CG News: छत्तीसगढ़ बंद का असर बीजापुर जिले में व्यापक रूप से देखने को मिला। जिले में सुबह से ही जनजीवन लगभग ठहर सा गया। बीजापुर शहर के साथ-साथ भोपालपटनम, आवापल्ली, भैरमगढ़ और मद्देड जैसे प्रमुख कस्बों में व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रहीं। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और आम दिनों में नजर आने वाली चहल-पहल पूरी तरह गायब दिखी।
सुबह होते ही बीजापुर शहर के मुख्य बाजार, सब्जी मंडी, कपड़ा बाजार, किराना दुकानें, होटल-ढाबे और निजी संस्थान बंद नजर आए। आमतौर पर जहां सुबह के समय बाजारों में लोगों की आवाजाही शुरू हो जाती है, वहीं बंद के कारण सड़कों पर गिने-चुने लोग ही दिखाई दिए। रोजमर्रा की जरूरतों की खरीदारी नहीं हो पाने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी असर
बीजापुर के अलावा भोपालपटनम, आवापल्ली, भैरमगढ़ और मद्देड में भी हालात लगभग एक जैसे रहे। इन कस्बों के प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर बंद को समर्थन दिया। आवश्यक सेवाओं से जुड़ी कुछ चुनिंदा दुकानों को छोड़ दिया जाए, तो बाकी सभी व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह ठप रहीं।
ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय आने वाले लोगों की संख्या भी कम रही। जो लोग बैंक, अस्पताल या अन्य जरूरी कामों से पहुंचे, उन्हें कई स्थानों पर निराशा हाथ लगी क्योंकि अधिकांश कार्यालय और दुकानें बंद थीं।
परिवहन व्यवस्था आंशिक रूप से प्रभावित
बंद के कारण सार्वजनिक परिवहन पर भी असर देखने को मिला। हालांकि निजी बसें और ऑटो रिक्शा आंशिक रूप से चलते रहे, जिससे ग्रामीण इलाकों से आने-जाने वालों को पूरी तरह परेशानी नहीं हुई। इसके बावजूद सड़कों पर यातायात सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रहा।
प्रशासन और पुलिस रही सतर्क
बंद के दौरान जिले में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती की गई थी ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन की ओर से पहले ही लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई थी, जिसका असर भी देखने को मिला।
व्यापारियों और आम जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बंद से उन्हें आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन जिस उद्देश्य से बंद का आह्वान किया गया है, उसके समर्थन में एकजुटता दिखाना जरूरी था। कई व्यापार संघों ने पहले ही बंद को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी, जिसका असर सुबह से ही साफ नजर आने लगा।
वहीं आम नागरिकों ने भी हालात को समझते हुए अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। लोगों का कहना है कि शांति बनाए रखते हुए अपनी बात को लोकतांत्रिक तरीके से रखना जरूरी है।
स्वास्थ्य और आवश्यक सेवाएं रहीं जारी
बंद के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं पर खास असर नहीं पड़ा। जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में सामान्य कामकाज चलता रहा। आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहीं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिली। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया गया था कि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
शांतिपूर्ण रहा बंद
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ बंद का बीजापुर जिले में व्यापक असर देखने को मिला। शहर से लेकर कस्बों और आसपास के ग्रामीण इलाकों तक बंद का पालन शांतिपूर्ण ढंग से किया गया। बाजारों के बंद रहने से जनजीवन लगभग ठहर गया, लेकिन प्रशासन की सतर्कता और नागरिकों के सहयोग से पूरे जिले में शांति बनी रही और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।
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