CGPSC controversy: CGPSC पर कांग्रेस के सवाल! 1:3 अनुपात और मूल्यांकन को लेकर मांगी पारदर्शिता

CGPSC controversy: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर रायगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण एवं शहर के संयुक्त नेतृत्व में बुधवार को कांग्रेस भवन में जिला स्तरीय प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, मूल्यांकन प्रक्रिया और साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियों को स्पष्ट करने और युवाओं के हित में निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की। प्रेस वार्ता को जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण एवं शहर के अध्यक्ष नगेंद्र नेगी और शाखा यादव ने संबोधित किया। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष अनिल शुक्ला, दीपक पांडेय, पूर्व विधायक प्रकाश नायक, नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया, प्रभारी महामंत्री दीपक मंडल, विकास ठेठवार, पूर्व महामंत्री विकास शर्मा, प्रवक्ता हरेराम तिवारी, तारेन डनसेना, रिंकी पांडेय, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप अग्रवाल, आशीष चौबे, सोनू पुरोहित, अनुराग गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के लिए पारदर्शिता और समान अवसर महत्वपूर्ण हैं। प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि CGPSC की परीक्षा प्रक्रिया में लिए गए कुछ निर्णयों के कारण अभ्यर्थियों के बीच असमंजस और असंतोष की स्थिति बनी है। कांग्रेस ने संबंधित प्रक्रियाओं और नियमों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की। प्रेस वार्ता में विशेष रूप से एक ही प्रश्न के उत्तरों के मूल्यांकन में सही और गलत उत्तरों को समान अंक दिए जाने से जुड़े सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेताओं ने इस संबंध में मूल्यांकन प्रक्रिया को स्पष्ट करने और अभ्यर्थियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि मूल्यांकन से संबंधित प्रक्रिया स्पष्ट होने पर अभ्यर्थियों के बीच बनी शंकाओं का समाधान हो सकेगा। साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन में 1:3 अनुपात के पालन को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाया। यह मुद्दा हाल में प्रदेश कांग्रेस की ओर से भी CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2025 के संदर्भ में उठाया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2025 राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में 265 पदों के मुकाबले 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हित किए जाने की अपेक्षा थी, जबकि आयोग ने 608 अभ्यर्थियों के चिन्हांकन की जानकारी दी। हालांकि, इस संख्या को लेकर CGPSC ने 3-4 सितंबर 2026 को स्पष्टीकरण जारी किया था। आयोग के अनुसार, राज्य सेवा परीक्षा-2025 में प्रत्येक प्रश्न-पत्र में न्यूनतम अर्हकारी अंक हासिल करना अनिवार्य था। आयोग ने बताया कि अनारक्षित वर्ग के लिए प्रत्येक प्रश्न-पत्र में न्यूनतम 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 23 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। आयोग के मुताबिक, कुछ अभ्यर्थियों द्वारा यह न्यूनतम अंक हासिल नहीं किए जाने के कारण 795 के बजाय 608 अभ्यर्थी ही साक्षात्कार के लिए चिन्हित हुए। आयोग ने यह भी कहा है कि मुख्य परीक्षा में प्रश्नवार मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई जाती है और मूल्यांकन पहचान रहित तरीके से किया जाता है। आयोग के अनुसार, अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ता उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते हैं तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाती है। रायगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इन स्पष्टीकरणों के बावजूद परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश के हजारों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों का समय और आर्थिक संसाधन लगाते हैं। ऐसे में परीक्षा से संबंधित नियम, मूल्यांकन प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के चयन की व्यवस्था स्पष्ट एवं जवाबदेह होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परीक्षा से संबंधित आपत्तियों और मूल्यांकन प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए तथा अभ्यर्थियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने सरकार और लोक सेवा आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, ताकि परीक्षा में शामिल युवाओं के बीच उत्पन्न शंकाओं का समाधान हो सके। प्रेस वार्ता में कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह की अस्पष्टता अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए संबंधित विषयों पर नियमों और प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक किए जाने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v