1 सितंबर से शुरू हुई ई-केवाईसी
CSPDCL की ओर से प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसकी शुरुआत 1 सितंबर से मोर बिजली ऐप के माध्यम से की गई।
उपभोक्ता मोर बिजली ऐप पर जाकर वीडियो KYC के जरिए अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए फेस रीडिंग और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP का इस्तेमाल किया जाएगा।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया में उपभोक्ता के आधार नंबर और बिजली खाते से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। इससे बिजली कनेक्शन से जुड़ी पहचान को अपडेट करने में मदद मिलेगी।
7 सितंबर से कार्यालय में भी KYC
जो उपभोक्ता मोबाइल ऐप के जरिए ई-केवाईसी नहीं कराना चाहते या किसी कारण से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए 7 सितंबर से बिजली कार्यालयों में सुविधा उपलब्ध होगी।
CSPDCL के सभी जोन कार्यालयों में जाकर उपभोक्ता ई-केवाईसी करा सकेंगे। कार्यालय में प्रक्रिया के दौरान थंब इंप्रेशन और OTP के माध्यम से पहचान सत्यापन किया जाएगा।
इसके बाद विभाग की ओर से कर्मचारी घर-घर जाकर भी ई-केवाईसी करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इस दौरान फेस रीडिंग या थंब रीडिंग और आधार नंबर पर भेजे जाने वाले OTP के जरिए स्मार्ट मीटर की ई-केवाईसी की जा सकेगी।
दूसरे के नाम से कनेक्शन की पहचान
बिजली कनेक्शन की ई-केवाईसी के जरिए ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान करने में मदद मिलेगी, जो किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से स्मार्ट मीटर या बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
विभाग के अनुसार, ई-केवाईसी से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि वास्तविक बिजली उपभोक्ता कौन है और बिजली खाता किस व्यक्ति के नाम पर दर्ज है।
हालांकि, बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता दूसरे व्यक्ति के नाम से बिजली कनेक्शन का उपयोग कर रहा है, तो उसे कनेक्शन में नाम परिवर्तन कराने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल ऐसे कनेक्शनों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि बिजली उपभोक्ताओं की जानकारी को सही तरीके से सत्यापित करना भी है।
आधार से जुड़ेगा बिजली खाता
स्मार्ट मीटर की ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता के 12 अंकों वाले आधार नंबर का डेटाबेस से मिलान किया जाएगा। इसके माध्यम से उपभोक्ता के बिजली खाते यानी CA नंबर को सत्यापित आधार से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी होगी।
इससे बिजली खाते की पहचान आधार से लिंक हो सकेगी। विभाग की ओर से सभी उपभोक्ताओं को अपने आधार को CA नंबर से लिंक करने की बात कही गई है।
ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ताओं को अपनी व्यक्तिगत जानकारी देते समय सावधानी बरतने की भी जरूरत होगी। यदि कोई कर्मचारी घर पर KYC करने आता है, तो उसकी CSPDCL ID की जांच करने के बाद ही जानकारी साझा करने की सलाह दी गई है।
बिजली चोरी रोकने में मिलेगी मदद
विभाग के अनुसार, सभी बिजली कनेक्शनों की KYC होने से बिजली उपभोक्ताओं की पहचान सत्यापित करने में मदद मिलेगी। इससे बिजली चोरी और अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वाले कनेक्शनों की पहचान में भी सहायता मिल सकती है।
इसके अलावा सब्सिडी के पात्र BPL बिजली उपभोक्ताओं को DBT के माध्यम से बैंक खाते में लाभ मिलने की बात कही गई है। इसके लिए उपभोक्ता की बिजली खाता संबंधी जानकारी का सही तरीके से सत्यापन महत्वपूर्ण होगा।
इसलिए उपभोक्ताओं के लिए KYC प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी बताया गया है।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया निशुल्क
CSPDCL की ओर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। उपभोक्ताओं से KYC के नाम पर किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।
यदि कोई कर्मचारी ई-केवाईसी के बदले पैसे की मांग करता है, तो उपभोक्ता इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए CSPDCL का हेल्पलाइन नंबर 1912 उपलब्ध कराया गया है।
विभाग ने उपभोक्ताओं को KYC करने आने वाले कर्मचारियों की पहचान की जांच करने की भी सलाह दी है। कर्मचारी की CSPDCL ID सत्यापित करने के बाद ही अपनी आवश्यक जानकारी साझा करनी चाहिए।
KYC के लिए जरूरी दस्तावेज
ई-केवाईसी या कार्यालय में व्यक्तिगत सत्यापन के दौरान उपभोक्ताओं को कुछ आवश्यक दस्तावेज अपने पास रखने होंगे। इनमें आधार कार्ड की मूल प्रति, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और बिजली बिल पर दर्ज CA नंबर शामिल हैं।
BPL कार्डधारक उपभोक्ताओं के लिए राशन कार्ड भी जरूरी बताया गया है। सब्सिडी के पात्र बिजली उपभोक्ताओं को बैंक खाता नंबर की जानकारी भी देनी होगी।
वहीं, व्यक्तिगत बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए CSPDCL कार्यालय में पासपोर्ट फोटो की जरूरत बताई गई है।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड की मूल प्रति
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- बिजली बिल पर दर्ज CA नंबर
- BPL उपभोक्ताओं के लिए राशन कार्ड
- सब्सिडी पात्र उपभोक्ताओं के लिए बैंक खाता नंबर
- कार्यालय में व्यक्तिगत बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए पासपोर्ट फोटो
आधार डाटा की सुरक्षा भी चुनौती
बिजली कनेक्शन को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया के साथ उपभोक्ताओं के डाटा की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होगी। आधार लिंक होने के बाद उपभोक्ताओं की जानकारी CSPDCL के पास पहुंचेगी।
ऐसे में इस डाटा को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसके लिए CSPDCL को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) से आवश्यक अनुमति भी लेनी होगी।
उपभोक्ताओं की पहचान और आधार से जुड़ी जानकारी के इस्तेमाल को लेकर डाटा सुरक्षा एक महत्वपूर्ण पहलू रहेगा।
हेल्पलाइन नंबर भी जारी
ई-केवाईसी से जुड़ी किसी तरह की परेशानी या शिकायत के लिए CSPDCL की ओर से हेल्पलाइन नंबर 1912 दिया गया है। आधार से जुड़ी सहायता के लिए 1974 हेल्पलाइन भी उपलब्ध है, जिसका समय सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक बताया गया है।
इसके अलावा CSPDCL की वेबसाइट और कस्टमर ई-मेल के जरिए भी संबंधित जानकारी और सहायता प्राप्त की जा सकती है।
प्रदेश में लाखों बिजली उपभोक्ता
छत्तीसगढ़ में अलग-अलग श्रेणियों में बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ता हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, घरेलू निम्न दाब श्रेणी में करीब 65 लाख उपभोक्ता हैं।
इसके अलावा प्रदेश में करीब 4,151 उच्च दाब उपभोक्ता, लगभग 5 लाख गैर-घरेलू यानी कमर्शियल उपभोक्ता और करीब 6 लाख कृषि पंप उपभोक्ता हैं।
इन सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए KYC प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल 1 सितंबर से ऑनलाइन ई-केवाईसी शुरू हो चुकी है और 7 सितंबर से जोन कार्यालयों में भी KYC कराने की सुविधा शुरू होगी।
उपभोक्ताओं को KYC के नाम पर किसी व्यक्ति को अनधिकृत भुगतान नहीं करना चाहिए। घर पर KYC के लिए आने वाले कर्मचारी की पहचान CSPDCL ID से सत्यापित करना जरूरी होगा। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




