PM Modi’s Big Appeal Amid Global Crisis: Work From Home अपनाइए, एक साल तक Gold मत खरीदिए, Fuel बचाइए

PM Modi’s Big Appeal Amid Global Crisis: पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष और लगातार बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से बड़ी अपील की है। उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, Work From Home को फिर अपनाने, विदेशी यात्राएं टालने और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की सलाह दी है।

हैदराबाद में कई परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट के दौर में हर नागरिक को राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए ऊर्जा और विदेशी मुद्रा बचाने में योगदान देना चाहिए।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत पर बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक सप्लाई चेन संकट का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

“पेट्रोल-डीजल का कम करें इस्तेमाल”

अपने संबोधन में Narendra Modi ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में मौजूदा हालात में ईंधन की बचत राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन जाती है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा:

  • जहां Metro उपलब्ध है वहां Metro से सफर करें,
  • Carpooling अपनाएं,
  • Electric Vehicles का ज्यादा इस्तेमाल करें,
  • और गैरजरूरी वाहन उपयोग कम करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि “इस वैश्विक संकट के समय हमें पेट्रोल और डीजल का सीमित उपयोग करने का संकल्प लेना चाहिए।”

फिर से Work From Home अपनाने की अपील

Narendra Modi ने कोविड काल के दौरान शुरू हुए Work From Home मॉडल का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के समय देश ने:

  • Online Meetings,
  • Video Conferences,
  • और Work From Home सिस्टम को सफलतापूर्वक अपनाया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में इन व्यवस्थाओं को फिर से लागू करना राष्ट्रीय हित में होगा क्योंकि इससे ईंधन की खपत कम होगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

उन्होंने कंपनियों और संस्थानों से भी अधिकतम डिजिटल मीटिंग्स को बढ़ावा देने की अपील की।

एक साल तक Gold न खरीदने की सलाह

प्रधानमंत्री का सबसे चर्चित बयान Gold खरीदारी को लेकर रहा। उन्होंने नागरिकों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की।

उन्होंने कहा कि Gold Import पर देश की भारी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। ऐसे में यदि लोग कुछ समय के लिए Gold खरीदना टाल दें तो इससे देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा: “चाहे घर में कितने भी कार्यक्रम क्यों न हों, हमें राष्ट्रीय हित में एक साल तक Gold खरीदने से बचना चाहिए।”

प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद सोशल मीडिया पर “Don’t Buy Gold”, “WFH Appeal” और “Fuel Saving Mission” जैसे कीवर्ड तेजी से ट्रेंड करने लगे।

Foreign Travel और विदेश में शादियां टालने की सलाह

Narendra Modi ने लोगों से गैरजरूरी विदेशी यात्राएं भी टालने की अपील की।

उन्होंने कहा कि:

  • विदेश में Destination Weddings,
  • Foreign Vacations,
  • और Luxury International Trips फिलहाल टालने चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कम से कम एक साल तक विदेश यात्राओं को सीमित करना देशहित में होगा क्योंकि इससे Foreign Exchange Reserve पर दबाव कम होगा।

Edible Oil और Fertilizer इस्तेमाल कम करने पर जोर

प्रधानमंत्री ने केवल ईंधन ही नहीं बल्कि खाने के तेल और रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करने की भी अपील की।

उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में Edible Oil Import करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर भारी बोझ पड़ता है।

इसके साथ ही उन्होंने Natural Farming को बढ़ावा देने और Chemical Fertilizers का उपयोग आधा करने की सलाह दी।

प्रधानमंत्री के अनुसार:

  • इससे Foreign Exchange बचेगा,
  • खेती टिकाऊ बनेगी,
  • और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

क्यों बढ़ा संकट?

अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • फरवरी अंत तक Crude Oil लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल था,
  • जो अब बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।

इसी वजह से भारत का Import Bill तेजी से बढ़ रहा है।

भारत ने 2025-26 में लगभग 121.8 बिलियन डॉलर का कच्चा तेल आयात किया। यदि पश्चिम एशिया संकट लंबा चला तो यह बोझ और बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि Strait of Hormuz में बाधा आने से वैश्विक सप्लाई चेन और ज्यादा प्रभावित हो सकती है।

Rupee पर भी बढ़ा दबाव

बढ़ती तेल कीमतों का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखाई दे रहा है।

जानकारी के अनुसार:

  • संघर्ष शुरू होने से पहले डॉलर के मुकाबले रुपया करीब ₹91 था,
  • जो अब गिरकर लगभग ₹95 तक पहुंच गया है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल भारत ही नहीं बल्कि कई एशियाई मुद्राओं पर भी वैश्विक संकट का दबाव बना हुआ है।

Fuel कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां वैश्विक संकट के बावजूद Fuel Prices स्थिर रखी गई हैं।

उन्होंने बताया कि:

  • Oil Marketing Companies ऊंचे दामों पर Crude Oil खरीद रही हैं,
  • लेकिन घरेलू बाजार में कम कीमत पर Fuel बेच रही हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनियों को प्रतिदिन करीब ₹1000 करोड़ तक का नुकसान हो रहा है।

वहीं मौजूदा तिमाही में कुल Under-Recovery ₹2 लाख करोड़ तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।

अमित शाह ने किया समर्थन

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया।

उन्होंने इसे “Energy Secure India” की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि:

  • Fuel बचत,
  • Work From Home,
  • और Natural Farming जैसे कदम भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

वहीं विपक्ष ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस नेता KC Venugopal ने आरोप लगाया कि सरकार ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं कर पाई है।

उन्होंने कहा कि आम जनता पर बोझ डालने के बजाय सरकार को Fuel Reserve और Economic Planning मजबूत करनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर छाया PM का बयान

प्रधानमंत्री के बयान के बाद सोशल मीडिया पर:

  • “WFH Returns”,

  • “Don’t Buy Gold Challenge”,
  • “Fuel Saving Appeal”,
  • और “India Energy Crisis” जैसे ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहे हैं।

कई लोग इसे संभावित Fuel Price Hike का संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राष्ट्रीय संकट के समय जरूरी कदम बता रहे हैं। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v