CG Breaking News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। छत्तीसगढ़ क्लब के सामने स्कूल जा रहे भाई-बहन को ट्रैफिक पुलिस की टो-गाड़ी ने अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि राजधानी में भारी वाहनों की लापरवाह आवाजाही, स्कूल समय में ट्रैफिक प्रबंधन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
रोज ऑटो से जाते थे स्कूल, आज एक्टिवा बनी हादसे का कारण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक और घायल बच्ची सगे भाई-बहन हैं और प्रतिदिन ऑटो रिक्शा से स्कूल आया-जाया करते थे। शुक्रवार को किसी कारणवश दोनों एक्टिवा स्कूटर से स्कूल के लिए निकले थे। सुबह का समय होने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही अपेक्षाकृत अधिक थी।
इसी दौरान छत्तीसगढ़ क्लब के सामने ट्रैफिक पुलिस की टो-गाड़ी ने स्कूटर को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बहन गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान— तेज रफ्तार में थी टो-गाड़ी
हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब 8 बजे हुई। चश्मदीदों का कहना है कि टो-गाड़ी तेज रफ्तार में थी और चालक ने बच्चों को समय रहते नहीं संभाला। हादसे के तुरंत बाद टो-गाड़ी का चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल बच्ची को उठाकर एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी।
घायल बच्ची की हालत गंभीर, अस्पताल में इलाज जारी
घायल बच्ची को रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की एक टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। परिजन गहरे सदमे में हैं और अस्पताल परिसर में माहौल बेहद भावुक बना हुआ है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृत बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि फरार चालक की पहचान कर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टो-गाड़ी ट्रैफिक पुलिस से संबंधित है, इसलिए मामले में विभागीय जिम्मेदारी की भी जांच की जाएगी।
इलाके में आक्रोश, जवाबदेही की मांग
इस हादसे के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने सवाल उठाए हैं कि
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स्कूल समय में भारी और टो-वाहनों की आवाजाही क्यों होती है?
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क्या ट्रैफिक पुलिस के वाहनों के लिए स्पीड लिमिट और जवाबदेही तय नहीं है?
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बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की क्या भूमिका है?
लोगों ने मांग की है कि आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
स्कूल समय में सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब शहर में हजारों बच्चे सुबह स्कूल जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि
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स्कूल टाइम में भारी वाहनों का प्रवेश सीमित किया जाना चाहिए,
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संवेदनशील इलाकों में स्पीड कंट्रोल और ट्रैफिक मॉनिटरिंग बढ़ाई जानी चाहिए,
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और बच्चों को दोपहिया वाहन से स्कूल जाने के जोखिम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।
एक हादसा, कई सवाल
यह दुर्घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, ट्रैफिक अनुशासन और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। एक मासूम की जान चली गई और एक बच्ची जिंदगी की जंग लड़ रही है। यह घटना पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि सड़क सुरक्षा में थोड़ी-सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।
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