रायगढ़। तमनार क्षेत्र स्थित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान की जनसुनवाई 14 अक्टूबर को धौरभाठा में आयोजित की जाएगी। इस खदान के संचालन से दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित होंगे और सैकड़ों परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है।
जनचेतना के राजेश त्रिपाठी ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक न तो कंपनी और न ही सरकार ने विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर कोई स्पष्ट योजना बताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून का सीधा उल्लंघन है। त्रिपाठी ने जनप्रतिनिधियों पर भी आरोप लगाया कि वे अपने स्वार्थ के लिए तमनार की जनता के साथ धोखा कर रहे हैं।

त्रिपाठी ने जानकारी दी कि पहले यह खदान गुजरात सरकार को आवंटित थी, लेकिन उसके वापस करने के बाद अब यह जिंदल पावर लिमिटेड को दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि विस्थापितों के अधिकार और पुनर्वास योजना पर ठोस कदम न उठाए जाने पर यह मुद्दा बड़ा आंदोलन का रूप ले सकता है।
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