बुकिंग पर पड़ रहा सीधा असर
e-KYC नहीं कराने वाले ग्राहकों के गैस कनेक्शन ब्लॉक किए जा रहे हैं। इसका सबसे बड़ा असर LPG Cylinder Booking पर पड़ रहा है। कई ग्राहकों की ऑनलाइन बुकिंग आगे नहीं बढ़ रही है और उन्हें गैस एजेंसी से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है।
कुछ मामलों में बुकिंग होने के बाद भी उसे बंद किए जाने की बात सामने आ रही है। पेट्रोलियम कंपनियां चाहती हैं कि प्रत्येक कनेक्शन का सत्यापन पूरा हो, ताकि सक्रिय और वास्तविक ग्राहकों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
रायपुर में भी हजारों कनेक्शन प्रभावित
रायपुर जिले में HPCL, BPCL और इंडेन के करीब सात लाख ग्राहक बताए जा रहे हैं। इनमें 30 हजार से ज्यादा ग्राहकों ने अंतिम तारीख तक e-KYC नहीं कराया है।
रायपुर समेत पूरे प्रदेश में इंडेन के ग्राहकों की संख्या अधिक होने के कारण e-KYC लंबित ग्राहकों में भी इंडेन उपभोक्ताओं की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। कंपनियों की ओर से गैस एजेंसियों को लंबित सत्यापन वाले ग्राहकों से संपर्क करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
एजेंसियों को भी दिया जा रहा नोटिस
पेट्रोलियम कंपनियां e-KYC की प्रगति को लेकर गैस एजेंसियों की निगरानी कर रही हैं। जिन एजेंसियों के यहां बड़ी संख्या में ग्राहकों का सत्यापन लंबित मिलेगा, उन्हें नोटिस दिए जाने की बात कही गई है।
इसके बाद कई गैस एजेंसियां अपने रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। जिन ग्राहकों का e-KYC पूरा नहीं दिख रहा है, उन्हें फोन कर एजेंसी बुलाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द सत्यापन कराया जा सके।
सिर्फ दो मिनट में हो सकता है e-KYC
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार e-KYC की प्रक्रिया काफी आसान है। ग्राहक को आधार कार्ड और गैस कनेक्शन से संबंधित दस्तावेज लेकर एजेंसी जाना होता है।
एजेंसी कर्मचारी मोबाइल के माध्यम से ग्राहक का फोटो और जरूरी जानकारी लेकर सत्यापन पूरा कर देते हैं। इसके बाद गैस कार्ड पर e-KYC से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाती है।
जिन ग्राहकों के लिए एजेंसी जाना संभव नहीं है, वे संबंधित पेट्रोलियम कंपनी के मोबाइल ऐप के माध्यम से भी e-KYC कराने का विकल्प इस्तेमाल कर सकते हैं।
फर्जी कनेक्शन की भी होगी पहचान
पेट्रोलियम कंपनियों के सत्यापन अभियान का एक उद्देश्य गैस कनेक्शनों का रिकॉर्ड अपडेट करना भी है। e-KYC नहीं कराने वाले ग्राहकों में ऐसे कनेक्शन भी शामिल हो सकते हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक कनेक्शन दर्ज हैं।
इसके अलावा दूसरे शहर में स्थानांतरित हो चुके ग्राहकों और मृत व्यक्तियों के नाम पर चल रहे कनेक्शनों की पहचान भी सत्यापन के जरिए हो सकती है। कंपनियों का मानना है कि ऐसे मामलों में फर्जी या डुप्लीकेट कनेक्शन की संख्या भी सामने आ सकती है।
31 अगस्त के बाद बढ़ सकती है सख्ती
पेट्रोलियम कंपनियों से जुड़े पदाधिकारियों के मुताबिक 31 अगस्त के बाद e-KYC को लेकर और सख्ती की जा सकती है। जिन ग्राहकों का सत्यापन नहीं हुआ है, उनके कनेक्शन की सेवाओं पर आगे भी रोक लग सकती है।
BPCL डिस्ट्रीब्यूटर संघ के प्रदेशाध्यक्ष मुरारी गौर ने ग्राहकों से जल्द e-KYC कराने की अपील की है। उनका कहना है कि कंपनियों ने कनेक्शन ब्लॉक करना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में कार्रवाई और सख्त हो सकती है।




