CG News: रायपुर। शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सेवा अब पहले से महंगी हो गई है। रायपुर नगर निगम ने यूजर चार्ज में संशोधन करते हुए रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों श्रेणियों के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले का सीधा असर शहर की करीब 3.60 लाख संपत्तियों पर पड़ेगा। नई दरें लागू होने के साथ ही निगम ने ऑनलाइन सिस्टम अपडेट कर नए रेट के आधार पर वसूली भी शुरू कर दी है।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार यह संशोधन निर्धारित नियमों के तहत किया गया है और इसकी समीक्षा हर तीन वर्ष में की जाती है। पहले की तुलना में रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों कैटेगरी में अलग-अलग स्तर पर शुल्क बढ़ाया गया है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी अतिरिक्त वित्तीय भार बढ़ गया है।
रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों श्रेणियों पर असर
नई दरों के अनुसार रेजिडेंशियल उपभोक्ताओं को अब हर महीने 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे, जबकि कमर्शियल श्रेणी में 30 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। उदाहरण के तौर पर 1,000 वर्गफीट के मकान का सालाना यूजर चार्ज 960 रुपये से बढ़कर 1,080 रुपये हो गया है।
कमर्शियल संस्थानों में भी अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार शुल्क तय किया गया है। निजी स्कूल, अस्पताल, होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, मैरिज पैलेस और दुकानों पर भी नए रेट लागू कर दिए गए हैं। 25 कुर्सियों वाले रेस्टोरेंट का वार्षिक चार्ज 3,960 रुपये से बढ़ाकर 4,320 रुपये कर दिया गया है।
कचरे की मात्रा के आधार पर तय होता है चार्ज
नगर निगम ने बताया कि यूजर चार्ज सभी उपभोक्ताओं के लिए समान नहीं होता। रेजिडेंशियल संपत्तियों में मकान के आकार के आधार पर शुल्क तय किया जाता है, जबकि व्यावसायिक संस्थानों में अलग-अलग मानक लागू हैं।
रेस्टोरेंट में सीटिंग कैपेसिटी, अस्पतालों में बेड की संख्या और होटल-लॉज में कमरों की संख्या के आधार पर चार्ज निर्धारित किया जाता है। क्लीनिकों के लिए बायो-वेस्ट मैनेजमेंट शुल्क के साथ अलग से यूजर चार्ज लिया जाता है।
2017-18 से लागू है यह व्यवस्था
रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सेवा की शुरुआत वर्ष 2017-18 में हुई थी। उसी समय यूजर चार्ज प्रणाली लागू की गई थी। प्रारंभ में 1,000 वर्गफीट मकान के लिए केवल 60 रुपये प्रतिमाह शुल्क रखा गया था, जो समय-समय पर बढ़ता रहा है।
निगम के नियमों के अनुसार हर तीन वर्ष में शुल्क की समीक्षा अनिवार्य है। इसी प्रक्रिया के तहत यह तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है।
तीन दिन में 84 लाख रुपये का रेवेन्यू
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार नई दरें लागू होने के बाद महज तीन दिनों में लगभग 84 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। प्रशासन का मानना है कि इस बढ़ोतरी से स्वच्छता व्यवस्था और कचरा प्रबंधन सेवाओं को और मजबूत किया जा सकेगा।
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