Jharkhand News: JPSC परीक्षा रद्द, CBI जांच पर अड़े छात्र, झारखंड विधानसभा मार्च का ऐलान

Jharkhand News: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन रविवार को सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच छह घंटे चली बातचीत के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। झारखंड सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और 2023 व 2025 में हुई JPSC बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है। सरकार ने इसे छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें मानने वाला फैसला बताया है। हालांकि, छात्र JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं। छात्रों ने सोमवार, 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालने का ऐलान किया है।

14वीं JPSC परीक्षा होगी रद्द

रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई लंबी बातचीत में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही 2023 और 2025 में आयोजित JPSC की बैकलॉग परीक्षाओं को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है।

झारखंड के तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली हैं। उनके मुताबिक, 14वीं JPSC और संबंधित बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर सरकार ने सहमति दी है।

JSSC-CGL पर CBI जांच की मांग

छात्र आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच है। प्रदर्शनकारी छात्र इस मामले में CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

छात्र संगठनों का कहना है कि JSSC-CGL से जुड़ी परीक्षा प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है। सरकार ने फिलहाल CBI जांच की मांग स्वीकार नहीं की है।

मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि राज्य सरकार JSSC-CGL परीक्षा के मामले में सीधे CBI जांच की सिफारिश नहीं कर सकती, क्योंकि परीक्षा उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप हुई थी और JSSC के मामलों को लेकर राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का सवाल है।

रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में होगी जांच

CBI जांच की मांग के बजाय सरकार ने JSSC-CGL से जुड़े आरोपों की न्यायिक जांच का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने की बात कही गई है।

इसके अलावा कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े आपराधिक पहलुओं की जांच CID द्वारा की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल TSR Data Processing Private Limited Agency से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति नहीं बनी है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला

सरकार ने परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की बात कही है।

मंत्री के अनुसार, कथित परीक्षा गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में तेजी से कानूनी कार्रवाई की जाएगी और 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।

तीन JPSC सदस्यों ने दिया इस्तीफा

छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीनों सदस्यों के इस्तीफे की बात भी सामने आई है। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के दौरान यह घटनाक्रम सामने आया।

JPSC से जुड़े इस बदलाव के बीच छात्रों की परीक्षाओं की पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग लगातार बनी हुई है।

IIT-IIM-XLRI विशेषज्ञ देंगे सुझाव

सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञों की एक अलग समिति बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। इसमें IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा।

यह समिति राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार के लिए सुझाव देगी। इसका उद्देश्य भविष्य में परीक्षा संचालन को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना बताया गया है।

छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से किया इनकार

सरकार की ओर से कई मांगें स्वीकार किए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्रों ने आंदोलन खत्म करने का फैसला नहीं किया है। JLKM और JPSC-JSSC Reforms Manch सहित छात्र समूहों ने कहा है कि JSSC-CGL पर उनकी मुख्य मांग अभी पूरी नहीं हुई है।

छात्र प्रतिनिधि चंदन कुमार ने जांच और कार्रवाई की समयसीमा को लेकर स्पष्टता नहीं होने की बात कही। उनका कहना है कि केवल समिति बनाने से समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट टाइमलाइन जरूरी है।

10 अगस्त को विधानसभा तक मार्च

छात्र संगठनों ने सोमवार, 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से छात्र और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।

Jaipal Singh Munda Stadium में चल रहे विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की मौजूदगी बनी हुई है। सोमवार के मार्च में भी बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल होने की संभावना है।

पांच अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल जारी

आंदोलन के दौरान पांच अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इनमें देवेंद्र महतो भी शामिल हैं, जिनकी भूख हड़ताल रविवार को आठवें दिन में पहुंच गई।

छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और समयबद्ध फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

CM हेमंत सोरेन ने दिया भरोसा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ न्याय किया जाएगा। सरकार की ओर से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि, छात्रों की CBI जांच की मांग और सरकार द्वारा न्यायिक जांच व CID जांच के प्रस्ताव के बीच अभी भी अंतर बना हुआ है। यही अंतर आंदोलन जारी रहने की मुख्य वजह है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v