CG Breaking News: रायपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। विशाखापट्टनम से बिलासपुर होते हुए रायपुर पहुंची वंदे भारत एक्सप्रेस के AC 2-टियर कोच से दो कम उम्र की युवतियों को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई को NCB और RPF की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया, जिसमें 24 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 3 से 4 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह केस इसलिए भी चर्चाओं में है, क्योंकि आरोपी लड़कियां साधारण पहनावे में, बिल्कुल आम यात्रियों की तरह सफर कर रही थीं, जिससे किसी को भी शक नहीं हो पाया। लेकिन गोपनीय सूचना और जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ।
AC कोच में चल रही थी तस्करी — बैग खोलते ही चौंक गई पुलिस
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी नीलम राठौर और रीना वर्मा, दोनों तिफरा, बिलासपुर की रहने वाली हैं। ये विशाखापट्टनम से भारी मात्रा में गांजा लेकर वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं और उन्हें रायपुर या आसपास के सप्लाई नेटवर्क तक माल पहुँचाना था।
टीम ने जब दोनों के ट्रॉली बैग खोले, तो अंदर केवल गांजे की गांठें मिलीं। कपड़े या व्यक्तिगत सामान बिल्कुल नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक:
“बैग खोलने के बाद स्पष्ट हो गया कि यह संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। इतनी कम उम्र की लड़कियों का इस तरह के नेटवर्क में शामिल होना चौंकाता है।”
युवतियों को मीडिया के सामने पेश किया गया, जहां वे चेहरा छिपाते दिखीं।
विशाखापट्टनम लंबे समय से गांजा सप्लाई के प्रमुख रूटों में शामिल है। आंध्र प्रदेश के अगल-बगल के जंगलों में उगाए जाने वाले गांजे को समुद्री और सड़क मार्ग से विशाखापट्टनम लाया जाता है और फिर रेलमार्ग के जरिए उत्तर और मध्य भारत में सप्लाई किया जाता है।
NCB के अधिकारियों के मुताबिक, जब्त 24 किलो गांजा शहर के ग्रे मार्केट में 3-4 लाख रुपये की कीमत पर बिक सकता था। युवतियां इसे ट्रॉली बैग में छुपाकर ऐसे ले जा रही थीं जैसे वे सामान्य सफर कर रही हों।
NCB–RPF की संयुक्त कार्रवाई — पहले से थी गुप्त सूचना
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी को पहले से ही वंदे भारत एक्सप्रेस में तस्करी होने की सूचना मिली थी। इसीलिए टीम ने विशाखापट्टनम से ही कोच पर नज़र रखी। जैसे ही ट्रेन रायपुर पहुंची, दोनों युवतियों को उतरते समय रोका गया और पूछताछ की गई। व्यवहार संदिग्ध लगने पर उनके बैग की जांच की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
बताया जा रहा है कि दोनों लड़कियां किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती हैं, जिसके लिंक आंध्र प्रदेश से जुड़े हैं।
कम उम्र, स्मार्ट पहनावा — तस्करी का नया पैटर्न
अधिकारियों ने बताया कि तस्करी करने वाले गिरोह अब कम उम्र की लड़कियों और महिलाओं का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं, ताकि:
- रेलवे में कम शक हो
- चेकिंग के दौरान नरमी मिल सके
- आसान से आसानी से भीड़ में घुल-मिल सकें
दोनों युवतियां आम कॉलेज स्टूडेंट की तरह दिख रही थीं, जिससे ट्रेन स्टाफ और यात्रियों को उन पर कोई शक नहीं हुआ।
गांजा एक खतरनाक नशा — NDPS एक्ट में सख्त सजा
भारत में NDPS एक्ट के तहत:
- गांजा रखना, बेचना या ले जाना अपराध है
- दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और जुर्माना हो सकता है
- 20 किलो से ज्यादा मात्रा commercial quantity मानी जाती है
इस मामले में बरामद मात्रा commercial category में आती है, इसलिए दोनों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय है।
गांजा शरीर पर कई प्रकार के हानिकारक प्रभाव छोड़ता है, विशेष रूप से:
- तेज हृदय गति
- चिंता और डर
- मानसिक अस्थिरता
- भ्रम (हैलुसिनेशन)
लंबे समय तक सेवन करने वाले कई युवाओं को मानसिक बीमारियों का सामना करना पड़ता है।
युवतियों के नेटवर्क की तलाश — कई स्थानों पर छापेमारी
NCB और RPF अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:
- इन युवतियों को किसने भेजा?
- रायपुर में कौन इसे रिसीव करने वाला था?
- क्या इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह है?
एजेंसियों ने कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और बिलासपुर–रायपुर रूट पर तस्करी के पिछले मामलों को भी खंगाला जा रहा है।
रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट — वंदे भारत पर विशेष निगरानी
वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनें आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन हाल की घटनाओं के बाद:
- RPF ने विशेष निगरानी बढ़ाई है
- AC कोचों में रैंडम चेकिंग होगी
- विशाखापट्टनम–रायपुर रूट पर NCB की कार्रवाइयाँ बढ़ाई जाएँगी
अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी ट्रेन में नशा तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय नेटवर्क पर बढ़ा संदेह — तस्करी का तरीका हाईटेक और संगठित
इस केस से साफ है कि नशा तस्कर:
- स्मार्टफोन्स से ट्रैकिंग
- सोशल मीडिया कम्युनिकेशन
- ई-टिकट सिस्टम
- AC कोच में सफर
का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। लेकिन इस गिरफ्तारी ने इस रूट के कई गिरोहों पर नकेल कस दी है।
अधिकारी अब इस मामले को बड़ा केस मानकर आगे की जांच कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने जताई चिंता
इस घटना के बाद रायपुर स्टेशन पर यात्रियों और स्थानीय लोगों ने चिंता जाहिर की। कई यात्रियों ने कहा कि:
“हम वंदे भारत को सबसे सुरक्षित मानते हैं। उसमें इतनी भारी मात्रा में नशा तस्करी होना चिंताजनक है।”
रेलवे अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसे मामलों पर बहुत सख्त नजर रखी जाएगी।
Impact: युवतियों की गिरफ्तारी ने नशा तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया
रायपुर और बिलासपुर के बीच पिछले कुछ महीनों में नशा तस्करी के कई मामले पकड़ में आए हैं। वंदे भारत में पकड़ा गया यह तस्करी का मामला पुलिस और NCB के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
यह गिरफ्तारी इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
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