Raigarh News: जिले में स्वाइन फ्लू की रोकथाम और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई तैयारियों की कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जिले में स्वाइन फ्लू की स्थिति, संदिग्ध मरीजों की जांच, उपचार व्यवस्था और स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। कलेक्टर ने राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संदिग्ध मामलों की त्वरित जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की पहचान होने पर उनकी चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार तत्काल आवश्यक जांच और उपचार की व्यवस्था की जाए। मरीजों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करते हुए जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण नियंत्रण से संबंधित प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन करने तथा चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को स्वाइन फ्लू के संभावित मामलों को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध मरीजों की पहचान से लेकर जांच और उपचार तक की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों जैसे हाई रिस्क समूह पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर जांच और उपचार में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लक्षण वाले मरीजों की समय पर पहचान हो सके और आवश्यकता के अनुसार उन्हें चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध मामलों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है।
कलेक्टर ने स्वाइन फ्लू से बचाव और सावधानियों को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने, हाथों की नियमित सफाई रखने तथा स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में स्वाइन फ्लू की स्थिति की सतत निगरानी की जाए और सभी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच समन्वय बनाए रखा जाए। संदिग्ध मामलों में जांच से लेकर उपचार तक की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के साथ आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज में पृथक व्यवस्था की गई है। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखते हुए चिकित्सकीय निगरानी में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए वीटीएम किट और आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। आवश्यकता के अनुसार मरीजों के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। उपचार के लिए ओसेल्टामिविर सहित आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
स्वास्थ्य संस्थानों में पीपीई किट, आवश्यक चिकित्सा उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों की भी व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने दवाइयों और चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर उपचार व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, डीपीएम सुश्री रंजना पैकरा, डॉ. राजकुमार गुप्ता, नशा मुक्ति अभियान केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. एम.जे. जावेद मारिकर, नोडल अधिकारी डॉ. कैनन डेनियल, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. कल्याणी पटेल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




