीय महोत्सव का आयोजन होटल ट्रिनिटी, कोतरा रोड बायपास, रायगढ़ में किया जाएगा। प्रतिदिन कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शुरू होंगे और शाम 7 बजे तक चलेंगे।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से समय निकालकर निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचने की अपील की है, ताकि वे कथा और सभी प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।




