Raigarh News: जिले के बोरो वन परिक्षेत्र में हाथियों के दल से करीब दो साल का एक शावक बिछड़ गया है। शावक बुधवार सुबह बाजारदांड के पीछे चाल्हा के पास राजस्व जंगल में अकेला घूमता दिखाई दिया। आसपास हाथियों का कोई दल नजर नहीं आने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जानकारी मिलते ही वनकर्मी मौके पर पहुंचे और शावक की तस्दीक कर इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
शावक के अकेले होने की जानकारी मिलने के बाद डीएफओ सत्यदेव शर्मा, बोरो रेंजर उमाशंकर पटेल समेत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग को प्रारंभिक जानकारी में पता चला कि शावक करीब सात हाथियों के दल में था। रात के दौरान हाथियों का दल आगे बढ़ गया, जबकि शावक पीछे रह गया। इसके बाद से वह आसपास के जंगल और क्षेत्र में अकेले घूम रहा है।
वन विभाग की टीम शावक के व्यवहार और गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। अधिकारियों के अनुसार शावक को उसके मूल दल से मिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पहले हाथियों के दल की लोकेशन का पता लगाया गया। विभाग को जानकारी मिली कि शावक का दल क्रिंधा सर्किल के कुरूपानी क्षेत्र में विचरण कर रहा है।
वन विभाग के अनुसार शावक बीच-बीच में चिंघाड़ रहा है और धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। बोरो रेंज का स्टाफ, हाथी मित्र दल और उड़नदस्ता टीम उसकी गतिविधियों पर निगरानी रख रही है। टीम की कोशिश है कि शावक और हाथियों के दल के बीच सुरक्षित तरीके से संपर्क स्थापित हो सके।
शावक के भोजन की व्यवस्था भी वन विभाग द्वारा की गई है। अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उसके लिए भोजन उपलब्ध कराया। शावक को दूर से केला और केले का पौधा दिया गया। उसने केला पूरा खा लिया, हालांकि उसने पानी नहीं पिया।
वनकर्मियों के अनुसार शावक के व्यवहार को देखते हुए उसके पास जाने से बचा जा रहा है। करीब जाने की कोशिश करने पर वह लोगों को दौड़ाने लगता है। ऐसे में वन विभाग की टीम सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए उसकी निगरानी कर रही है। शावक की गतिविधियों, उसके व्यवहार और उसकी दिशा पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बोरो वन परिक्षेत्राधिकारी उमाशंकर पटेल ने बताया कि शावक करीब दो वर्ष का है। उन्होंने बताया कि उसके करीब जाने की कोशिश करने पर वह दौड़ाने लगता है, इसलिए स्टाफ को दूर से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि शावक को खाने के लिए केला और केले का पौधा दिया गया था, जिसे उसने खा लिया।
वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों से भी शावक के करीब नहीं जाने की अपील की है। चाल्हा समेत आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सावधान किया गया है। ग्रामीणों को प्रभावित क्षेत्र के जंगल में प्रवेश नहीं करने और शावक को देखने के लिए उसके पास जाने या उसका पीछा करने से बचने की समझाइश दी गई है।
वन विभाग का प्रयास है कि शावक को उसके हाथी दल से सुरक्षित तरीके से मिलाया जा सके। इसके लिए दल की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है और शावक की गतिविधियों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग की विभिन्न टीमें इस कार्य में लगी हुई हैं।
बोरो रेंज में फिलहाल शावक के अलावा 14, 7 और 2 हाथियों के अलग-अलग दल भी विचरण कर रहे हैं। ऐसे में वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। शावक के मामले में भी विभाग उसकी सुरक्षा के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि शावक के आसपास भीड़ न लगाएं और उसके करीब जाने का प्रयास न करें। किसी भी प्रकार की हाथी गतिविधि की जानकारी मिलने पर वन विभाग को सूचित करने की बात कही गई है। फिलहाल शावक वन विभाग की निगरानी में है और उसे उसके दल से मिलाने की कोशिश जारी है।
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