GST Notice: छत्तीसगढ़ में वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले टैक्स वसूली को लेकर GST विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। बकाया टैक्स जमा नहीं करने वाले और इनवॉइस में अंतर पाए जाने पर प्रदेश के करीब 7000 कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया को राज्य व केंद्र GST विभाग मिलकर मॉनिटर कर रहे हैं ताकि 2025-26 का निर्धारित राजस्व लक्ष्य समय-सीमा में पूरा किया जा सके।
44 हजार करोड़ के राजस्व लक्ष्य ने बढ़ाई विभाग की सक्रियता
वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य व केंद्र GST को कुल लगभग 44,000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य पूरा करना है। इसमें राज्य GST का लक्ष्य करीब 27,500 करोड़ रुपये और केंद्र GST का लक्ष्य लगभग 16,000 करोड़ रुपये तय किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक केंद्र GST द्वारा करीब 81% (13,000 करोड़ रुपये) और राज्य GST द्वारा लगभग 76% (21,000 करोड़ रुपये) लक्ष्य की वसूली की जा चुकी है। शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए सतर्कता, जांच और रिकवरी की कार्रवाइयाँ बढ़ाई जा रही हैं।
बोगस बिलिंग और टैक्स अंतर के मामलों पर कड़ी नजर
GST विभाग उन कारोबारियों पर विशेष निगरानी रख रहा है जिनके लेनदेन और टैक्स भुगतान में बड़ा अंतर देखा गया है। लेनदेन डेटा, इनवॉइस मैचिंग, E-way बिल सिस्टम और GST इंटेलिजेंस यूनिट्स की रिपोर्ट के आधार पर कई फर्मों की प्रोफाइल की समीक्षा की जा रही है। बोगस बिलिंग, ITC मिसमैच और टैक्स चोरी से जुड़े मामलों को भी इस सूची में प्राथमिकता दी गई है।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले जमा कराना होगा टैक्स
नोटिस प्राप्त अधिकांश करदाताओं को वित्तीय वर्ष खत्म होने से पूर्व बकाया टैक्स व अन्य देय राशि जमा कराने की चेतावनी दी गई है। विभाग ने साफ किया है कि देरी की स्थिति में ब्याज, जुर्माना और रिकवरी की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इससे टैक्स कलेक्शन की गति बढ़ने की संभावना है।
टारगेट डेट — 15 फरवरी तक हर हाल में वसूली
स्टेट व सेंट्रल GST की टीमों को फरवरी मध्य तक वसूली लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए निरीक्षण, सर्वे, आइटीसी सत्यापन और विभागीय छापेमारी की संभावना भी बढ़ गई है। आयकर विभाग और GST इंटेलिजेंस यूनिट संयुक्त समन्वय में डेटा एनालिटिक्स की मदद लेकर इन मामलों को ट्रैक कर रही हैं।
GST Tribunal में 3000 विवादित प्रकरण ट्रांसफर होंगे
21 जनवरी 2026 से जीएसटी ट्रिब्यूनल की कार्यवाही शुरू होने जा रही है। रायपुर स्थित नए GST भवन में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन के बाद 1 जुलाई 2017 से अब तक लंबित 3000 विवादित मामलों की सुनवाई होगी। इनमें बकाया टैक्स, इन्वेस्टिगेशन रिकवरी, छापेमारी के बाद पेंडिंग रिकवरी और विवादित GST दावों का निपटारा शामिल है।
केंद्र सरकार ने रायपुर राज्य पीठ के लिए न्यायिक सदस्य के रूप में प्रदीप कुमार व्यास और तकनीकी सदस्य (केंद्रीय) के रूप में सतीश कुमार अग्रवाल की नियुक्ति की है। इनकी नियुक्ति से विवादित प्रकरणों के तेजी से निष्पादन और बकाया राजस्व की वसूली में गति आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
कर अनुपालन को लेकर बढ़ेगी सख्ती
वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए आने वाले हफ्तों में सर्वे, छापेमारी, दस्तावेज जांच और डाटा एनालिटिक्स आधारित कार्रवाई तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि स्वेच्छा से टैक्स भुगतान बढ़ाने के लिए नोटिस महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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