Thursday, February 5, 2026
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CG IAS Transfer: छत्तीसगढ़ में 11 IAS अधिकारियों का तबादला, छह जिलों में कलेक्टर बदले, प्रशासनिक तंत्र में बड़ा परिवर्तन

CG IAS Transfer: छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 11 अधिकारियों का व्यापक रूप से तबादला आदेश जारी किया है। इस फेरबदल में छह बड़े जिलों के कलेक्टर बदल दिए गए हैं, जिनमें सरगुजा, कोरबा, दंतेवाड़ा, सुकमा, बेमेतरा और नारायणपुर शामिल हैं। इस बदलाव को शासन-प्रशासन में सुधार, क्षेत्रीय विकास की गतिशीलता और जिला स्तर पर प्रशासनिक प्रदर्शन को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार सरकार ने यह निर्णय उन जिलों में तेज नेतृत्व और बेहतर क्रियान्वयन व्यवस्था लाने के उद्देश्य से लिया है, जहां विकास कार्यों की तेजी तथा प्रशासनिक समन्वय को नई दिशा देने की जरूरत थी। यह फेरबदल प्रदेश के शासन ढांचे में आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण बदलाव और नई प्राथमिकताओं के संकेत दे रहा है।


6 जिलों के कलेक्टर बदलना क्यों महत्वपूर्ण?

छत्तीसगढ़ में जिला प्रशासन वह पहला तंत्र है जिसके माध्यम से योजनाएं जनता तक पहुंचती हैं। ऐसे में कलेक्टर पद पर तैनात अधिकारियों के स्थानांतरण से जिले की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रभाव पड़ता है—

  • प्रशासनिक गति बढ़ती है

  • विकास कार्यों को नया नेतृत्व मिलता है

  • सुरक्षा और कानून व्यवस्था का प्रबंधन सुधरता है

  • क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार अधिकारी तैनात किए जाते हैं

सरकार द्वारा जारी आदेशों में देखा गया कि नई जिम्मेदारियां क्षेत्रीय चुनौतियों, अनुभव और प्रशासनिक समझ के आधार पर दी गई हैं।


कौन कहाँ गए — IAS अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां

अजीत वसंत — सरगुजा के नए कलेक्टर

कोरबा के कलेक्टर रहे अजीत वसंत को सरगुजा जिले की कमान दी गई है। सरगुजा राज्य का प्रमुख प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र होने के कारण यह जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कुणाल दुदावत — कोरबा के कलेक्टर नियुक्त

दंतेवाड़ा में उत्कृष्ट कार्य कर रहे IAS कुणाल दुदावत को कोरबा में पदस्थ किया गया है। कोरबा औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र का महत्वपूर्ण जिला है, जहां प्रशासनिक गतिशीलता की चुनौती बड़ी है।

देवेश कुमार ध्रुव — दंतेवाड़ा के नए कलेक्टर

सुकमा में पदस्थ देवेश कुमार ध्रुव को दंतेवाड़ा भेजा गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम का अनुभव उन्हें अतिरिक्त मजबूती देता है।

अमित कुमार — अब सुकमा के कलेक्टर

नगर निगम बिलासपुर के आयुक्त रहे अमित कुमार को सुकमा का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहां सुरक्षा, विकास और संचार विस्तार तीनों बड़े दायित्व हैं।

प्रतिष्ठा ममगाईं — बेमेतरा की नई कलेक्टर

उत्साही प्रशासनिक अधिकारी प्रतिष्ठा ममगाईं को बेमेतरा जिले की जिम्मेदारी दी गई है। यह जिला कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र है।

नम्रता जैन — नारायणपुर की कलेक्टर

रायपुर में पदस्थ रही IAS नम्रता जैन को नारायणपुर जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है। यह नक्सल प्रभावित इलाका है, इसलिए यह नियुक्ति बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।


अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां — कौन कहाँ नियुक्त?

भोसकर विलास — अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी

कलेक्टर भोसकर विलास को अब अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। चुनावी सुचारू प्रबंधन में उनकी भूमिका अहम होगी।

रणबीर शर्मा — अब एनएचएम के प्रबंध संचालक

बेमेतरा के कलेक्टर रहे रणबीर शर्मा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है।

साथ ही उनकी नियुक्ति के बाद संजीव कुमार झा को एनएचएम के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

प्रकाश कुमार सर्वे — बिलासपुर नगर निगम आयुक्त पद पर

नगर निगम बिलासपुर में अमित कुमार की जगह प्रकाश कुमार सर्वे को नया आयुक्त बनाया गया है।

गजेन्द्र सिंह ठाकुर — धमतरी जिला पंचायत के CEO

गजेन्द्र सिंह ठाकुर को धमतरी जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।

रोमा श्रीवास्तव — मंत्रालय में उप सचिव

रोमा श्रीवास्तव को जिला पंचायत धमतरी से हटाकर मंत्रालय में उप सचिव पद पर पदस्थ किया गया है।


बदलाव का प्रभाव — क्या बदल जाएगा?

प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र में इस फेरबदल से कई जिलों में नीतियों की गति तेज होने की संभावना है।

विशेष रूप से—

  • नक्सल प्रभावित जिलों में नई रणनीति और तेज अमल

  • औद्योगिक जिलों में विकास परियोजनाओं को बढ़ावा

  • ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का सटीक क्रियान्वयन

  • स्वास्थ्य और शिक्षा पर विस्तारित ध्यान

  • शहरी निकायों में सेवा तंत्र की मजबूती

जिला प्रशासनिक नेतृत्व बदला जाना केवल पदस्थापना का मामला नहीं, बल्कि राज्य की नीतिगत सोच की दिशा भी संकेतित करता है।


राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल

हालांकि यह स्थानांतरण नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसे 2025 की विकास प्राथमिकताओं से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राज्य सरकार विकास गति बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रशासनिक स्तरीय बदलाव कर रही है।

विपक्ष इसे प्रशासनिक दबाव और राजनीतिक प्रभाव से जोड़कर देख सकता है, जबकि सत्ता पक्ष इसे सुशासन की दिशा में सुधार और जन-हित में उठाए गए कदम के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।


क्या और फेरबदल होंगे?

सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में पुलिस और जिलेवार सहायक विभागों में भी स्थानांतरण संभव है। राज्य सरकार तंत्र को नया आकार देकर कार्यप्रणाली और क्रियान्वयन दोनों में सुधार लाना चाहती है।


प्रदेश प्रशासन के लिए बड़ा मोमेंट

छत्तीसगढ़ में यह फेरबदल कई स्तरों पर प्रभाव डालेगा —

  • फील्ड प्रशासन में तेजी

  • राज्य योजनाओं का बेहतर अनुश्रवण

  • भू-राजनीतिक क्षेत्रों में स्थिरता

  • नेतृत्व का विस्तार

  • नौकरशाही में नई ऊर्जा

नए कलेक्टरों और अधिकारियों से जनता को बेहतर व्यवस्था और सेवाओं की उम्मीद है।

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