बिलासपुर | Education & Campus News
Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित Guru Ghasidas Central University (GGU) में होली सेलिब्रेशन उस वक्त विवाद में बदल गया, जब रंगोत्सव के दौरान छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। कैंपस के भीतर रजत जयंती सभागार के बाहर आयोजित कार्यक्रम में अचानक शुरू हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश जारी कर दिए गए।
सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। रंग, गुलाल और संगीत के बीच शुरू हुआ उत्सव कुछ ही मिनटों में हुड़दंग में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले कहासुनी हुई और फिर दोनों गुटों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।
रंगोत्सव के बीच अचानक भड़का विवाद
जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय के ‘ब्रदरहुड पैनल’ द्वारा होली सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया था। कैंपस में छत्तीसगढ़ी और बॉलीवुड गीतों पर छात्र नृत्य कर रहे थे। माहौल पूरी तरह उत्सवमय था।
इसी दौरान किसी बात को लेकर दो समूहों के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और छात्रों के बीच मारपीट होने लगी। कुछ छात्र एक-दूसरे को धक्का देते और हाथापाई करते दिखाई दिए।
मौके पर मौजूद कुछ छात्राओं ने बीच-बचाव का प्रयास भी किया। हालांकि कुछ देर बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई और कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया।
वीडियो वायरल, प्रशासन सक्रिय
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया। वायरल क्लिप में छात्रों के बीच झूमाझटकी और धक्का-मुक्की साफ नजर आ रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संबंधित छात्रों की पहचान की जा रही है।
फिलहाल किसी भी छात्र ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
बाहरी तत्वों की एंट्री पर सवाल
कार्यक्रम में मौजूद कुछ छात्रों का दावा है कि विवाद करने वाले सभी छात्र ब्रदरहुड पैनल से जुड़े नहीं थे। उनका कहना है कि उत्सव के दौरान कुछ बाहरी युवक कैंपस में प्रवेश कर गए थे, जिनकी वजह से स्थिति बिगड़ी।
छात्रों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन सीसीटीवी जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान करे और भविष्य में बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाए।
कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि बड़े आयोजनों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा और पहचान सत्यापन की व्यवस्था होनी चाहिए।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब होली सेलिब्रेशन के दौरान विवाद हुआ हो। कुछ दिनों पहले Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी मामूली विवाद की खबरें सामने आई थीं।
लगातार दो आयोजनों में विवाद की स्थिति बनने से विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार यदि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती हैं तो कैंपस में बड़े आयोजनों को लेकर नई गाइडलाइन जारी की जा सकती है।
कुलपति की अनुमति पर भी उठे सवाल
छात्रों को होली उत्सव मनाने की अनुमति विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा दी गई थी। भारतीय पर्वों को उत्साहपूर्वक मनाने के लिए प्रशासन हमेशा प्रोत्साहित करता रहा है।
लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया है। विश्वविद्यालय सूत्रों का कहना है कि यदि अनुशासनहीनता जारी रही तो भविष्य में ऐसे आयोजनों की अनुमति देने से पहले अतिरिक्त शर्तें लागू की जा सकती हैं।
कैंपस राजनीति और माहौल पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय परिसर केवल शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र नहीं होता, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी मंच होता है।
ऐसे में त्योहारों के दौरान तनावपूर्ण घटनाएं कैंपस के माहौल को प्रभावित करती हैं। इससे विश्वविद्यालय की छवि पर भी असर पड़ता है, खासकर तब जब वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलते हैं।
GGU देश के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है और यहां देशभर से छात्र पढ़ाई करने आते हैं। इसलिए परिसर में अनुशासन और सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
प्राथमिक जानकारी के अनुसार जांच समिति गठित की जा सकती है। यदि छात्रों की पहचान होती है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई—जैसे नोटिस, निलंबन या अन्य दंड—दिया जा सकता है।
प्रशासन यह भी देखेगा कि आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं।
भविष्य के लिए क्या कदम जरूरी?
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कैंपस में प्रवेश के लिए सख्त आईडी जांच
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बड़े आयोजनों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
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सीसीटीवी निगरानी का विस्तार
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छात्र संगठनों के लिए स्पष्ट आचार संहिता
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आयोजन से पहले जिम्मेदार पदाधिकारियों की लिखित जवाबदेही
निष्कर्ष: उत्सव में अनुशासन की जरूरत
होली जैसे सांस्कृतिक पर्व का उद्देश्य आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ाना है। लेकिन यदि ऐसे अवसर विवाद में बदल जाएं तो त्योहार का मूल भाव प्रभावित होता है।
GGU में हुई यह घटना प्रशासन और छात्रों दोनों के लिए एक चेतावनी है कि उत्सव के साथ अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है।
अब सभी की नजर विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।
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