Political News: शहर की बदहाल सड़कों और लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने सत्ता पक्ष और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। रविवार को सड़क दुर्घटनाओं में हुई दो मौतों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को केवल दुर्घटना मानकर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि शहर की सड़क व्यवस्था और संबंधित जिम्मेदार तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि जब विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की बात कही जाती है, ऐसे में शहरवासियों को सुरक्षित और बेहतर सड़कें उपलब्ध होना जरूरी है।
सलीम नियारिया ने कहा कि रायगढ़ की जनता को 2047 के विजन की बातों से पहले वर्तमान समय में सुरक्षित सड़क और सुरक्षित आवागमन की सुविधा चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर में बड़े ऑक्सीजोन और पार्क जैसी योजनाओं के साथ-साथ सड़क, यातायात और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी मूलभूत जरूरतों को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार शहर में आवागमन के लिए सड़कों की स्थिति बेहतर होना आवश्यक है, क्योंकि खराब सड़कें सीधे तौर पर आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को प्रभावित करती हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने शहर में बनाई गई कुछ सड़कों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नई बनी कई सड़कें बारिश के बाद जगह-जगह खराब हो गईं और उनमें गड्ढे तथा जलभराव की स्थिति बन गई है। उन्होंने सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद सड़कें कुछ ही समय में खराब हो जाती हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार हो रहा है तो इसकी जवाबदेही किसकी है।
सलीम नियारिया ने कहा कि जिन सड़कों पर गड्ढे और जलभराव की स्थिति बन रही है, वहां आम लोगों के लिए आवागमन मुश्किल हो जाता है। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और विकास कार्यों पर खर्च की जाने वाली राशि को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि सड़क निर्माण के बाद उसकी स्थिति जल्द खराब हो जाती है तो संबंधित निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जानी चाहिए और जिम्मेदारी निर्धारित की जानी चाहिए।
उन्होंने महापौर जीवर्धन चौहान के साइकिल से वार्डों के दौरे का भी उल्लेख किया। सलीम नियारिया ने तंज कसते हुए कहा कि महापौर अच्छी सड़कों पर साइकिल से घूम रहे हैं, यदि वे शहर की बदहाल सड़कों पर भी साइकिल से घूमकर स्थिति देखते तो उन्हें सड़क की वास्तविक स्थिति का पता चलता। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को शहर की सड़कों की वास्तविक स्थिति को मौके पर जाकर देखना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार के लंबे कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता में रहते हुए लगभग दो दशक होने को हैं और किसी भी राज्य के विकास के लिए यह लंबा समय होता है। इसके बावजूद रायगढ़ शहर में सड़क और यातायात से जुड़ी कई बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए रिंग रोड और बाईपास की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है, लेकिन इन सुविधाओं को लेकर अब भी काम पूरा नहीं हुआ है।
सलीम नियारिया ने कहा कि रायगढ़ एक औद्योगिक शहर है और यहां बड़ी संख्या में भारी वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए रिंग रोड, बाईपास और बेहतर सड़क नेटवर्क की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में फोरलेन सड़कों का नेटवर्क तैयार करने, नया रिंग रोड बनाने, ऑक्सीजोन और नए पार्क विकसित करने जैसी योजनाओं की चर्चा होती रही है। उन्होंने हाल ही में रिंग रोड के लिए लगभग 41 करोड़ रुपये की स्वीकृति का भी उल्लेख किया।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भविष्य की बड़ी योजनाओं के साथ वर्तमान समय में शहर की मौजूदा सड़कों की मरम्मत भी जरूरी है। उनका कहना है कि यदि बारिश के दौरान सड़क के गड्ढों को भरने और आवागमन योग्य बनाने के लिए तत्काल व्यवस्था नहीं हो पा रही है तो इसका सीधा असर आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ता है।
सलीम नियारिया ने कहा कि रायगढ़ में विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय शहर की मूलभूत जरूरतों को पहले देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजोन, पार्क, सौंदर्यीकरण और अन्य विकास कार्यों के साथ शहर के लिए रिंग रोड और फोरलेन सड़कों जैसी आवश्यक परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और यातायात व्यवस्था से शहरवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकती है।
उन्होंने रविवार को हुई दो सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इन घटनाओं ने शहर की सड़क व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक और महापौर से सवाल करते हुए कहा कि जब शहर में विकास के बड़े दावे किए जा रहे हैं तो आम लोगों को सुरक्षित सड़कें क्यों नहीं मिल रही हैं।
सलीम नियारिया ने दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सड़क की वास्तविक स्थिति के साथ गड्ढे, कीचड़, जलभराव, अधूरे निर्माण, बदहाल प्रकाश व्यवस्था और सड़क निर्माण की गुणवत्ता जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस सड़क का निर्माण होने के बाद वह बारिश में खराब हो गई है, उसकी गुणवत्ता की भी जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है। यदि किसी सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया है तो उसके जल्द खराब होने की स्थिति की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि सड़कें गड्ढों में तब्दील हो रही हैं तो इससे जुड़े जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि रायगढ़ की जनता को भविष्य के विजन और योजनाओं के साथ वर्तमान समय में भी बुनियादी सुविधाएं चाहिए। उन्होंने सुरक्षित सड़क, बेहतर पानी निकासी और टिकाऊ निर्माण को आवश्यक बताया। उनके अनुसार विकास की योजनाओं के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निर्माण कार्य बारिश और समय की कसौटी पर टिके रहें।
सलीम नियारिया ने कहा कि विकास के नाम पर केवल योजनाओं और भविष्य की परियोजनाओं की चर्चा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए और सड़क तथा यातायात व्यवस्था में सुधार आम लोगों को प्रत्यक्ष रूप से महसूस होना चाहिए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतों के संदर्भ में सड़क सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े सवालों को उठाते हुए तत्काल सुधार की मांग की।