Friday, March 27, 2026
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Raigarh News: संघ शताब्दी वर्ष में युग प्रवर्तक डॉक्टर हेडगेवार की जीवनी का भव्य नाट्य मंचन संपन्न

Raigarh News:  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार को नगर के पंजीरी प्लांट स्थित नगर निगम ऑडिटोरियम में संघ संस्थापक आदि सरसंघचालक युग प्रवर्तक डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार की जीवनी पर आधारित भव्य नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम समर्पण सेवा समिति रायगढ़ द्वारा संस्कृति मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन के सौजन्य से संपन्न हुआ।

ढाई घंटे से अधिक चले इस नाट्य मंचन ने न केवल दर्शकों को बांधे रखा, बल्कि डॉ. हेडगेवार के संघर्षपूर्ण जीवन, राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान की झलक प्रस्तुत की। इस अवसर पर रायगढ़ शहर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, प्रबुद्धजन, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल खचाखच भरा हुआ था, और दर्शकों ने हर दृश्य पर तालियों की गूंज से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।


नाट्य मंचन में दिखी युग प्रवर्तक की प्रेरक गाथा

इस नाट्य मंचन में डॉ. हेडगेवार के जीवन के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। 19वीं सदी के भारत में राष्ट्रीय चेतना के उदय से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका तक की कहानी मंच पर दिखाई गई।
नाटक की शुरुआत उस दौर से होती है जब भारत अंग्रेजी शासन की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था और देश में स्वतंत्रता की लहर धीरे-धीरे आकार ले रही थी।

डॉ. हेडगेवार के बाल्यकाल से लेकर कांग्रेस के गरम दल में उनकी सक्रिय भागीदारी, महात्मा गांधी के नेतृत्व में चले अहिंसात्मक आंदोलन से वैचारिक मतभेद और अंततः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना तक के प्रसंगों को बेहद सशक्त और भावनात्मक तरीके से दर्शाया गया।

लेखक डॉ. अजय प्रधान, निर्माता पद्माकर धानोरकर और निर्देशक सुबोध सुर्जिकर ने कहानी को इस तरह मंचित किया कि दर्शक भाव-विभोर हो उठे। संगीत संयोजन शैलेश दाणी का रहा, जिन्होंने अपने संगीत से हर दृश्य को जीवंत बना दिया। मंच पर प्रकाश व्यवस्था, संवाद प्रस्तुति और वेशभूषा ने नाटक को ऐतिहासिक गहराई दी।


गौरवपूर्ण उपस्थिति और विशिष्ट अतिथि

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर जीवर्धन चौहान, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, प्रांत कार्यवाह चंद्रशेखर देवांगन, विभाग संघचालक विजय शंकर पटनायक, जिला संघचालक डॉ. प्रकाश मिश्रा, और समर्पण सेवा समिति अध्यक्ष डॉ. बी.आर. पटेल उपस्थित रहे।

अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और कलाकारों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. हेडगेवार का जीवन भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने बताया कि हेडगेवार जी ने भारत की एकता, आत्मनिर्भरता और संगठन की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।

महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा, “आज का यह आयोजन न केवल एक नाटक है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक चेतना को पुनर्जीवित करने का माध्यम है। ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।”


डॉ. हेडगेवार: एक युग प्रवर्तक व्यक्तित्व

 

डॉ. हेडगेवार ने 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ा। नाटक में यह भी दिखाया गया कि कैसे उन्होंने भारत की सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक एकता को सशक्त बनाने के लिए युवाओं को संगठित किया।

उनका यह विश्वास था कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है, और जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक स्वतंत्रता और विकास संभव नहीं। यही संदेश इस नाट्य मंचन के माध्यम से दर्शकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया गया।


दर्शकों की भावनात्मक प्रतिक्रिया

 

दर्शकों ने कहा कि यह नाट्य मंचन केवल मनोरंजन नहीं था, बल्कि राष्ट्रभक्ति और वैचारिक जागृति का संदेश लेकर आया।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में संगठन और देशभक्ति की भावना को बल मिलता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी दर्शक खड़े होकर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से सभागार गूंज उठा। कलाकारों को तालियों की गूंज के बीच सम्मानित किया गया।


आयोजन की विशेषताएँ

  • कार्यक्रम का संचालन शांतिकुंज हरिद्वार के प्रज्ञा परिवार के सहयोग से हुआ।

  • मंच सज्जा में राष्ट्रध्वज, संघ ध्वज और भारत माता की प्रतिमा स्थापित की गई थी।

  • आयोजन में शहर के प्रमुख स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी भी आमंत्रित थे।

  • पूरे आयोजन में “स्वावलंबी भारत – संगठित समाज” का संदेश केंद्र में रहा।


संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर आगे भी होंगे आयोजन

समर्पण सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. पटेल ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आगामी महीनों में सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों का बोध होता है।

प्रांत कार्यवाह चंद्रशेखर देवांगन ने कहा कि “संघ कोई संगठन मात्र नहीं, बल्कि एक विचारधारा है जो मानव सेवा, राष्ट्र भक्ति और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने का प्रयास करती है।”


सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रनिर्माण का संदेश

 

नाट्य मंचन का समापन “एक संगठित भारत, एक समृद्ध भारत” के संदेश के साथ हुआ। कलाकारों ने बताया कि डॉ. हेडगेवार का सपना एक ऐसे भारत का था जहां समाज के हर वर्ग में समानता, अनुशासन और सेवा की भावना हो।

इस आयोजन ने उस संदेश को जीवंत कर दिया। रायगढ़वासियों ने इस नाट्य प्रस्तुति को “संघ के शताब्दी वर्ष का सबसे प्रेरक कार्यक्रम” बताया।


निष्कर्ष

डॉ. हेडगेवार पर आधारित यह नाट्य मंचन रायगढ़ के सांस्कृतिक इतिहास में एक यादगार आयोजन बन गया। इसने न केवल संघ संस्थापक के विचारों को पुनर्जीवित किया, बल्कि दर्शकों के मन में देशभक्ति, संगठन और सेवा के भाव को गहराई से स्थापित किया।

यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि आज भी समाज में डॉ. हेडगेवार के विचार जीवित हैं और आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

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