नई दिल्ली | राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था | 7 फरवरी 2026
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर बड़ा और अहम खुलासा सामने आया है। शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस समझौते में भारत ने जानबूझकर कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को शामिल नहीं किया है। गेहूं, चावल, सोयाबीन, मक्का, चीनी और डेयरी उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि भारतीय किसानों और दुग्ध उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से सुरक्षित रखा जा सके।
सरकार का स्पष्ट मानना है कि कृषि और डेयरी ऐसे क्षेत्र हैं, जिनसे करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है, और इन क्षेत्रों को अमेरिकी सब्सिडी-युक्त उत्पादों के लिए खोलना आर्थिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से जोखिमपूर्ण हो सकता है।
कृषि और डेयरी क्यों बने ‘रेड-लाइन सेक्टर’
सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत ने न केवल अमेरिका, बल्कि यूरोपीय संघ (EU) और ब्रिटेन के साथ व्यापार वार्ताओं में भी कृषि और डेयरी को अब तक ‘रेड-लाइन’ क्षेत्र के रूप में रखा है। इन क्षेत्रों को लेकर भारत का रुख हमेशा सख्त रहा है।
अधिकारियों के अनुसार—
“कृषि और डेयरी भारत के लिए सिर्फ व्यापार का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता से जुड़ा मुद्दा है।”
सरकार का तर्क है कि अमेरिका में कृषि उत्पादों पर भारी सब्सिडी दी जाती है, जिससे वहां के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध हो जाते हैं। यदि ऐसे उत्पाद भारतीय बाजार में खुलकर प्रवेश करते हैं, तो इससे छोटे और सीमांत किसानों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
$500 बिलियन व्यापार लक्ष्य, लेकिन रणनीतिक संतुलन के साथ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में घोषणा की थी कि इस व्यापार समझौते के तहत भारत अगले कुछ वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के उत्पाद खरीदेगा। हालांकि भारत सरकार ने साफ किया है कि यह खरीद कृषि उत्पादों के बजाय अन्य क्षेत्रों से होगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने समझौते के प्रमुख बिंदुओं को स्पष्ट करते हुए कहा—
“$500 बिलियन का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य केवल आयात नहीं, बल्कि निर्यात और रणनीतिक सोर्सिंग दोनों का संतुलन है।”
भारत किन-किन क्षेत्रों से करेगा बड़े पैमाने पर आयात
सरकारी आंकड़ों और अधिकारियों के अनुसार, भारत जिन उत्पादों को अमेरिका से खरीदेगा, उनमें शामिल हैं—
-
तेल और प्राकृतिक गैस (Oil & Gas)
-
बोइंग विमान और विमान कल-पुर्जे
-
लैपटॉप और स्मार्टफोन
-
डेटा सेंटर से जुड़े उपकरण
-
उन्नत तकनीकी मशीनरी
पीयूष गोयल के अनुसार, भारत पहले ही बोइंग से 70–80 अरब डॉलर के विमानों के ऑर्डर दे चुका है। जब इसमें स्पेयर पार्ट्स और अन्य घटक जोड़ दिए जाएंगे, तो यह आंकड़ा 100 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है।
पहले से ही अमेरिका से बड़ा आयात करता है भारत
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारत वर्तमान में अमेरिका से लगभग 300 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों का आयात करता है। देश की अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ-साथ यह मांग और बढ़ने की संभावना है।
सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि—
“भारत ऐसे उत्पाद अमेरिका से खरीदेगा, जिन्हें वह पहले से अन्य देशों से आयात कर रहा है। यह कोई नया बाजार खोलने की बाध्यता नहीं, बल्कि आयात स्रोतों में विविधता का हिस्सा है।”
BTA का पहला चरण तैयार, जल्द संयुक्त बयान
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) का पहला चरण पूरी तरह तैयार है। दोनों देशों को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा।
-
औपचारिक कानूनी समझौता: मार्च के मध्य तक साइन हो सकता है
-
अमेरिका द्वारा टैरिफ में कटौती: संयुक्त बयान के बाद एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से
-
भारत द्वारा टैरिफ कटौती: कानूनी समझौते के बाद MFN (Most Favoured Nation) आधार पर
यह समझौता वर्चुअल माध्यम से साइन होने की संभावना है और इसमें किसी भी पक्ष की ओर से प्रत्यक्ष निवेश प्रतिबद्धता शामिल नहीं होगी।
किसानों को लेकर सरकार का स्पष्ट संदेश
सरकारी सूत्रों ने दो टूक कहा है कि—
“भारत सरकार किसानों और डेयरी उत्पादकों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी।”
सरकार का मानना है कि व्यापार उदारीकरण जरूरी है, लेकिन वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की कीमत पर नहीं हो सकता। यही वजह है कि इस समझौते में राजनीतिक रूप से संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को जानबूझकर बाहर रखा गया है।
निष्कर्ष
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जहां एक ओर रणनीतिक और औद्योगिक सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम है, वहीं दूसरी ओर यह स्पष्ट संकेत भी देता है कि भारत अपने किसानों और ग्रामीण आजीविका से जुड़े क्षेत्रों पर कोई जोखिम नहीं उठाएगा। यह समझौता भारत की व्यावहारिक और संतुलित व्यापार नीति को दर्शाता है, जिसमें वैश्विक साझेदारी और घरेलू हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।
छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें – https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v
साथ ही हमारे Facebook पेज से जुड़े – https://www.facebook.com/profile.php?id=61579881036814




Recent Comments