Thursday, February 5, 2026
HomeCG NewsJagdalpur News: इंद्रावती नेशनल पार्क मुठभेड़, डिजिटल सुरागों से माओवादियों के अर्बन...

Jagdalpur News: इंद्रावती नेशनल पार्क मुठभेड़, डिजिटल सुरागों से माओवादियों के अर्बन नेटवर्क की पड़ताल तेज, पुलिस खंगाल रही पूरा सपोर्ट सिस्टम

Jagdalpur News: इंद्रावती नेशनल पार्क में मंगलवार को हुई बड़ी मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने माओवादियों के अर्बन नेटवर्क को खंगालने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस मुठभेड़ में मद्देड़ एरिया कमेटी प्रभारी कन्ना उर्फ बुचन्ना और पामेड़ एरिया कमेटी सचिव उर्मिला सहित 27 लाख रुपये के इनामी छह माओवादी मारे गए। घटनास्थल से बरामद डिजिटल डिवाइस और संगठनात्मक दस्तावेजों से माना जा रहा है कि माओवादियों की शहरी इकाइयों से जुड़े कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड एजेंसियों के हाथ लगे हैं।


बरामद डिजिटल उपकरणों से अहम खुलासों की उम्मीद

सूत्रों के अनुसार फॉरेंसिक टीम मुठभेड़ स्थल से मिले लैपटॉप, हार्डडिस्क, मोबाइल डिवाइस, मौके पर मिले नोट्स और रेडियो सेट की जांच कर रही है।
प्रारंभिक विश्लेषण में जो संकेत मिले हैं, वह बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • माओवादी नेतृत्व के बीच बातचीत

  • शहरी सपोर्ट मॉड्यूल्स से जुड़ी चेन

  • फंडिंग नेटवर्क

  • प्रचार रणनीति और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन

  • सीमा पार गतिविधियों से जुड़े डेटा

अधिकारियों का मानना है कि इन सुरागों की मदद से अर्बन नेटवर्क के माध्यम, फंड सप्लायर, लॉजिस्टिक चैनल और संदेशवाहक तक पहुँचना आसान होगा


तीन राज्यों में फैला नेटवर्क – मद्देड़ और पामेड़ कमेटियां थीं मुख्य कड़ी

मद्देड़ और पामेड़ एरिया कमेटियां छत्तीसगढ़ के बस्तर, महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमावर्ती इलाके में सक्रिय थीं। इनकी जिम्मेदारियाँ थीं:

  • तीनों राज्यों की माओवादी इकाइयों के बीच समन्वय

  • सीमा पार आवाजाही की व्यवस्था

  • जंगल आधारित लॉजिस्टिक सप्लाई बनाए रखना

  • शहरी नेटवर्क से संपर्क

कन्ना उर्फ बुचन्ना और उर्मिला का सीधा लिंक अर्बन सपोर्ट मॉड्यूल्स से माना जा रहा है, जिससे कई शहरों तक फैले नेटवर्क का खुलासा संभव है।


बुचन्ना: 42 मामलों में वांछित, कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड

गुडडीपाल, मोदकपाल निवासी कन्ना उर्फ बुचन्ना (35) मद्देड़ एरिया कमेटी का प्रभारी और डिविजनल कमेटी सदस्य था। उसके ऊपर 8 लाख रुपये का इनाम था और उसके खिलाफ:

  • 42 आपराधिक मामले

  • 18 स्थायी वारंट

दर्ज थे।

उसकी प्रमुख वारदातें—

  • 2008 – कोंगुपल्ली पुलिस पोस्ट हमला

     

  • 2016 – नुकनपाल कैंप हमला

  • 20 से अधिक ग्रामीणों की हत्या (मुखबिरी के संदेह में)

  • छह IED ब्लास्ट

  • बस और वाहनों में आगजनी

  • दिसंबर 2024 की बड़ी डकैती

  • कई मोबाइल टावर जलाने की घटनाएं

  • 2025 में पील्लूर और टेकामेटा के दो शिक्षादूतों का अपहरण और हत्या

बुचन्ना की पकड़ जंगल से लेकर शहरों में सक्रिय सपोर्ट नेटवर्क तक मजबूत मानी जाती थी। तेंदूपत्ता व्यापारियों और सड़क निर्माण ठेकेदारों से लेवी वसूली भी उसी के जरिए होती थी।


उर्मिला: पामेड़ कमेटी की रणनीतिक जिम्मेदारी संभालने वाली महिला कैडर

पामेड़ एरिया कमेटी सचिव उर्मिला दक्षिण बस्तर के महिला संगठन की सक्रिय सदस्य थी। उसके नेतृत्व में कई:

  • IED प्लांटिंग

  • एम्बुश प्लान

  • ग्रामीण इलाकों में भर्ती और आर्थिक नेटवर्क

का संचालन होता था। उसकी मौजूदगी माओवादियों के महिला विंग के लिए मजबूत आधार मानी जाती थी।


फॉरेंसिक रिपोर्टें तय करेंगी जांच की दिशा

जांच एजेंसियों के अनुसार:

  • बरामद हार्डडिस्क

  • मोबाइल डेटा

  • डिजिटल मैप

  • कम्पाइल्ड इन्वेंटरी

  • कोडेड मैसेज

माओवादियों की कार्यप्रणाली समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

फॉरेंसिक टीम:

  • डिलीटेड फाइलें

  • क्लाउड बैकअप

  • चैट लॉग

  • डिजिटल रूट मैप

जैसे डेटा भी रिकवर कर रही है, जिसके आधार पर कई शहरों में कार्रवाई संभव है।


मुठभेड़ ने माओवादियों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया

अधिकारियों के अनुसार बुचन्ना और उर्मिला की मौत से:

  • पश्चिम बस्तर डिवीजन

  • दक्षिण बस्तर डिवीजन

  • सीमा आधारित कम्युनिकेशन नेटवर्क

को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
लॉजिस्टिक सप्लाई, नए कैडर की भर्ती और फंडिंग पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।


आईजी बस्तर सुंदरराज पी. का बयान

आईजी बस्तर सुंदरराज पी. ने कहा:

“मद्देड़ और पामेड़ एरिया कमेटियों का नेटवर्क तीन राज्यों में सक्रिय था। मुठभेड़ स्थल से मिले डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बेहद अहम हैं। अर्बन मॉड्यूल का खुलासा जल्द किया जाएगा।”


शहरी मॉड्यूल पर जल्द होगी लक्ष्य आधारित कार्रवाई

वर्तमान में:

  • कई संभावित शहरी लिंक

  • संदिग्ध व्यक्तियों

  • लॉजिस्टिक चैनल

  • फंडिंग बैंक खातों

की जांच की जा रही है। पुलिस की कई टीमों को इन सुरागों पर काम करने के लिए लगाया गया है।


निष्कर्ष

इंद्रावती नेशनल पार्क मुठभेड़ सिर्फ एक एन्काउंटर नहीं था, बल्कि माओवादी नेटवर्क के शहरी सपोर्ट सिस्टम को तोड़ने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
डिजिटल सुबूतों की पूरी रिपोर्ट आने के बाद अगले कुछ हफ्तों में बस्तर से लेकर कई शहरों में कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें – https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v

साथ ही हमारे Facebook पेज से जुड़े – https://www.facebook.com/profile.php?id=61579881036814

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments