CG News: Fly Ash Dam फूटने पर CSPGCL पर 27.60 लाख का जुर्माना

CG News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले स्थित हसदेव ताप विद्युत गृह (पूर्व) के फ्लाई ऐश डाइक (राखड़ बांध) में दरार आने और उससे हुए जल प्रदूषण के मामले में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बड़ी कार्रवाई की है। पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) पर 27 लाख 60 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) लगाई गई है।

मार्च में सामने आया था मामला

जानकारी के अनुसार, मार्च 2026 में हसदेव ताप विद्युत गृह के ऐश डाइक में दरार आने से बड़ी मात्रा में राख मिश्रित पानी आसपास के क्षेत्रों और प्राकृतिक जल स्रोतों में फैल गया था। इससे स्थानीय जल स्रोत प्रदूषित हुए और पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों ने प्रदूषण और जल स्रोतों को हुए नुकसान की शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने जांच शुरू की।

निरीक्षण में मिली गंभीर अनियमितताएं

पर्यावरण संरक्षण मंडल की टीम ने 18 मार्च 2026 को संयंत्र का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान ऐश डाइक से राखयुक्त पानी के रिसाव और उसके आसपास के नालों एवं जल स्रोतों में पहुंचने की पुष्टि हुई।

निरीक्षण रिपोर्ट में प्रबंधन की लापरवाही और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों की कमी सामने आने के बाद मंडल ने संयंत्र प्रबंधन को नोटिस जारी किया।

दो नोटिस के बाद लगा जुर्माना

प्रारंभिक जांच के बाद CSPGCL प्रबंधन को जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों के तहत सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, पर्यावरण मंडल को प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं मिला।

इसके बाद दूसरा नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में 27.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया।

नुकसान की भरपाई और सुधार के निर्देश

क्षेत्रीय कार्यालय कोरबा द्वारा जारी आदेश में CSPGCL को निर्धारित राशि जमा करने के साथ-साथ ऐश डाइक की मरम्मत करने और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्यावरण मंडल ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

पर्यावरण सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

फ्लाई ऐश डाइक से रिसाव की घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते निगरानी और रखरखाव नहीं होने पर जल स्रोतों, कृषि भूमि और स्थानीय जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v