Durg News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पूजा-पाठ के नाम पर लोगों को रकम “सौ गुना” बढ़ाने का झांसा देकर ठगी करता था। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, एक लाख रुपये नकद और एक सफेद अर्टिगा कार जब्त की गई है। यह कार्रवाई पुलगांव थाना पुलिस ने की।
आर्थिक तंगी में फंसे व्यक्ति को बनाया शिकार
मामले का खुलासा करते हुए एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि प्रार्थी रामकुमार जायसवाल, जो पेशे से ड्राइवर है, आर्थिक तंगी से परेशान था। इस दौरान उसने अपने परिचित जामगांव निवासी राजू से मदद मांगी। राजू ने उसे महाराष्ट्र के एक व्यक्ति “छोटू” का नंबर दिया और बताया कि वह पूजा-पाठ के जरिए पैसे को कई गुना बढ़ा सकता है।
छोटू नामक व्यक्ति ने रामकुमार को “मंदा पासवान” नाम की महिला से संपर्क करने को कहा। मंदा पासवान, जो महाराष्ट्र के यवतमाल की रहने वाली है, ने रामकुमार को भरोसा दिलाया कि वह उसकी 11 लाख की रकम को 11 करोड़ बना सकती है।

पूजा के बहाने हुई ठगी
1 नवंबर को मंदा पासवान अपने दो साथियों के साथ एक सफेद अर्टिगा कार में दुर्ग पहुंची। वह बस स्टैंड के पास रामकुमार से मिली और उसे पूजा के लिए एक लाख रुपये, चावल, आटा, नींबू और अन्य सामान लाने को कहा। रात करीब 8 बजे पूजा शुरू हुई।
थोड़ी देर बाद मंदा पासवान ने रामकुमार से सिंदूर की डिब्बी लाने को कहा। जब वह सिंदूर लेकर लौटा, तब तक तीनों आरोपी कार समेत मौके से फरार हो चुके थे। रामकुमार को ठगी का एहसास हुआ और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की तत्पर कार्रवाई
शिकायत मिलते ही पुलगांव पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए जिले में घेराबंदी की और कुछ ही घंटों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि फरारी के दौरान आरोपियों ने कार की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाकर पहचान छिपाने की कोशिश की थी।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में सक्रिय था और पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र और धनवृद्धि के नाम पर भोले-भाले लोगों को निशाना बनाता था। पुलिस ने जब्त मोबाइल फोनों की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक किन-किन राज्यों में ठगी की है।
आरोपियों के नाम और कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के नाम मंदा पासवान, अमरदीप प्रहलाद और संजय विलास बताए गए हैं। तीनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि ठग गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
एएसपी सुखनंदन राठौर ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं, जो पूजा-पाठ या तंत्र-मंत्र के नाम पर पैसे बढ़ाने का दावा करता हो। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
निष्कर्ष
दुर्ग पुलिस की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है जो लालच में आकर अंधविश्वास के जाल में फंस जाते हैं। ठग गिरोह लोगों की आस्था और आर्थिक परेशानियों का फायदा उठाकर लाखों की ठगी कर रहे थे। लेकिन पुलिस की तत्परता से इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ और एक बड़ी ठगी की साजिश नाकाम कर दी गई।
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