Thursday, February 5, 2026
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CG News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में साम्प्रदायिक हिंसा, भीड़ ने अल्पसंख्यक समुदाय के घर जलाए, महिलाओं-बच्चों को बचाते हुए 7 पुलिसकर्मी घायल

CG News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुटकैया गांव में रविवार, 1 फरवरी 2026 को साम्प्रदायिक तनाव ने हिंसक रूप ले लिया। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने गांव में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े आधा दर्जन से अधिक घरों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। हालात इतने बिगड़ गए कि महिलाओं और बच्चों समेत दो दर्जन से अधिक लोगों को भीड़ से बचाने के दौरान कम से कम सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने कई घंटों तक मोर्चा संभालकर भीड़ को घरों में घुसने से रोके रखा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हिंसा कुछ घंटे पहले हुई एक मारपीट की घटना के बाद भड़की, जिसमें तीन युवकों पर स्थानीय लोगों से मारपीट करने का आरोप है। इनमें से एक युवक पहले से ही मंदिर तोड़फोड़ के मामले में जमानत पर बाहर था।


मंदिर तोड़फोड़ के पुराने मामले से जुड़ा है विवाद

गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि वर्ष 2024 में दुटकैया गांव निवासी आरिफ खान और उसके दो साथियों पर गांव के चावेश्वर शिव मंदिर में तोड़फोड़ करने का आरोप लगा था। उस समय आरिफ खान को नाबालिग होने के कारण माना स्थित किशोर सुधार गृह भेजा गया था। बाद में उसी वर्ष उसे जमानत मिल गई थी।

पुलिस के अनुसार, आरिफ खान, जो अब 18 वर्ष का है, जमानत मिलने के बाद गांव नहीं लौटा था। रविवार तड़के वह अपने दो साथियों के साथ गांव पहुंचा और कथित तौर पर चार लोगों के साथ मारपीट की, जिनमें मंदिर तोड़फोड़ मामले का एक प्रत्यक्षदर्शी भी शामिल था।


पुलिस कार्रवाई के बावजूद भड़की भीड़

मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने आरिफ खान और उसके साथियों के खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज किए और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इसके बावजूद गांव में तनाव बना रहा और एक छोटी भीड़ ने आरिफ खान के घर में तोड़फोड़ कर दी।

स्थिति को संभालने के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश दी। हालांकि, कुछ ही समय में दुटकैया और आसपास के गांवों से सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। हाथों में लाठी, ईंट, पत्थर और केरोसिन की बोतलें लिए भीड़ ने 10 मुस्लिम परिवारों के घरों में घुसने की कोशिश की, जिन्होंने डर के कारण खुद को घरों में बंद कर लिया था।


महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में पुलिस ने संभाला मोर्चा

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने वाहनों में आग लगा दी और मुस्लिम परिवारों के घरों में प्रवेश की मांग करने लगी। उसी दौरान राज्य में राजिम कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के चलते पुलिस बल की कमी थी। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने कई घंटों तक मोर्चा संभालकर महिलाओं और बच्चों समेत घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित रखा।

भीड़ ने पत्थरबाजी की और आसपास के घरों से अंदर घुसने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस टीम ने reinforcement आने तक उन्हें रोके रखा। शाम करीब 9 बजे दो चरणों में अतिरिक्त बल पहुंचा, जिसके बाद पुलिस ने फंसे हुए लोगों को एक स्थान पर इकट्ठा करना शुरू किया।


बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया गया, बच्चे भी सुरक्षित निकाले गए

हालात बेकाबू होने पर पुलिस को न्यूनतम बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा। लगभग 20 से अधिक लोगों को बस के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इस दौरान दो वयस्कों को चोटें आईं।

इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली कि एक मदरसे में छह से सात बच्चे फंसे हुए हैं। उन्हें भी सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन इस रेस्क्यू ऑपरेशन में छह पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं।

रात करीब 12 बजे हालात काबू में आए, लेकिन इसके बाद भी एक महिला ने भीड़ से पुलिसकर्मी पर ईंट फेंक दी, जिससे उसे सिर में गंभीर चोट आई। अन्य पुलिसकर्मियों को भी हल्की और कुंद चोटें आईं।


गांव खाली, जांच जारी

सोमवार दोपहर जब पुलिस गांव में दोबारा पहुंची, तो जले हुए वाहन और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान दिखाई दिए। गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंसा के बाद सभी मुस्लिम परिवार गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 2024 की घटना के बाद भी संबंधित परिवार डर के कारण गांव छोड़ चुके थे, लेकिन प्रशासन के आश्वासन पर वे वापस लौटे थे। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों समुदायों के बीच तनाव पहले से था, जो सामाजिक और आर्थिक कारणों से जुड़ा हुआ था।


पुलिस का आधिकारिक बयान

पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आरोपियों के घर के पास भीड़ जमा होने की सूचना पर तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। जान-माल की सुरक्षा के लिए आवश्यक न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया और घायलों को अस्पताल भेजा गया।

इस पूरे मामले में दंगे और हिंसा से जुड़े दो FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

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