Friday, March 27, 2026
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CG Breaking News: आबकारी भवन के ऑडिट रूम में भीषण आग, सोमवार से शुरू होने वाले ऑडिट से पहले फाइलें जलकर खाक

रायपुर | प्रशासनिक लापरवाही / अग्निकांड

CG Breaking News: राजधानी रायपुर के लाभांडी क्षेत्र में स्थित आबकारी भवन में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अचानक लगी भीषण आग ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। आग भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के कार्यालय में लगी, जहां ऑडिट से जुड़ा महत्वपूर्ण रिकॉर्ड रखा गया था। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ऑडिट रूम में रखी फाइलें जलकर पूरी तरह राख हो गईं। सबसे गंभीर बात यह रही कि सोमवार सुबह से विभागीय ऑडिट शुरू होना था, लेकिन उससे ठीक पहले दस्तावेजों का इस तरह नष्ट होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

ऑडिट रूम से उठीं लपटें, धुएं से भर गया पूरा फ्लोर

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आधी रात के बाद आबकारी भवन की तीसरी मंजिल से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं और पूरे फ्लोर में धुआं भर गया। ऑडिट रूम में लकड़ी की अलमारियों, कागजी फाइलों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। रात के सन्नाटे में आग की भयावहता देखकर आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दमकल की दो गाड़ियां पहुंचीं, कड़ी मशक्कत के बाद काबू

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को अलर्ट किया गया। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। ऑडिट रूम बंद होने और भीतर ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक ऑडिट से जुड़ी अधिकांश फाइलें और दस्तावेज पूरी तरह जल चुके थे।

सोमवार से शुरू होना था ऑडिट, सभी फाइलें नष्ट

जानकारी के अनुसार, CSMCL कार्यालय के इसी ऑडिट रूम में विभागीय ऑडिट से संबंधित वर्षों पुराने महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे गए थे। सोमवार सुबह से ऑडिट प्रक्रिया शुरू होनी थी, जिसके लिए अधिकारी और ऑडिट टीम की तैयारी पूरी हो चुकी थी। लेकिन उससे पहले ही आधी रात को लगी आग में ऑडिट की फाइलें, रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात जलकर स्वाहा हो गए। इस घटना ने न सिर्फ ऑडिट प्रक्रिया को प्रभावित किया है, बल्कि विभागीय पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

आग लगने के कारणों पर सस्पेंस, कई सवाल खड़े

फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन ऑडिट से ठीक पहले फाइलों का जलना संदेह को और गहरा कर रहा है। यह महज एक हादसा था या किसी साजिश के तहत महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट किए गए, इस सवाल पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

तेलीबांधा थाना क्षेत्र का मामला, पुलिस और FSL जांच में जुटी

यह पूरा मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई की गई। साथ ही, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। FSL टीम आग के स्रोत, फैलने के तरीके और संभावित कारणों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है।

प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे सवाल

इस घटना के बाद प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। महत्वपूर्ण सरकारी फाइलों को सुरक्षित रखने के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम थे, क्या फायर सेफ्टी के नियमों का पालन किया जा रहा था, और अगर ऑडिट रूम में अग्निशमन उपकरण मौजूद थे तो उनका उपयोग क्यों नहीं हो पाया—इन सभी बिंदुओं पर जांच की मांग तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू न पाया जाता, तो पूरी इमारत को गंभीर नुकसान हो सकता था।

ऑडिट प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर

फाइलों के नष्ट हो जाने से अब ऑडिट प्रक्रिया कैसे पूरी होगी, इस पर भी संशय बना हुआ है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, वैकल्पिक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा के आधार पर ऑडिट कराने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। वहीं, जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी तय मानी जा रही है। यह घटना न केवल एक अग्निकांड है, बल्कि सिस्टम की सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी बड़ा सवाल बनकर सामने आई है।

प्रभाव और महत्व

आबकारी भवन में लगी यह आग केवल एक कार्यालय तक सीमित घटना नहीं है, बल्कि इससे सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा, ऑडिट प्रक्रिया की विश्वसनीयता और प्रशासनिक सतर्कता पर सीधा असर पड़ा है। जांच के नतीजे तय करेंगे कि यह लापरवाही थी या सुनियोजित साजिश, लेकिन फिलहाल यह मामला राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी बनकर उभरा है।

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Sarthak Bohidar
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