Amit Shah Bastar News। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का दौरा करेंगे। उनका यह दौरा सांस्कृतिक और रणनीतिक दोनों ही दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शाह यहां के प्रसिद्ध बस्तर दशहरा समारोह में शामिल होंगे और पारंपरिक मुरिया दरबार में जनजातीय पुजारियों और स्थानीय नेताओं के साथ संवाद करेंगे।
अमित शाह का यह दौरा केंद्र सरकार की आदिवासी समुदायों से जुड़ने और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने की नीति को और मजबूत करेगा।
बस्तर दशहरा में होगा अमित शाह का स्वागत
हर साल की तरह इस बार भी बस्तर दशहरा का आयोजन पूरे उत्साह के साथ किया जा रहा है। इस बार खास बात यह है कि इसमें देश के गृह मंत्री अमित शाह स्वयं शामिल हो रहे हैं।
बस्तर दशहरा दुनिया के सबसे लंबे चलने वाले त्योहारों में से एक है, जो लगभग 75 दिनों तक चलता है। इस आयोजन में आदिवासी परंपराएं, लोक नृत्य, धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक समरसता की झलक देखने को मिलती है।
अमित शाह यहां मुरिया दरबार, जो एक पारंपरिक जनजातीय परिषद होती है, में भी शामिल होंगे। यहां वे मांजी, गायत, और पेरमा जैसे प्रमुख जनजातीय पुजारियों से मिलेंगे और उनके साथ भोजन भी करेंगे। यह परंपरा स्थानीय लोगों के लिए एक सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।
सांस्कृतिक जुड़ाव और राजनीतिक संदेश
गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा केवल सांस्कृतिक जुड़ाव तक सीमित नहीं है। यह एक राजनीतिक संकेत भी है कि केंद्र सरकार बस्तर के विकास और शांति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उनकी उपस्थिति से यह भी संदेश जाएगा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए गंभीर हैं।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि “सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया है।”
अमित शाह इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे।
नक्सल विरोधी अभियान की समीक्षा
गृह मंत्री बस्तर में मौजूद CRPF, BSF, और राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे नक्सल प्रभावित इलाकों में चल रहे ऑपरेशन समर्पण, ऑपरेशन प्रहार जैसी अभियानों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
शाह का यह दौरा सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने और आने वाले महीनों की रणनीति तय करने के लिए अहम माना जा रहा है।
स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी मेलों को बढ़ावा
अमित शाह जगदलपुर में आयोजित स्वदेशी मेला में भी पहुंचेंगे। इस मेले में स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्प निर्माताओं और महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाते हैं।
शाह का यह दौरा “वोकल फॉर लोकल” के संदेश को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद करेगा।
शांति, विकास और संस्कृति – तीनों पर जोर
अमित शाह का यह दौरा बस्तर के लिए तीन आयामों में अहम माना जा रहा है —
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सांस्कृतिक एकता: आदिवासी परंपराओं के साथ जुड़ाव
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विकास: स्थानीय उत्पादों और रोजगार को बढ़ावा
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सुरक्षा: नक्सल समस्या पर ठोस रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि बस्तर के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम साबित होगा।
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