Monday, March 23, 2026
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Bangladesh Election 2026: 12 फरवरी को मतदान, हसीना की विदाई के बाद पहली बड़ी परीक्षा, क्या दांव पर है?

ढाका | अंतरराष्ट्रीय राजनीति | आम चुनाव 2026

Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने जा रहे हैं। यह चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद पहला संसदीय चुनाव है, इसलिए इसे देश की राजनीतिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। 2024 में छात्र आंदोलनों पर कठोर कार्रवाई के बाद हसीना को पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद अंतरिम सरकार का गठन हुआ और अब देश नई संसद चुनने की तैयारी में है।

चुनाव प्रचार 10 फरवरी की सुबह समाप्त हो चुका है। मतदान के साथ ही जुलाई नेशनल चार्टर 2025 पर जनमत संग्रह भी कराया जाएगा, जो संभावित संवैधानिक और कानूनी बदलावों का खाका पेश करता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बांग्लादेश की लोकतांत्रिक विश्वसनीयता की भी परीक्षा है।


मतदान कब और कैसे होगा?

बांग्लादेश चुनाव आयोग के अनुसार मतदान 12 फरवरी को सुबह 7:30 बजे (स्थानीय समय) शुरू होगा और शाम 4:30 बजे तक चलेगा। देश के 64 जिलों में 42,761 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल 300 संसदीय सीटों के लिए मतदान होगा।

देश में 31 अक्टूबर 2025 तक 12.77 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। पहली बार डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) की सुविधा दी गई है, जिससे विदेशों में काम कर रहे करीब 1.5 करोड़ श्रमिक भी मतदान कर सकेंगे।

बांग्लादेश की संसद ‘जातीय संसद’ एक सदनीय (यूनिकैमरल) व्यवस्था है, जिसमें कुल 350 सीटें हैं।

  • 300 सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं।

  • 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिन्हें पार्टियों के प्रदर्शन के आधार पर आनुपातिक रूप से बांटा जाता है।

देश में ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ (FPTP) प्रणाली लागू है। यानी जिस उम्मीदवार को किसी क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही विजेता होता है—भले ही उसे कुल वोटों का आधा से कम हिस्सा मिला हो। 151 सीटें जीतने वाली पार्टी या गठबंधन सरकार बना सकता है।


इस चुनाव में क्या दांव पर है?

यह चुनाव जनवरी 2024 के विवादित चुनाव के बाद हो रहा है, जिसे मुख्य विपक्षी दल BNP ने बहिष्कृत किया था। जुलाई 2024 में छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और लगभग 1,400 मौतों ने राजनीतिक हालात बदल दिए। बाद में हसीना देश छोड़कर भारत चली गईं और अंतरिम नेता के रूप में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने जिम्मेदारी संभाली।

हसीना को अनुपस्थिति में मानवता के खिलाफ अपराधों में दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड दिया जा चुका है। उनकी पार्टी अवामी लीग पर राजनीतिक गतिविधियों से प्रतिबंध लगा है। ऐसे में यह चुनाव अवामी लीग की अनुपस्थिति में हो रहा है, जो दशकों तक देश की प्रमुख ताकत रही।

विशेषज्ञों के अनुसार, नई सरकार को “अवामी लीग प्रश्न” का समाधान खोजना होगा—क्या पार्टी को भविष्य में राजनीतिक प्रक्रिया में वापस आने दिया जाएगा या नहीं।


मुख्य दल और गठबंधन

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP)

केंद्र-दक्षिणपंथी BNP 10 दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। पार्टी के प्रमुख तारिक रहमान हाल ही में 17 साल के निर्वासन के बाद लौटे हैं। पार्टी की स्थापना उनके पिता जियाउर रहमान ने 1978 में की थी।

BNP ने अतीत में अवामी लीग के साथ सत्ता में अदला-बदली की है। सर्वेक्षणों के अनुसार BNP को लगभग 33% समर्थन मिल रहा है।

जमात-ए-इस्लामी (JIB)

जमात 11 दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही है, जिसमें छात्र आंदोलन से उभरी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में जमात का पंजीकरण बहाल किया, जिससे वह फिर चुनाव लड़ रही है।

एक सर्वे में उसे 29% समर्थन मिला है। जमात इस बार पहली बार एक हिंदू उम्मीदवार को भी मैदान में उतार रही है।


नतीजे कब आएंगे?

आमतौर पर अनौपचारिक परिणाम अगले दिन सुबह तक आने लगते हैं, लेकिन इस बार संसदीय मतपत्र के साथ जनमत संग्रह भी है, इसलिए गिनती में अधिक समय लग सकता है।


चुनाव क्यों है ऐतिहासिक?

  • 17 वर्षों बाद अपेक्षाकृत प्रतिस्पर्धी चुनाव की उम्मीद

  • बड़ी संख्या में पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाता

  • अवामी लीग की अनुपस्थिति

  • इस्लामी दलों का बढ़ता प्रभाव

  • संभावित संवैधानिक बदलाव पर जनमत

विशेषज्ञों का मानना है कि BNP की जीत भारत के साथ रिश्तों में संतुलन की ओर इशारा कर सकती है, जबकि जमात की सरकार क्षेत्रीय कूटनीति में अलग रुख अपना सकती है।


निष्कर्ष

बांग्लादेश का 2026 का चुनाव केवल नई संसद के गठन तक सीमित नहीं है। यह देश की राजनीतिक पुनर्संरचना, लोकतांत्रिक भरोसे और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दिशा तय करने वाला मोड़ है। युवा मतदाताओं की भूमिका, जनमत संग्रह का परिणाम और अवामी लीग के भविष्य को लेकर फैसले—ये सभी कारक मिलकर इस चुनाव को बांग्लादेश के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में शामिल कर रहे हैं।

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Sarthak Bohidar
Sarthak Bohidarhttp://www.cginsights.in
Journalist and content professional based in India. I write clear, people-first stories across news, media, and digital platforms.
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