Friday, February 6, 2026
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CG Liquor Scam: ₹3200 करोड़ के शराब घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, सौम्या चौरसिया गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ में मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज

CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित ₹3200 करोड़ के शराब घोटाले में बड़ी कारवाई सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को इस मामले की जांच को और तेज करते हुए सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों और अवैध धन लेन-देन से जुड़े नेटवर्क पर आधारित है, जिनके बारे में एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान गंभीर और ठोस प्रमाण मिले हैं। इस केस को छत्तीसगढ़ के अब तक के सबसे बड़े आर्थिक अपराधों में से एक माना जा रहा है, जिसमें सरकारी तंत्र के दुरुपयोग, कथित कमीशनखोरी और शराब कारोबार से जुड़े अवैध धन के आदान-प्रदान के आरोप हैं।

गिरफ्तारी के बाद मामला फिर से सुर्खियों में है। ED अब सौम्या चौरसिया को आज सुबह करीब 11 बजे विशेष अदालत में पेश करेगी और रिमांड की मांग कर आगे जांच को गति देने की योजना बना रही है। इस कार्रवाई के बाद राज्यभर के राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है, क्योंकि माना जा रहा है कि यह जांच अब कई अन्य नामों पर भी शिकंजा कस सकती है।


कैसे हुई गिरफ्तारी? — जांच की पूरी प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने सौम्या चौरसिया को पहले समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। लगभग पूरे दिन चली लंबी पूछताछ के दौरान एजेंसी को शराब कारोबार से जुड़े कथित अवैध लेन-देन और उसके नेटवर्क की संचालन प्रणाली को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पूछताछ के बाद ED ने दावा किया कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, जिसके आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया।

जांच टीम के अनुसार —

  • शराब कारोबार से जुड़े अवैध नेटवर्क की पुष्टि

  • बड़े पैमाने पर धन के अवैध प्रवाह के संकेत

  • अवैध वसूली और आर्थिक लेन-देन के साक्ष्य

  • कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दस्तावेज

  • सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के आरोपों से जुड़े सुराग

इन सभी बिंदुओं पर ED अब आगे की जांच में और गहराई से कार्य करेगी।


₹3200 करोड़ का शराब घोटाला — क्या है मामला?

ED के मुताबिक छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री प्रणाली में भारी अनियमितताएं सामने आई थीं। आरोप है कि —

  • फर्जी बिलिंग

  • आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर

  • अवैध आपूर्ति चैनल

  • शराब दुकानों से कमीशन वसूली

  • धन का हवाला के जरिए प्रवाह

इन सभी तरीकों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। यह भी कहा जा रहा है कि यह नेटवर्क कई स्तरों पर फैला हुआ था — कारोबारी, सप्लाई चेन, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर तक।


पहले भी जा चुकी हैं जेल

सौम्या चौरसिया इससे पहले भी ₹570 करोड़ के कोयला घोटाले में जेल जा चुकी हैं। उस समय ED ने आरोप लगाया था कि अवैध वसूली और धन के प्रवाह में उनकी भूमिका सामने आई थी।

इस ताजातरीन गिरफ्तारी के बाद यह माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक अपराधों की जांच अब एक निर्णायक चरण में पहुंच रही है।


राजनीतिक हलचल — आरोप-प्रत्यारोप तेज

3200 करोड़ के शराब घोटाले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो रही है। सत्ता पक्ष दावा कर रहा है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख का परिणाम है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ सकता है।

हालांकि ED का कहना है कि उनकी कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्य और तथ्यों पर आधारित है —
“जांच सम्बंधित दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान से मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों का सीधा संकेत मिला है।” — ED सूत्र


कौन है सौम्या चौरसिया? — जानिए विस्तृत प्रोफाइल

  • छत्तीसगढ़ राज्य सेवा 2008 बैच

  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की करीबी

  • उप सचिव पद पर कार्यरत

  • प्रशासनिक सेवा में बेहद प्रभावी और सक्रिय छवि

  • मूल निवासी: कोरबा

  • शिक्षा पूरी करने के बाद CGPSC परीक्षा उत्तीर्ण

  • बिलासपुर, पेंड्रा, भिलाई, पाटन में एसडीएम पद पर पदस्थ

  • बाद में रायपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे जुड़ी हुईं

उनकी बढ़ती प्रशासनिक पकड़ और राजनीतिक पहुंच को लेकर पहले भी चर्चाएं होती रही हैं।


आगे क्या होगा? — जांच तेज होगी

ED अब —

  • नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों से पूछताछ

  • बैंक खातों की निगरानी

  • डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच

  • विदेश से जुड़े लेन-देन की जांच

  • दस्तावेजों का विश्लेषण
    करने जा रही है।

अदालत में रिमांड मिलने पर जांच और व्यापक होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, हालांकि तमाम राजनीतिक दल इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।


क्या और गिरफ्तारी होंगी?

ED इस मामले में अब कई और नामों पर फोकस कर रही है। एजेंसी का अनुमान है कि यह नेटवर्क अकेले नहीं चल सकता था, इसलिए इसमें और बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में छापेमारी और गिरफ्तारी दोनों की संभावना है।


राज्य की जनता पर असर

इस मामले ने शासन और सार्वजनिक तंत्र पर विश्वास को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। शराब घोटाले ने —

  • आर्थिक प्रबंधन

  • सरकारी सिस्टम की पारदर्शिता

  • भ्रष्टाचार नियंत्रण

  • राजनीतिक नैतिकता
    में गंभीर बहस खड़ी कर दी है।

राज्यव्यापी बहस का विषय यह भी है कि अगर यह घोटाला पूरी तरह साबित होता है तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।

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