Durg News: 7.88 करोड़ की जब्त अफीम भिलाई स्टील प्लांट में नष्ट

Durg News: छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 7.88 करोड़ रुपये मूल्य के जब्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया है। यह कार्रवाई चर्चित समोदा अफीम खेती मामले से जुड़े एनडीपीएस एक्ट प्रकरण में की गई, जिसमें पहले ही कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जब्त मादक पदार्थों को भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के एसएमएस-3 प्लांट में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर नष्ट किया गया। समोदा में हुआ था अवैध अफीम खेती का खुलासा गौरतलब है कि 6 मार्च 2026 को दुर्ग पुलिस ने समोदा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया था। इस मामले में नेता विनायक ताम्रकार समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई जारी है। यह मामला सामने आने के बाद प्रदेशभर में व्यापक चर्चा का विषय बना था, क्योंकि खेती संगठित तरीके से किए जाने के आरोप लगे थे। 7.88 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ नष्ट पुलिस मुख्यालय रायपुर और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर गठित रेंज स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल समिति ने न्यायालयीन और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब्त सामग्री को नष्ट करने की अनुमति दी। दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक Abhishek Shandilya की अध्यक्षता में यह कार्रवाई की गई। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस महानिरीक्षक Vijay Agrawal, आबकारी उपायुक्त Shashank Kumar समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। 14 लाख से अधिक अफीम के पौधे किए गए नष्ट पुलिस के अनुसार थाना पुलगांव में दर्ज अपराध क्रमांक 247/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 एवं 18 में जब्त किए गए कुल 14 लाख 30 हजार 100 अफीम के पौधों को नष्ट किया गया। इन पौधों में जड़, तना, पत्ती, फूल और फल शामिल थे। जब्त सामग्री का कुल वजन 62 हजार 422.2 किलोग्राम बताया गया है। इसके अलावा: 62.540 किलोग्राम अफीम का सूखा फल (डोडा) 572 ग्राम अफीम युक्त मिश्रित डोडा बुक्की का भी विधिवत नष्टीकरण किया गया। भिलाई स्टील प्लांट में पूरी हुई प्रक्रिया जब्त मादक पदार्थों को भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस-3 प्लांट में उच्च तापमान पर नष्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों और कानूनी दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई गई। इस दौरान सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि पूरी कार्रवाई पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके। पर्यावरणीय मानकों का भी रखा गया ध्यान पुलिस अधिकारियों के अनुसार मादक पदार्थों के नष्टीकरण से पहले पर्यावरण विभाग और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई थी। इसके बाद वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से सामग्री को नष्ट किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई न केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, बल्कि अवैध मादक पदार्थ कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए भी जरूरी है। नशे के खिलाफ सख्त संदेश दुर्ग रेंज पुलिस का कहना है कि प्रदेश में नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती और कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। समोदा मामले में की गई यह कार्रवाई नशा कारोबार से जुड़े लोगों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v