CG News: कोरबा जिले में 28 लाख रुपए के वित्तीय फ्रॉड मामले में आरोपी बनाए गए कारोबारी दीपक टंडन उर्फ अंबेडकर टंडन के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि यह वही दीपक टंडन हैं, जिन्होंने कुछ समय पहले DSP कल्पना वर्मा पर रिश्वत, गिफ्ट और निजी संबंधों में फंसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। अब खुद उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा कस गया है और मामला नई दिशा में बढ़ता दिख रहा है।
कोर्ट की सख्ती, टंडन की मुश्किलें बढ़ीं
कटघोरा की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कु. रंजू वैष्णव की अदालत ने दीपक टंडन के खिलाफ यह वारंट इसलिए जारी किया क्योंकि वे बार-बार नोटिस मिलने के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। धोखाधड़ी से जुड़े मामले में भी उन्होंने न तो जांच में सहयोग किया और न ही सुनवाई के दौरान कोई उपस्थिति दर्ज कराई। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
28 लाख की धोखाधड़ी का मामला क्या है?
कोरबा थाना क्षेत्र के एक फरियादी ने दीपक टंडन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि टंडन ने ₹28,00,000 (28 लाख) रुपए की धोखाधड़ी की। फरियादी के अनुसार:
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उन्हें व्यवसायिक निवेश और आर्थिक लेन-देन के नाम पर रकम दी गई।
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पैसे मिलने के बाद न तो निवेश किया गया और न ही रकम लौटाई गई।
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कई बार मांगने के बावजूद दीपक टंडन टालमटोल करते रहे।
मामला न्यायालय में लंबित है। फरियादी की शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद कोर्ट ने टंडन को सुनवाई के लिए तिथि निर्धारित कर नोटिस भेजा।
12 दिसंबर को उन्हें कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वे अनुपस्थित रहे। लगातार गैरहाज़िरी और जांच में सहयोग नहीं करने के कारण अदालत ने कठोर रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
डीएसपी कल्पना वर्मा पर गंभीर आरोप: विवाद कैसे शुरू हुआ?
दीपक टंडन हाल के दिनों में सुर्खियों में तब आए, जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से डीएसपी कल्पना वर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनके दावों के मुख्य बिंदु थे:
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उन्होंने डीएसपी को लगभग 2 करोड़ रुपए के गिफ्ट दिए।
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रिश्ता बनाने और फायदा लेने का आरोप लगाया।
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वॉट्सएप चैट और वीडियो (कुल 51 फाइलें) कुछ पत्रकारों को दिखाए।
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बाद में ये फाइलें डिलीट कर दी गईं।
इन आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई थी। हालांकि, इन दावों की प्रामाणिकता को लेकर आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार, विभागीय स्तर पर इन आरोपों की आंतरिक जांच की चर्चा जरूर है, लेकिन कोई औपचारिक पुष्टि नहीं।
दीपक टंडन खुद जांच के दायरे में क्यों आए?
टंडन पर लगे 28 लाख के फ्रॉड केस का डीएसपी पर लगाए गए आरोपों से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, लेकिन घटनाक्रम दोनों मामलों को जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है:
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डीएसपी पर आरोप लगाने के बाद दीपक टंडन लगातार मीडिया में सक्रिय रहे।
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लेकिन दूसरी तरफ, कोर्ट और पुलिस की जांच में उनका रवैया ढीला रहा।
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निर्धारित तिथियों पर पेश नहीं होने से उनके खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य हो गई।
आरोपों की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अब मामले में अगला कदम उठाने की तैयारी में है।
टंडन की पत्नी पर भी मामला दर्ज—परिवार पर बढ़ते कानूनी साए
विवाद का दायरा सिर्फ दीपक टंडन तक सीमित नहीं है। उनकी पत्नी बरखा टंडन के खिलाफ भी मामला दर्ज है। डीएसपी कल्पना वर्मा के पिता ने बरखा टंडन पर 40 लाख रुपए की वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
इस मामले की भी न्यायालय में सुनवाई जारी है।
इससे स्पष्ट है कि टंडन दंपत्ति पर कानूनी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आगामी दिनों में इन मामलों की दिशा बदल सकती है।
टंडन vs डीएसपी विवाद का प्रभाव
दीपक टंडन का नाम पिछले कुछ महीनों से लगातार सुर्खियों में रहा है। डीएसपी पर लगाए गए आरोपों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी कठघोरे में खड़ा किया था। कई पत्रकारों ने दावा किया कि टंडन ने उन्हें निजी दस्तावेज और चैट फाइलें दिखाई थीं, जिनसे वे अपने आरोप साबित करना चाहते थे।
हालांकि:
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इन दस्तावेजों की पुष्टि अब तक नहीं हुई।
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पुलिस ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
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बाद में टंडन ने खुद ही ये फाइलें डिलीट कर दीं।
अब जब उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है, तो इस विवाद की दिशा पूरी तरह बदल सकती है।
अधिकारियों और पुलिस का रुख: जांच में ढिलाई पर सख्ती
कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि वे दीपक टंडन को गिरफ्तार कर पेश करें। पुलिस अधिकारियों ने बताया:
“कोर्ट के वारंट को प्राथमिकता दी जाएगी। आरोपी की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।”
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार:
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कोर्ट की अवमानना से बचने के लिए पुलिस जल्द कार्रवाई करेगी।
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आर्थिक अपराध और कोर्ट की अवहेलना दोनों गंभीर मामले हैं।
लंबे समय से जांच लंबित होने और आरोपी की अनुपस्थिति ने अदालत को सख्त आदेश जारी करने के लिए मजबूर किया।
आगे क्या? (Impact Section)
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अब इस मामले में कई बड़े बदलाव संभव हैं:
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दीपक टंडन की गिरफ्तारी:
पुलिस जल्द उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करेगी। -
डीएसपी पर लगे आरोपों की दिशा बदलेगी:
कानूनी रूप से कमजोर स्थिति में आने के बाद टंडन के आरोपों की वैधता को लेकर सवाल बढ़ सकते हैं। -
फ्रॉड केस की सुनवाई तेज होगी:
आरोपी की उपस्थिति से पीड़ित के पक्ष को मजबूती मिल सकती है। -
टंडन दंपत्ति पर बढ़ सकता है दबाव:
दोनों पर वित्तीय मामलों में आरोप लंबित हैं, ऐसे में न्यायालय कड़े रुख के संकेत दे रहा है। -
पुलिस विभाग की आंतरिक जांच तेज हो सकती है:
डीएसपी का नाम सामने आने के बाद विभाग भी अपने स्तर पर कुछ तथ्य स्पष्ट करना चाहेगा।
मामला संवेदनशील होने के कारण अगले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण अपडेट मिल सकते हैं। फिलहाल कोरबा पुलिस और कोर्ट दोनों इस पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
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