CG News: राजधानी पुलिस ने सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामलों में फरार चल रहे कुख्यात अपराधी वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका सार्वजनिक जुलूस निकाला। इस दौरान वीरेंद्र तोमर की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
बताया जा रहा है कि आरोपी लंगड़ाते हुए चल रहा था और उसकी बनियान फटी हुई थी। रायपुर क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में उसे मध्यप्रदेश के ग्वालियर से पकड़ा।

16 से अधिक केस दर्ज, भाई रोहित अब भी फरार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वीरेंद्र सिंह तोमर और उसका भाई रोहित तोमर दोनों रायपुर के आदतन अपराधी हैं। इन पर अब तक 16 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें —
-
मारपीट
-
हत्या का प्रयास
-
ब्लैकमेलिंग
-
धोखाधड़ी
-
धमकी
-
चाकूबाजी
-
आर्म्स एक्ट और सूदखोरी के मामले शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच की टीम फिलहाल फरार आरोपी रोहित तोमर की तलाश में छापेमारी कर रही है।
ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी में हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की बेंच ने रायपुर में चल रहे ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के मामलों में वीरेंद्र तोमर और उसके भाई रोहित तोमर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
हालांकि, दोनों की पत्नियों और एक भतीजे को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अदालत के इस आदेश के बाद से दोनों भाई फरार थे और लगातार ठिकाने बदल रहे थे।
ग्वालियर से पकड़ा गया, रायपुर लाकर की गई पूछताछ
पांच महीने की खोजबीन के बाद पुलिस को ग्वालियर (मध्यप्रदेश) से वीरेंद्र तोमर के छिपे होने की सूचना मिली। क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर उसे ग्वालियर के लश्कर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रायपुर लाया गया और SP कार्यालय में विस्तृत पूछताछ की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में वीरेंद्र ने कई मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है और कुछ मामलों में अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं।
आदतन अपराधी की लंबी आपराधिक पृष्ठभूमि
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वीरेंद्र तोमर पर पहला आपराधिक मामला वर्ष 2006 में दर्ज किया गया था।
उसके बाद से उसने रायपुर के कई थानों में उगाही, धमकी, सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग और मारपीट जैसे अपराधों को अंजाम दिया।
पुलिस ने उसे आदतन अपराधी (Habitual Offender) की सूची में शामिल कर रखा है।
वह अपने भाई रोहित तोमर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कर्ज देने के नाम पर ऊंचे ब्याज पर सूदखोरी करता था और पैसे न लौटाने वालों को धमकी व मारपीट के जरिए वसूलता था।
जुलूस के दौरान बेहोश हुआ वीरेंद्र तोमर
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का जुलूस निकाला, ताकि शहर के लोगों को उसकी करतूतों से अवगत कराया जा सके।
इस दौरान जब पुलिस आरोपी को थाना क्षेत्र में लेकर जा रही थी, तब वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसे पानी पिलाया और प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि वीरेंद्र ने गिरफ्तारी के दौरान नशे में होने की बात स्वीकार की और उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।
पुलिस की सख्त चेतावनी: अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई
रायपुर एसएसपी ने कहा कि “सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों पर रायपुर पुलिस की नीति जीरो टॉलरेंस की है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों को बचाने या उनके साथ सहयोग करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी ने तोमर गैंग से कर्ज लिया है या धमकी झेली है, तो वे निडर होकर पुलिस से संपर्क करें, उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें – https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v
साथ ही हमारे Facebook पेज से जुड़े – https://www.facebook.com/profile.php?id=61579881036814



Recent Comments