Raigarh News: खाद्य सुरक्षा मानकों पर 400 आंगनबाड़ी सहायिकाओं को मिला निःशुल्क प्रशिक्षण, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन को लेकर किया जागरूक

Raigarh News: जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से 400 आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य सुरक्षा और निर्धारित मानकों से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान भोजन की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने, भोजन तैयार करने और परोसने में बरती जाने वाली सावधानियों सहित पौष्टिक खान-पान से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई।

जिले में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम रायगढ़ ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट रायगढ़, तमनार और घरघोड़ा में आयोजित किए गए। प्रशिक्षण का आयोजन दो पालियों में किया गया, जिसमें कुल 400 आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े आवश्यक पहलुओं पर आंगनबाड़ी सहायिकाओं को जानकारी दी।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सहायिकाओं को भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा से संबंधित मानकों के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित रखरखाव और स्वच्छता से जुड़े आवश्यक व्यवहार की जानकारी देना रहा। उन्हें भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को भोजन परोसने तक बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान साफ-सफाई को खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए आंगनबाड़ी सहायिकाओं को आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया गया। खाद्य पदार्थों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के तरीकों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही भोजन तैयार करते समय स्वच्छता बनाए रखने तथा तैयार भोजन को सुरक्षित तरीके से परोसने से जुड़े विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

आंगनबाड़ी सहायिकाओं को पौष्टिक खान-पान के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन की स्वच्छता के साथ उसकी पौष्टिकता पर भी ध्यान देना आवश्यक है। आंगनबाड़ी सहायिकाओं का सीधा संबंध छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं से रहता है, इसलिए उनके माध्यम से सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन से संबंधित जानकारी लाभार्थियों तक पहुंचाने को महत्वपूर्ण बताया गया।

जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक विभिन्न सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी सहायिकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। प्रशिक्षण में उन्हें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े मानकों की जानकारी देकर इस दिशा में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को दैनिक कार्यों में व्यवहार के रूप में अपनाने पर जोर दिया।

रायगढ़ ऑडिटोरियम में आयोजित प्रशिक्षण के साथ पंजरी प्लांट रायगढ़, तमनार और घरघोड़ा में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। अलग-अलग स्थानों पर दो पालियों में प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानकों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।

खाद्य विभाग की अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नेमीचंद तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी सरिता पटेल प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानकों के पालन के संबंध में जानकारी दी। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को व्यवहार में अपनाने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि भोजन की तैयारी और वितरण के दौरान स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना आवश्यक है। आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने और भोजन तैयार करने एवं परोसने के दौरान आवश्यक सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन की जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

प्रशिक्षण में खाद्य पदार्थों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। भोजन तैयार करते समय साफ-सफाई बनाए रखने तथा भोजन परोसने के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने के संबंध में आंगनबाड़ी सहायिकाओं को जागरूक किया गया। खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों को समझाने के साथ उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में इनका पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण पक्ष बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक खाद्य सुरक्षा से संबंधित जानकारी पहुंचाना रहा। आंगनबाड़ी सहायिकाओं का इन दोनों वर्गों से सीधा संबंध होने के कारण प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को आगे लाभार्थियों तक पहुंचाने की भूमिका पर जोर दिया गया। सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन से संबंधित जानकारी को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचाने की बात कही गई।

खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सहायिकाओं को भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य पदार्थ, भोजन तैयार करने की सावधानियां और भोजन परोसने से संबंधित आवश्यक बिंदुओं पर जानकारी साझा की गई।

प्रशिक्षण में अधिकारियों ने आंगनबाड़ी सहायिकाओं से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए अपने नियमित कार्य में भी अपनाया जाए। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन से संबंधित गतिविधियों में इन सावधानियों को ध्यान में रखने की बात कही गई।

जिले में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 400 आंगनबाड़ी सहायिकाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के लिए रायगढ़ ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट रायगढ़, तमनार और घरघोड़ा को शामिल किया गया। दो पालियों में आयोजित प्रशिक्षण के माध्यम से सहायिकाओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानकों के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान स्वच्छ और सुरक्षित भोजन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने, भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता बनाए रखने तथा पौष्टिक खान-पान की जानकारी रखने को आवश्यक बताया गया। आंगनबाड़ी सहायिकाओं को इन सभी विषयों पर जानकारी देकर जागरूक किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों की ओर से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई। अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नेमीचंद और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सरिता पटेल की मौजूदगी में प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने सहायिकाओं को प्रशिक्षण में दी गई जानकारी को व्यवहार में अपनाने के लिए कहा।

जिले में प्रशिक्षण का अगला चरण 3 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 3 सितंबर को धरमजयगढ़ और लैलूंगा में भी आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए निःशुल्क खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और खाद्य मानकों से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

इस प्रशिक्षण के माध्यम से आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के साथ पौष्टिक खान-पान से संबंधित जानकारी भी दी गई। आंगनबाड़ी सहायिकाओं के माध्यम से इस जानकारी को बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत रायगढ़ जिले में आयोजित प्रशिक्षण में 400 आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने भाग लिया। रायगढ़ ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट रायगढ़, तमनार और घरघोड़ा में दो पालियों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को कार्य व्यवहार में शामिल करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

3 सितंबर को धरमजयगढ़ और लैलूंगा में भी निःशुल्क प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। खाद्य विभाग के अनुसार इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन से संबंधित आवश्यक सावधानियों को अपनाते हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं तक भी इसकी जानकारी पहुंचा सकें। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v