CG News: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल के खिलाफ सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है, जहां सिंधी और अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों ने बघेल की टिप्पणी के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी।

संत झूलेलाल और महाराजा अग्रसेन पर अभद्र टिप्पणी का आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अमित बघेल ने सोशल मीडिया पर किए अपने पोस्ट में सिंधी समाज के पूजनीय इष्टदेव संत झूलेलाल जी और महाराजा अग्रसेन जी के बारे में अभद्र और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
इस टिप्पणी के बाद दोनों समाजों में गहरा आक्रोश फैल गया।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह बयान न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है, बल्कि समाज में विभाजन और वैमनस्य फैलाने का कार्य भी करता है।
सामाजिक सौहार्द के खिलाफ बताया बयान
सिंधी और अग्रवाल समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने पुलिस प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कहा कि अमित बघेल का यह बयान धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकता के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि ऐसे वक्तव्य समाज में अशांति फैलाने का काम करते हैं, इसलिए आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
भिलाई नगर पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत की जांच के बाद भिलाई नगर पुलिस ने अमित बघेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत अपराध दर्ज किया है।
यह धारा किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से संबंधित है।
पुलिस ने बताया कि बयान की सामग्री का डिजिटल साक्ष्य एकत्र किया गया है और मामले की जांच जारी है।
समाजों ने की तत्काल गिरफ्तारी की मांग
सिंधी और अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों ने अमित बघेल की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून का सख्त संदेश जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धर्म या समाज पर टिप्पणी करने से पहले जिम्मेदारी समझे।
दोनों समाजों ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की है कि सोशल मीडिया पर धार्मिक असंवेदनशील टिप्पणियों की निगरानी बढ़ाई जाए।
शहर में बढ़ा तनाव, पुलिस अलर्ट
टिप्पणी वायरल होने के बाद भिलाई में माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस का बयान
भिलाई नगर थाना प्रभारी ने कहा कि —
“शिकायत पर अपराध दर्ज कर लिया गया है। बयान की तकनीकी जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई कानूनी प्रावधानों के तहत की जाएगी। किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।”
धार्मिक भावनाओं पर टिप्पणी को लेकर बढ़ रही संवेदनशीलता
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर धर्म और समाज से संबंधित आपत्तिजनक बयानों के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है।
प्रशासन ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने की नीति पर काम कर रहा है, ताकि सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक शांति बनी रहे।
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