Raigarh Congress: रायगढ़ नगर पालिक निगम के सभी 48 वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पार्षदों और नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में नियमित कचरा उठाव, नालियों की सफाई, फॉगिंग, मच्छर नियंत्रण, आधुनिक सफाई उपकरणों की उपलब्धता और सफाई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए हैं। कांग्रेस पार्षदों ने व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर सात दिवस बाद नगर निगम में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
ज्ञापन सौंपने वालों में नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला, पूर्व महामंत्री विकास शर्मा, पार्षद विकास ठेठवार, अनुपमा यादव, अमृत काटजू, प्रदीप विजयचंद्र टोप्पो, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप अग्रवाल, शहर कांग्रेस महामंत्री आशीष शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष आशीष चौबे, पूर्व पार्षद संजय चौहान, शारदा सिंह गहलोत सहित अन्य कांग्रेस पार्षद शामिल रहे।
कांग्रेस पार्षदों ने ज्ञापन में कहा कि शहर के सभी 48 वार्डों में नियमित और प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कचरा उठाव, नालियों की सफाई और मच्छर नियंत्रण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराने की मांग की। इसके साथ ही फॉगिंग व्यवस्था तत्काल शुरू करने तथा मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों पर आवश्यक उपाय किए जाने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में सफाई कर्मचारियों से गंदे नालों के दूषित पानी में उतरकर सफाई कराने की व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई गई है। कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि इस तरह कर्मचारियों को असुरक्षित और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। उन्होंने बड़े नालों और नालियों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों के उपयोग की मांग की है।
पार्षदों ने दावा किया कि नगर निगम के पास सक्शन और जेटिंग वाहन उपलब्ध हैं, लेकिन उनका उपयोग बड़े नालों और नालियों की सफाई के बजाय डिवाइडर एवं मूर्तियों की सफाई में किया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि उपलब्ध सक्शन और जेटिंग मशीनों का इस्तेमाल बड़े नालों और नालियों की सफाई में किया जाए, ताकि कर्मचारियों को दूषित पानी में उतरकर सफाई करने की आवश्यकता कम हो और सफाई व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सके।
ज्ञापन में शहर के विकास और सौंदर्यीकरण पर खर्च होने वाली राशि का भी उल्लेख किया गया है। कांग्रेस पार्षदों ने सवाल उठाया कि विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद आम जनता को स्वच्छ वातावरण, धूल रहित सड़कें और मच्छरजनित बीमारियों से राहत क्यों नहीं मिल पा रही है। उन्होंने नगर निगम की सफाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त आधुनिक संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की।
कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम में सफाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ऐसे कर्मचारियों के कारण संबंधित क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। साथ ही उनके कथित दुर्व्यवहार से आम जनता, पार्षदों और नगर निगम की छवि प्रभावित होने की बात कही गई है। पार्षदों ने ऐसे कर्मचारियों को तत्काल कार्य से मुक्त कर संबंधित क्षेत्रों में स्थायी सफाई दरोगा नियुक्त करने की मांग की है।
सभी 48 वार्डों में सफाई दरोगा और सुपरवाइजरों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की मांग भी ज्ञापन में की गई है। कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि दरोगा और सुपरवाइजरों को प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्रों में उपस्थित और अनुपस्थित कर्मचारियों की जानकारी देने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में अनुपस्थित कर्मचारियों की भी हाजिरी लगा दी जाती है और कर्मचारियों को निर्धारित समय से पहले छुट्टी दे दी जाती है। कांग्रेस पार्षदों के अनुसार, ऐसी स्थिति में सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए दरोगा और सुपरवाइजरों की कार्यप्रणाली की नियमित जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
मच्छर नियंत्रण को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने सभी 48 वार्डों में तत्काल फॉगिंग शुरू करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम की खराब पड़ी फॉगिंग मशीनों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए। आवश्यकता होने पर चार डबल बैरल थर्मल फॉगिंग मशीनें खरीदने की मांग भी रखी गई है।
पार्षदों ने वार्डवार नियमित फॉगिंग शेड्यूल तैयार करने और उसके अनुसार सभी 48 वार्डों में फॉगिंग सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके साथ ही नालियों में जलभराव वाले क्षेत्रों, कचरा जमा होने वाले स्थानों और मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों पर नियमित रूप से मेलाथियान तेल का छिड़काव कराने की मांग की गई है।
कांग्रेस पार्षदों ने ज्ञापन के माध्यम से निगम प्रशासन से सफाई व्यवस्था से जुड़े इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनहित और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए।
ज्ञापन के अंत में कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सात दिवस के भीतर गंभीरतापूर्वक विचार नहीं किया गया तो वे नगर निगम में धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में इस स्थिति की संपूर्ण जवाबदारी नगर पालिक निगम आयुक्त रायगढ़ की होने की बात कही गई है।
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