CG Budget 2026: छत्तीसगढ़ में सत्ता संभालने के बाद विष्णु देव साय सरकार का पहला बड़ा बजट अब साफ संकेत दे रहा है कि राज्य किस दिशा में आगे बढ़ने वाला है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट ने न केवल विकास की नई रूपरेखा तैयार की है, बल्कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को केंद्र में रखकर एक व्यापक विजन भी पेश किया है।
यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि “SANKALP” थीम के तहत सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को जमीन पर उतारने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने के लिए यह बजट मील का पत्थर साबित होगा।
SANKALP बजट: विकास का नया रोडमैप
राज्य सरकार ने इस बार बजट को “SANKALP” थीम पर आधारित किया है, जो GYAN और GATI के बाद अगला चरण माना जा रहा है। कुल 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में 1.45 लाख करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 26,500 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया है।
पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि सरकार सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे स्थायी विकास कार्यों पर ज्यादा ध्यान दे रही है। केंद्र से मिलने वाली विशेष सहायता को 4,000 करोड़ से बढ़ाकर 8,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे बड़े प्रोजेक्ट्स को गति मिलने की उम्मीद है।
राजकोषीय घाटा GSDP के 2.87 प्रतिशत पर नियंत्रित रखा गया है, जो राज्य की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
किसानों पर फोकस: कृषि बनेगी विकास की रीढ़
इस बजट का सबसे बड़ा फोकस कृषि क्षेत्र रहा है। सरकार ने धान खरीदी, समर्थन मूल्य और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए बड़े प्रावधान किए हैं।
‘कृषक उन्नति योजना’ के लिए 10,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कृषि पंपों हेतु 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान कर सरकार ने उन वर्गों को भी राहत देने की कोशिश की है जो अक्सर योजनाओं से बाहर रह जाते हैं।
बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योग, राइस मिल, पोल्ट्री फार्म और एग्रो-फॉरेस्ट प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे ग्रामीण रोजगार में वृद्धि होगी।
महिलाओं को आर्थिक मजबूती: संपत्ति और सुरक्षा दोनों
बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर पंजीयन शुल्क में 50% की छूट का प्रस्ताव उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
‘रानी दुर्गावती योजना’ के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर पात्र बालिकाओं को 1.5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना’ और 250 ‘महतारी सदनों’ के निर्माण का प्रावधान महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देगा।
महतारी वंदन योजना के लिए भी बजट में पर्याप्त राशि रखी गई है, जिससे महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा: दूरस्थ क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है, खासकर बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में।
जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज एवं मेडिकल सिटी स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही डॉक्टरों की विशेष भर्ती की जाएगी ताकि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
स्कूलों के उन्नयन और शिक्षकों की भर्ती के लिए भी बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री: निवेश और रोजगार को बढ़ावा
राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना के लिए 450 करोड़ और आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा 36 सड़कों को दो लेन में विकसित करने की योजना है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
सीजी वायु योजना के तहत बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
युवाओं के लिए ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ योजनाओं के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही अबूझमाड़ और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी स्थापित करने की योजना भी शामिल है।
युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए अवसर
स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप’ और ‘निपुण’ योजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल कनेक्टिविटी और तकनीकी विकास पर भी सरकार का फोकस साफ दिखाई दे रहा है।
लोगों में दिखी सकारात्मक प्रतिक्रिया
इस बजट को राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। आम जनता, किसान, महिलाएं और युवा वर्ग इसे राहत देने वाला और भविष्य उन्मुख बजट मान रहे हैं।
सरकार का दावा है कि यह बजट “छत्तीसगढ़ अंजोर-2047” विजन को साकार करने की दिशा में ठोस कदम है, जिसमें नीति, निवेश, निर्माण और नवाचार को प्राथमिकता दी गई है।
क्या बदलेगा इस बजट से?
इस बजट के जरिए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, महिला सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित होगा।
यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह बजट राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।
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