CG News: रायगढ़ जिले में Jindal Power Tamnar ने अपनी CSR (Corporate Social Responsibility) पहल के तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्लांट और माइंस क्षेत्र के लगभग 40 गांवों के किसानों को धान, मूंगफली, अरहर, मिलेट और करेला के बीज वितरित किए गए। इस दौरान किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक, कम लागत में अधिक उत्पादन और कृषि मशीनों के उपयोग की भी जानकारी दी गई।
जिंदल फाउंडेशन का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ नई कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
40 गांवों के किसानों को मिला लाभ
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में प्लांट क्षेत्र के करीब 40 गांवों से किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में CSR मैनेजर शीतल पटेल ने किसानों से खेती की मौजूदा पद्धतियों की जानकारी ली और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि कम भूमि में भी नई तकनीकों की मदद से अधिक उत्पादन लिया जा सकता है। किसानों को आवश्यकता अनुसार कृषि मशीनें उपलब्ध कराने की भी बात कही गई।
पराली नहीं जलाने की दी सलाह
कार्यक्रम के दौरान किसानों को धान की पराली (पैरा) खेतों में नहीं जलाने की सलाह दी गई। शीतल पटेल ने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता कम होती है और उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने किसानों से पराली से जैविक खाद बनाने की अपील की। साथ ही बताया कि यदि किसान पराली नहीं उठा पा रहे हैं तो वे जिंदल फाउंडेशन द्वारा निर्धारित FPO (Farmer Producer Organization) को सूचना दें, जहां से पराली उठाने की व्यवस्था की जाएगी।
मूंगफली बोने की मशीन भी मिलेगी
CSR अधिकारी सुरेश डनसेना ने बताया कि जिंदल फाउंडेशन किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि किसानों के लिए Groundnut Sowing Machine उपलब्ध है, जिसका उपयोग वे कर सकते हैं। इसके अलावा जल्द ही Groundnut Shelling Machine भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसानों को उत्पादन के बाद प्रसंस्करण में सुविधा मिलेगी।
श्री विधि और Millets की खेती पर दिया जोर
कार्यक्रम में किसानों को SRI Method (श्री विधि) से धान की खेती और Millets की खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इन आधुनिक कृषि पद्धतियों से कम पानी और कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
जिंदल फाउंडेशन द्वारा किसानों को नई कृषि तकनीकों की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रशिक्षण और सहयोग दिया जा रहा है।
माइंस क्षेत्र के किसानों को भी मिले बीज
केवल प्लांट क्षेत्र ही नहीं, बल्कि माइंस क्षेत्र के किसानों को भी धान, मूंगफली और अन्य फसलों के बीज वितरित किए गए। फाउंडेशन का लक्ष्य क्षेत्र के अधिक से अधिक किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




