Friday, March 27, 2026
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Raigarh News: अवैध कब्जे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, SDM दुर्गा प्रसाद अधिकारी के निर्देश पर राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई

Raigarh News। दीपावली से पहले रायगढ़ जिले के घरघोड़ा तहसील के ग्राम भालूमार में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई का नेतृत्व SDM (IAS) दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने किया, जिनके निर्देश पर राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाया और भूमि को मुक्त कराया। इस कार्रवाई से गांव में संतोष और हर्ष का माहौल है, वहीं ग्रामीणों ने SDM के तत्पर और न्यायप्रिय कदम की खुले दिल से सराहना की है।


ग्रामीणों की शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई

ग्राम भालूमार के सरपंच श्रीमती रूपा बाई राठिया, उपसरपंच डोल कृष्ण पटेल, ग्राम पटेल प्रकाश कुमार पंडा, पूर्व उपसरपंच राजेश देवता, ग्रामीण प्रतिनिधि पुरुषोत्तम पटेल और ग्राम चौकीदार सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देकर शिकायत की थी। आवेदन में बताया गया था कि ग्राम भालूमार प.ह.न. 21 में खसरा क्रमांक 47/1, रकबा 0.518 हेक्टेयर, जो “छोटे-बड़े झाड़-जंगल मद” में दर्ज शासकीय भूमि है, उस पर अवैध कब्जा किया गया है।

ग्रामीणों ने इस कब्जे से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान बताया, बल्कि यह भी कहा कि इससे गांव के सार्वजनिक रास्ते और आवागमन के मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। ग्रामीणों ने यह शिकायत दीपावली से पहले की थी ताकि त्योहार के समय गांव में कोई विवाद या अवरोध न रहे।


SDM दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने दिए तुरंत निर्देश

ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए SDM दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने नायब तहसीलदार सहोदर राम पैंकरा को मौके की जांच के निर्देश दिए। SDM ने साफ निर्देश दिए कि जांच दो दिनों के भीतर पूरी की जाए और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

जांच दल ने जब मौके का निरीक्षण किया तो पाया कि शिकायत सत्य है और भूमि पर अवैध रूप से घेराव कर कब्जा कर लिया गया है। कब्जाधारी को नोटिस जारी किया गया, लेकिन उसने कब्जा नहीं छोड़ा। इसके बाद प्रशासन ने 24 अक्टूबर 2025 को कार्रवाई करने का निर्णय लिया।


मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला

निर्धारित तिथि को राजस्व अमला, पुलिस विभाग और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम भालूमार पहुंची। SDM के निर्देश पर कार्रवाई का नेतृत्व नायब तहसीलदार सहोदर राम पैंकरा ने किया। टीम ने अवैध रूप से बनाए गए तार-घेराव को जमींदोज किया और भूमि को मुक्त कराया।

इस दौरान गांव के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। ग्रामीणों ने बताया कि यह कब्जा लंबे समय से उनके सार्वजनिक रास्ते पर बाधा बना हुआ था। कार्रवाई के बाद अब यह रास्ता फिर से सुगम और खुला हो गया है।


सार्वजनिक मार्ग हुआ मुक्त — ग्रामीणों को मिली राहत

जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम बजरमुड़ा निवासी श्रीमती निशा पटेल (पति कन्हैया पटेल) ने कुछ महीने पहले भालूमार निवासी सरोज पंडा (पिता अर्जुन पंडा) से भूमि खरीदी थी। खरीदी गई भूमि के पीछे 15 फीट चौड़ा सार्वजनिक मार्ग था, जिससे ग्रामीणों का आवागमन होता था।

लेकिन उक्त भूमि के साथ लगे शासकीय भूभाग (खसरा नंबर 122/1) पर भी स्थायी तार लगाकर कब्जा कर लिया गया था। इस कारण ग्रामीणों का रास्ता बंद हो गया और आवागमन बाधित हो गया। कई बार ग्रामीणों ने पंचायत और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं मिला। आखिरकार, जब मामला SDM दुर्गा प्रसाद अधिकारी तक पहुंचा, तो उन्होंने त्वरित निर्णय लेते हुए न्याय दिलाया


प्रशासन की निष्पक्ष कार्रवाई से बनी मिसाल

24 अक्टूबर को हुई इस कार्रवाई से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भरोसा और विश्वास दोबारा मजबूत हुआ है। गांव के बुजुर्गों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि SDM दुर्गा प्रसाद अधिकारी जैसे अधिकारी ही जनता के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हैं और न्याय दिलाने की वास्तविक भावना रखते हैं।

ग्रामीण राजेश देवता ने कहा, “हमने कई बार आवेदन दिया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जब मामला SDM साहब तक पहुंचा, उन्होंने खुद गंभीरता से लेकर जमीन को मुक्त कराया। हम उनके आभारी हैं।”

वहीं सरपंच रूपा बाई राठिया ने कहा, “दीपावली से पहले यह कदम हमारे लिए सबसे बड़ा तोहफा है। अब रास्ता खुल गया है, जिससे गांव के सभी लोग खुश हैं।”


प्रशासनिक पारदर्शिता और संवेदनशीलता का उदाहरण

SDM दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने इस कार्रवाई को लेकर स्पष्ट कहा कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगे भी ऐसी शिकायतें मिलें तो तुरंत जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान त्वरित और निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा ताकि जनता को न्याय समय पर मिल सके।


निष्कर्ष

भालूमार गांव की यह कार्रवाई प्रशासनिक तत्परता, पारदर्शिता और कानून व्यवस्था के सख्त पालन की एक उदाहरणात्मक मिसाल बन गई है। ग्रामीणों को वर्षों पुरानी परेशानी से राहत मिली है और अब यह भूमि फिर से शासकीय उपयोग के लिए सुरक्षित है।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि जब प्रशासन और जनता एक साथ मिलकर अन्याय के खिलाफ खड़े होते हैं, तो अवैध कब्जे और भ्रष्टाचार जैसी प्रवृत्तियों पर लगाम लगाना संभव है।

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