3 माह की गर्भवती थी महिला
जानकारी के मुताबिक मामला अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर स्थित ग्राम भिट्ठीकला के सेमरघाट का है। यहां रहने वाले प्रदीप अगरिया ने करीब 8 वर्ष पहले 15 वर्षीय हीरा बाई से प्रेम विवाह किया था। दोनों के चार बच्चे हैं। बताया जा रहा है कि मृतका हीरा बाई इस समय तीन माह की गर्भवती थी।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार आरोपी प्रदीप शराब पीने का आदी था और आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। 14 मई की दोपहर भी वह शराब के नशे में घर पहुंचा और किसी बात को लेकर पत्नी से विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और उसने पत्नी पर हमला कर दिया।
बच्चों के सामने बेरहमी से पीटता रहा आरोपी
बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में उनके मासूम बच्चे भी मौजूद थे। आरोपी ने पत्नी को डंडे और पत्थर से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह महिला को घसीट-घसीटकर मारता रहा। बड़ी बेटी लगातार पिता से मां को छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा।
मारपीट के दौरान महिला गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गई और बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद भी आरोपी की हैवानियत खत्म नहीं हुई। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि महिला के साथ बेहद क्रूर व्यवहार किया गया था।
अस्पताल में शव छोड़कर भागा आरोपी
शाम के समय आरोपी बेहोश पड़ी पत्नी को बाइक पर बैठाकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचा। उसने महिला को कमर में गमछे से बांध रखा था ताकि वह गिर न सके। अस्पताल पहुंचने पर आरोपी ने डॉक्टरों को बताया कि उसकी पत्नी सड़क हादसे में घायल हुई है।
हालांकि जांच के बाद डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। पत्नी की मौत की पुष्टि होते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। अस्पताल प्रबंधन की सूचना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पोस्टमार्टम में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
15 मई को पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी के घर पहुंची। वहां खून के धब्बे और घसीटने के निशान मिले। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर उस समय हैरान रह गए जब महिला के शरीर पर गंभीर चोटों के अलावा उसके प्राइवेट पार्ट में लोहे की लंबी रेती जैसी वस्तु मिली। रिपोर्ट के अनुसार महिला के शरीर पर करीब 16 गंभीर चोटों के निशान पाए गए। इस खुलासे के बाद मामला और भी गंभीर हो गया।
डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला अत्यंत क्रूर और अमानवीय हिंसा का प्रतीक है। घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
पुलिस ने आरोपी को दबोचा
घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस और साइबर सेल की टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार रविवार को पुलिस ने आरोपी को शहर से लगे ग्राम खैरबार स्थित गंझाडांड़ डेम के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
इलाके में आक्रोश, लोगों ने उठाए सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरेलू हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और समय रहते हस्तक्षेप नहीं होने के कारण कई महिलाएं हिंसा का शिकार हो रही हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर भी ठोस कदम उठाए जाएं।
यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती क्रूरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। खासकर तब, जब मासूम बच्चों के सामने इस तरह की वारदात अंजाम दी गई हो।
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