Monday, March 23, 2026
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IAF Jet Crash: ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में शामिल IAF पायलट की विमान हादसे में मौत, 10 दिन पहले ही परिवार से की थी मुलाकात

Defence / Air Force

IAF Jet Crash: देश की सुरक्षा में जुटे भारतीय वायुसेना के एक युवा पायलट की असम में विमान दुर्घटना में मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है। भारतीय वायुसेना के Sukhoi Su-30MKI लड़ाकू विमान के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत हो गई। इनमें फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर और स्क्वाड्रन लीडर अनुज शामिल थे।

यह हादसा कार्बी आंगलोंग जिला में हुआ, जब विमान प्रशिक्षण उड़ान पर था। भारतीय वायुसेना के अनुसार विमान ने जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी और उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद रडार से गायब हो गया। बाद में पता चला कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

इस दुखद घटना के बाद पायलट के परिवार और परिचितों में गहरा शोक है।


10 दिन पहले ही घर आए थे पायलट

फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के पिता रविंद्र दुरागकर ने बताया कि उनका बेटा केवल दस दिन पहले ही नागपुर स्थित घर आया था। परिवार में एक छोटा सा मिलन समारोह रखा गया था, जिसमें पूरा परिवार साथ बैठा था।

पिता के अनुसार, उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह मुलाकात आखिरी साबित होगी।

उन्होंने बताया कि बेटे से उनकी आखिरी बार बुधवार को फोन पर बात हुई थी। अगले ही दिन उन्हें वायुसेना के अधिकारियों से दुर्घटना की सूचना मिली।

दुखी पिता ने कहा कि उनका बेटा अपने काम को लेकर बेहद समर्पित था और भारतीय वायुसेना में सेवा करना उसके लिए गर्व की बात थी।


‘फाइटर जेट उड़ाने पर गर्व था’

रविंद्र दुरागकर ने भावुक होकर कहा कि पुरवेश को फाइटर जेट उड़ाने पर बेहद गर्व था। वह अक्सर अपने अनुभव परिवार के साथ साझा करता था और बताता था कि लड़ाकू विमानों की गति कितनी तेज होती है।

उन्होंने कहा कि उनका बेटा अपने साथियों का भी बहुत सम्मान करता था और हमेशा देश की सेवा को सर्वोच्च मानता था।

परिवार के लोग और पड़ोसी बताते हैं कि पुरवेश बेहद शांत स्वभाव के और मेहनती युवक थे।


ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का भी हिस्सा थे

फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर हाल ही में भारतीय सेना के एक महत्वपूर्ण अभियान ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा रहे थे। यह ऑपरेशन भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था, जो पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमला के बाद चलाया गया था।

परिवार के अनुसार इस मिशन में भाग लेना उनके लिए बेहद गर्व की बात थी और वे अपने काम को लेकर हमेशा गंभीर रहते थे।


तेजपुर में पोस्टिंग, जोरहाट से उड़ान

परिवार के अनुसार पुरवेश की मूल पोस्टिंग तेजपुर में थी। हालांकि उस समय तेजपुर एयरबेस के रनवे पर काम चल रहा था, इसलिए वे अस्थायी रूप से जोरहाट से ऑपरेशन कर रहे थे।

विमान ने गुरुवार को प्रशिक्षण मिशन के तहत उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही संपर्क टूट गया और बाद में दुर्घटना की पुष्टि हुई।


परिवार में माता-पिता और बहन

पड़ोसियों के अनुसार 28 वर्षीय पुरवेश दुरागकर अविवाहित थे। उनके परिवार में माता-पिता और एक बहन हैं, जो अमेरिका में रहती हैं। बहन ने भी उच्च शिक्षा प्राप्त की है और आईआईटी से पढ़ाई की है।

परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि पुरवेश बेहद प्रतिभाशाली छात्र थे और बचपन से ही सेना में जाने का सपना देखते थे।


नागपुर पहुंचेगा पार्थिव शरीर

परिवार के अनुसार पायलट का पार्थिव शरीर शाम तक नागपुर पहुंचने की संभावना है। वहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इस हादसे के बाद भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह प्रशिक्षण मिशन के दौरान हुई दुर्घटना थी।

देशभर में लोग इस वीर पायलट को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, जिसने अपने जीवन को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

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Sarthak Bohidar
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