Political News: कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने शुक्रवार को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ चल रही कथित बदनाम करने की कोशिशों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। जवाहर भवन में Nehru Centre India के लॉन्च समारोह में बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू की विरासत को तोड़-मरोड़कर पेश करने और मिटाने के लिए जानबूझकर अभियान चलाया जा रहा है, जो भारतीय गणराज्य की नींव को कमजोर करने की एक बड़ी साज़िश का हिस्सा है।
नेहरू को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश
सोनिया गांधी ने कहा कि कुछ राजनीतिक शक्तियाँ ऐसी विचारधारा में भरोसा रखती हैं जिनका भारत की स्वतंत्रता आंदोलन या संविधान निर्माण में कोई योगदान नहीं था। उन्होंने कहा कि ये वही ताकतें हैं जिन्होंने समाज में नफरत फैलाई, और इसी माहौल ने महात्मा गांधी की हत्या को जन्म दिया।
उनके अनुसार, इन समूहों द्वारा नेहरू की छवि को बदनाम करना त्याग, बलिदान और लोकतांत्रिक मूल्यों की अवहेलना है।
उन्होंने कहा:
“नेहरू की विरासत को मिटाने का प्रयास, इतिहास को राजनीति के अनुसार मोड़ने और भारत के संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश है।”
सत्ताधारी सरकार पर आरोप
सोनिया गांधी का कहना था कि सरकार लगातार इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने और अलोकतांत्रिक ढंग से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू की भूमिका को कम करके, उनके योगदान को छुपाने और उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास हो रहा है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की:
“ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने और प्रोपगेंडा फैलाने के खिलाफ हर भारतीय नागरिक को आवाज उठानी चाहिए।”
क्यों जरूरी है नेहरू की विरासत का बचाव
सोनिया गांधी के अनुसार, यह केवल अतीत की रक्षा नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक और बहुलतावादी चरित्र की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि आज के समय में:
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असहमति के लिए जगह कम हो रही है
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नफरत और ध्रुवीकरण बढ़ रहा है
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इतिहास का राजनीतिकरण बढ़ा है
ऐसे माहौल में नेहरू जैसी वैचारिक स्पष्टता और लोकतांत्रिक भावना का महत्व और भी बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि नेहरू असहमति और बहस को लोकतंत्र की शक्ति मानते थे, और भारत की विविधता को उसकी सबसे बड़ी ताकत बताया करते थे।
नेहरू के डिजिटल आर्काइव का लॉन्च
कार्यक्रम में उन्होंने नेहरू के चुने हुए कार्यों के डिजिटल आर्काइव लॉन्च का ज़िक्र किया, जिसमें 1903 से लेकर नेहरू की मृत्यु से एक दिन पहले तक के लेख, भाषण और ऐतिहासिक दस्तावेज शामिल हैं।
यह प्लेटफ़ॉर्म 100 प्रकाशित वॉल्यूम तक मुफ्त पहुंच प्रदान करता है, और आने वाले दिनों में और सामग्री अपलोड की जाएगी।
सोनिया गांधी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण कदम है:
“ताकि लोग सच्चे ऐतिहासिक तथ्य जान सकें और प्रोपेगेंडा से बच सकें।”
उन्होंने इस पहल का नेतृत्व करने के लिए संदीप दीक्षित की सराहना की और कहा कि ऐसी पहल पूरे देश में फैलनी चाहिए।
भारत निर्माण में नेहरू की भूमिका
उन्होंने नेहरू की उपलब्धियों को याद करते हुए कहा कि:
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संसदीय लोकतंत्र
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धर्मनिरपेक्षता
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वैज्ञानिक सोच
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आर्थिक योजना और सार्वजनिक संस्थान निर्माण
इन मूल्यों ने भारत को आधुनिक राष्ट्र बनने की दिशा में प्रेरित किया और आज भी भारत का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
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