वॉशिंगटन/तेहरान | International Conflict Update
Breaking News: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध एक महीने से अधिक समय तक चल सकता है। इसी बीच क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है—इजरायल द्वारा लेबनान पर बमबारी और तेहरान द्वारा खाड़ी देशों के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की खबरों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में रह रहे अपने नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
28 फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष, बड़े हमले का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को उस हमले से हुई जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत हुई।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा:
“शुरुआत में हमने चार से पांच सप्ताह का अनुमान लगाया था, लेकिन हमारे पास इससे अधिक समय तक कार्रवाई जारी रखने की क्षमता है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि अभियान “निर्धारित समय से काफी आगे” चल रहा है।
तेहरान में धमाके, लड़ाकू विमान की उड़ान
मंगलवार सुबह तेहरान में शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राजधानी के ऊपर लड़ाकू विमान उड़ते देखे गए। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
क्षेत्रीय स्तर पर यह संघर्ष अब केवल ईरान तक सीमित नहीं दिख रहा। इजरायल-लेबनान सीमा पर भी सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
अमेरिका के घोषित लक्ष्य क्या हैं?
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहली बार सार्वजनिक रूप से इस अभियान के उद्देश्य स्पष्ट किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य है:
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ईरान की मिसाइल क्षमता को खत्म करना
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नौसैनिक ताकत को निष्क्रिय करना
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परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करना
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क्षेत्र में सशस्त्र समूहों को समर्थन रोकना
हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की मौजूदा शासन व्यवस्था को गिराना नहीं है।
मार्को रुबियो का बयान, विपक्ष ने उठाए सवाल
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि अमेरिका ने कार्रवाई तब शुरू की जब उसे जानकारी मिली कि उसका सहयोगी इजरायल ईरान पर हमला करने जा रहा है।
इस दावे पर विपक्षी डेमोक्रेट्स ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। सीनेटर Mark Warner ने कहा:
“यह अमेरिका के लिए अनजाना क्षेत्र है, जहां हम किसी सहयोगी देश की खतरे की धारणा के आधार पर युद्ध में प्रवेश कर रहे हैं।”
विपक्ष का आरोप है कि इस फैसले पर कांग्रेस से पर्याप्त चर्चा नहीं की गई।
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
विश्लेषकों का मानना है कि अगर संघर्ष लंबा चलता है तो:
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वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आ सकता है
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खाड़ी देशों की सुरक्षा पर असर पड़ेगा
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अमेरिका-ईरान संबंध दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकते हैं
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पश्चिम एशिया में अस्थिरता और बढ़ सकती है
अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम की अपील कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
आगे क्या?
राष्ट्रपति ट्रंप के बयान से संकेत मिलते हैं कि अमेरिका लंबे सैन्य अभियान के लिए तैयार है। हालांकि, युद्ध की अवधि और उसके परिणाम कई कारकों पर निर्भर करेंगे—जैसे क्षेत्रीय सहयोग, कूटनीतिक प्रयास और वैश्विक दबाव।
फिलहाल पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील हैं और दुनिया की निगाहें आने वाले दिनों पर टिकी हैं।
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