Thursday, February 5, 2026
Homeinsights SpecialCG News: महानदी जल विवाद सुलझाने की पहल तेज, हाई लेवल कमेटी...

CG News: महानदी जल विवाद सुलझाने की पहल तेज, हाई लेवल कमेटी की पहली बैठक 22 दिसंबर को भुवनेश्वर में

CG News: छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को सुलझाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए ओडिशा सरकार ने उच्चस्तरीय राजनीतिक–प्रशासनिक कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की पहली औपचारिक बैठक 22 दिसंबर को शाम 4 बजे भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में होगी। बैठक की अध्यक्षता ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनकबर्धन सिंह देव करेंगे।

हालांकि महानदी जल बंटवारे का मामला अभी भी ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है, लेकिन इसके समानांतर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर समाधान निकालने की कोशिश को एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी कमेटी

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर गठित इस हाई लेवल कमेटी में सत्ताधारी भाजपा के साथ-साथ बीजद और कांग्रेस के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा महानदी बेसिन से जुड़े जिलों के विधायक भी इस कमेटी का हिस्सा हैं।

सरकार का उद्देश्य है कि तकनीकी, प्रशासनिक और राजनीतिक सभी पहलुओं पर एक साथ चर्चा कर ऐसा समाधान तलाशा जाए, जो राज्य के हितों के साथ-साथ अंतरराज्यीय समन्वय को भी मजबूत करे।

अलग-अलग मोर्चों पर चल रही बातचीत

सूत्रों के अनुसार, महानदी जल विवाद को लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकारें फिलहाल अलग-अलग मोर्चों पर सक्रिय हैं। एक ओर ट्रिब्यूनल में कानूनी प्रक्रिया जारी है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक संवाद के जरिए गतिरोध तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

कमेटी को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह महानदी के जल उपयोग, बांधों, बैराजों और डाउनस्ट्रीम–अपस्ट्रीम प्रभावों का गहराई से अध्ययन कर सरकार को स्पष्ट सिफारिशें दे।

ट्रिब्यूनल जाने पर उठे सवाल

कमेटी के गठन के बाद ओडिशा के वरिष्ठ विधायक जयनारायण मिश्रा का बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार का महानदी विवाद को सीधे ट्रिब्यूनल में ले जाना एक गलत निर्णय था।

उनका मानना है कि न्यायिक प्रक्रिया के कारण विवाद के समाधान में अनावश्यक देरी हुई। मिश्रा के अनुसार, इस मुद्दे का राजनीतिक समाधान ज्यादा प्रभावी और त्वरित हो सकता था।

बैराज निर्माण को लेकर सुझाव

जयनारायण मिश्रा ने यह भी कहा कि जैसे छत्तीसगढ़ ने महानदी पर बैराजों का निर्माण किया है, उसी तरह ओडिशा को भी हीराकुद बांध के नीचे अतिरिक्त बैराज बनाने पर विचार करना चाहिए।

उनका तर्क है कि इससे जल प्रबंधन बेहतर होगा और ओडिशा के हित सुरक्षित किए जा सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और हाई लेवल कमेटी के प्रयासों से यह विवाद समाप्ति की ओर बढ़ेगा।

नौ साल बाद बनी कमेटी, अहम बताया गया कदम

कमेटी की सदस्य और कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने इसे एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि लगभग नौ साल बाद इस तरह की सर्वदलीय कमेटी का गठन हुआ है, जो अपने आप में बड़ी बात है।

उनका कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया में अक्सर वर्षों लग जाते हैं, ऐसे में यह कमेटी त्वरित और व्यावहारिक समाधान निकालने में सहायक हो सकती है। सोफिया फिरदौस के मुताबिक, यह मंच सभी पक्षों को सुनने और संतुलित निर्णय तक पहुंचने का अवसर देगा।

पानी से जुड़े हर पहलू की होगी समीक्षा

सरकारी सूत्रों का कहना है कि हाई लेवल कमेटी महानदी नदी के जल बंटवारे से जुड़े सभी तकनीकी, पर्यावरणीय और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा करेगी। इसमें राज्य में बने और प्रस्तावित बांधों, बैराजों, सिंचाई परियोजनाओं और औद्योगिक जल उपयोग पर भी चर्चा होगी।

कमेटी की सिफारिशों के आधार पर ओडिशा सरकार आगे की रणनीति तय करेगी और जरूरत पड़ने पर छत्तीसगढ़ सरकार से औपचारिक बातचीत का रास्ता भी खोला जा सकता है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल

22 दिसंबर को होने वाली पहली बैठक को लेकर ओडिशा के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खासा उत्साह है। इसे महानदी जल विवाद के समाधान की दिशा में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

यदि कमेटी किसी ठोस सहमति या रोडमैप पर पहुंचती है, तो इसका असर ट्रिब्यूनल की कार्यवाही और दोनों राज्यों के आपसी संबंधों पर भी पड़ सकता है।

इन नेताओं को मिली कमेटी में जिम्मेदारी

आठ सदस्यीय इस हाई लेवल कमेटी में ओडिशा के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, उद्योग मंत्री संपदा चंद्र स्वैन, गवर्नमेंट चीफ विजिलेंट सरोज कुमार प्रधान, बीजद विधायक निरंजन पुजारी, संबलपुर विधायक जयनारायण मिश्रा और कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस शामिल हैं।

कमेटी की संरचना को देखते हुए यह स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक सहमति के साथ सुलझाने की कोशिश कर रही है।

छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें – https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v

साथ ही हमारे Facebook पेज से जुड़े – https://www.facebook.com/profile.php?id=61579881036814

sarthak@bohidar
sarthak@bohidarhttp://www.cginsights.in
Journalist and content professional based in India. I write clear, people-first stories across news, media, and digital platforms.
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments