Political News: CM साय के बयान पर भूपेश का पलटवार, बोले- भाजपा ‘काले अंग्रेज’; बैज ने भी साधा निशाना

Political News: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस के पंजाब प्रभारी पद से हटाए जाने को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर अंग्रेजों की तरह ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाया था। सीएम के इस बयान पर भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए भाजपा नेताओं को ‘काले अंग्रेज’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अंग्रेजों से ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति सीखी है और समाज को अलग-अलग पहचान के नाम पर बांटने की राजनीति कर रही है। वहीं PCC चीफ दीपक बैज ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए उसे नाथूराम गोडसे को मानने वाली और अंग्रेजों से माफी मांगने वाली पार्टी बताया।

पंजाब प्रभार को लेकर सियासत

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस ने पंजाब प्रभारी के पद से हटा दिया है। इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधा।

सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस अंग्रेजों की तरह ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाती है। उनके मुताबिक, कांग्रेस के नेता जहां जाते हैं, वहां गुटबाजी की स्थिति बनती है।

उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि भूपेश बघेल जब पंजाब के प्रभारी थे, तब वहां उनका विरोध हुआ और उनके खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे भी लगाए गए। सीएम ने कहा कि इसी का परिणाम रहा कि उन्हें पंजाब के प्रभारी पद से हटा दिया गया।

भूपेश ने भाजपा को बताया ‘काले अंग्रेज’

मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास कहने के लिए कुछ बचा नहीं है, इसलिए इस तरह की बातें की जा रही हैं।

बघेल ने भाजपा नेताओं के लिए ‘काले अंग्रेज’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति भाजपा ने अंग्रेजों से सीखी है।

उन्होंने कहा कि भाजपा समाज को बांटने की राजनीति कर रही है। बघेल के मुताबिक, हिंदू-मुसलमान के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश की जाती है। उन्होंने आदिवासी समाज को भी अलग-अलग पहचान के नाम पर बांटने का आरोप लगाया।

इस बयान के जरिए बघेल ने मुख्यमंत्री साय के आरोप का जवाब देते हुए भाजपा की राजनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े किए।

प्रभारी बदलने पर भी उठाया सवाल

पंजाब प्रभारी पद से हटाए जाने को लेकर भूपेश बघेल ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों में प्रभारी बदलना कोई नई बात नहीं है।

उन्होंने भाजपा में भी अलग-अलग समय पर प्रभारियों के बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा, “हंटर वाली से लेकर हाफ पैंट-चड्ढी वाले तक प्रभारी बने।”

भूपेश बघेल ने यह बयान दुर्ग में चल रहे कांग्रेस के तीन दिवसीय संगठन प्रशिक्षण शिविर के दौरान दिया। इस दौरान उन्होंने पार्टी संगठन और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।

दीपक बैज ने भी भाजपा को घेरा

PCC चीफ दीपक बैज ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा।

बैज ने भाजपा को नाथूराम गोडसे को मानने वाली और अंग्रेजों से माफी मांगने वाली पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की नीति ‘फूट डालो और राज करो’ की थी और उनके मुताबिक भाजपा भी इसी नीति पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम देश को जोड़ना है। इस बयान के जरिए बैज ने कांग्रेस और भाजपा की राजनीतिक विचारधारा के बीच अंतर बताने की कोशिश की।

झीरम मामले पर भी बघेल के सवाल

बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने झीरम घाटी मामले को लेकर भी सरकार और जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झीरम घाटी की घटना के पीछे साजिश होने की बात सभी जानते हैं, लेकिन अब तक यह सामने नहीं आया कि इसके पीछे कौन लोग थे।

बघेल ने कहा कि घटना में सुरक्षा में चूक हुई थी और इस बात को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने पूछा कि इस मामले में अब तक किसी प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी को सजा मिली है या नहीं।

उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी सुरक्षा में चूक की बात स्वीकार की थी। बघेल ने इसी आधार पर घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी तय किए जाने को लेकर सवाल उठाया।

बड़े नक्सली नेताओं को लेकर सवाल

झीरम मामले की जांच को लेकर बघेल ने FIR में दर्ज नामों और बाद की जांच पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि FIR में रमन्ना जैसे बड़े नक्सली नेता का नाम होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में उसका नाम क्यों हटाया गया, यह स्पष्ट होना चाहिए।

बघेल के मुताबिक, शुरुआती तौर पर झीरम घाटी में करीब 200 नक्सलियों के मौजूद होने की बात सामने आई थी, लेकिन जांच में केवल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर हमले में इतने बड़े समूह की मौजूदगी बताई गई थी, तो जांच का दायरा सीमित क्यों रहा। उनके मुताबिक, हमले के पीछे कथित साजिश करने वालों और बड़े नक्सली नेताओं की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।

बयानबाजी से बढ़ा राजनीतिक विवाद

झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद भी राजनीतिक बहस जारी है। एक तरफ भाजपा अदालत के फैसले को जांच और न्यायिक प्रक्रिया का परिणाम बता रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से कथित षड्यंत्र और जांच के दायरे को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आया है। बघेल के ‘काले अंग्रेज’ वाले बयान और दीपक बैज की प्रतिक्रिया ने इस राजनीतिक विवाद को और तीखा कर दिया है।

फिलहाल दोनों दलों की ओर से एक-दूसरे की राजनीतिक नीतियों और पुराने मामलों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पंजाब प्रभार में बदलाव से शुरू हुआ विवाद अब झीरम घाटी मामले और भाजपा-कांग्रेस की राजनीतिक विचारधारा तक पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v