Raigarh News: रायगढ़ के कोतरारोड थाना क्षेत्र में सड़क पर पानी के छींटे पड़ने जैसी मामूली बात ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया। रिलायंस मार्ट के सामने 29 अगस्त की रात एक युवक और मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति के बीच कहासुनी के बाद कथित तौर पर पिस्टलनुमा हथियार से फायरिंग की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने उसे निशाना बनाकर दो बार फायर किया, लेकिन वह नीचे बैठ गया और उसकी चपेट में आने से बच गया। घटनास्थल से मिले हथियार की आर्म्स एक्सपर्ट से जांच कराने पर उसके एयरगन पिस्टल होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
पानी के छींटे से शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार रामबाग कोतरारोड निवासी 26 वर्षीय खुशहाल अग्रवाल कोतरारोड के पास पोहेवाला कैफे संचालित करते हैं। 29 अगस्त की रात करीब 8:45 बजे वह घर से पैदल कोल्ड ड्रिंक लेने के लिए निकले थे।
इसी दौरान रिलायंस मार्ट के सामने मुख्य मार्ग पर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 BC 6711 से गुजर रहे एक व्यक्ति की बाइक से सड़क का पानी खुशहाल पर छिटक गया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, शुरुआती विवाद के बाद मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति वापस आया और गाली-गलौज करते हुए फिर से विवाद करने लगा। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
पिस्टलनुमा हथियार से दो बार फायर
खुशहाल अग्रवाल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि विवाद के दौरान मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति ने अपने पास रखा पिस्टलनुमा हथियार निकाला और उसे डराने के बाद सिर की ओर निशाना साधकर दो बार फायर किया।
खुशहाल ने तत्काल नीचे बैठकर खुद को बचाया। इस वजह से फायर की चपेट में आने से वह बच गया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों को जब विवाद और फायरिंग की जानकारी हुई तो वे मौके की ओर पहुंचे।
लोगों के पहुंचने के बाद आरोपी कथित तौर पर अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर वहां से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई और शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई।
मौके से मिला हथियार निकला एयरगन
घटना के बाद पुलिस ने मौके से मिले पिस्टलनुमा हथियार को जांच के लिए आर्म्स एक्सपर्ट के पास भेजा। परीक्षण में यह एयरगन पिस्टल पाया गया।
पुलिस के अनुसार, इस तरह की एयरगन में सामान्य गोली के बजाय छर्रे का इस्तेमाल होता है। बाजार में उपलब्ध कुछ एयरगन और एयर पिस्टल का इस्तेमाल पक्षियों आदि को निशाना बनाने के लिए किया जाता है और उनके सामान्य उपयोग के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी एयरगन या एयर पिस्टल का इस्तेमाल यदि किसी व्यक्ति को डराने, धमकाने, भय पैदा करने, मारपीट या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में किया जाता है तो उसके इस्तेमाल की परिस्थितियों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मोटरसाइकिल से आरोपी तक पहुंची पुलिस
आरोपी वारदात के बाद मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने इसी मोटरसाइकिल को जांच की अहम कड़ी बनाया।
घटनास्थल से मिले वाहन के दस्तावेज, गवाहों से पूछताछ और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान हर्षवरन सिंह गोतरा, पिता सुरेन्द्र मोहन सिंह, उम्र 44 वर्ष के रूप में की है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी मूल रूप से जालंधर, पंजाब का निवासी है और वर्तमान में ग्राम तेंदूडिपा, कलमी, रायगढ़ में रहता है। घटना के बाद से आरोपी फरार बताया जा रहा है।
हत्या के प्रयास समेत धाराओं में केस
खुशहाल अग्रवाल की शिकायत पर पुलिस ने मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1) BNS तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।
हालांकि घटनास्थल से मिला हथियार वास्तविक आग्नेयास्त्र के बजाय एयरगन पिस्टल निकला है, लेकिन पुलिस ने शिकायत में बताए गए कथित फायरिंग और धमकी के घटनाक्रम को देखते हुए संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश करेगी कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और हथियार का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
रायगढ़ पुलिस की टीमें तलाश में जुटीं
एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस द्वारा उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई की जा रही है।
जांच में घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ के साथ-साथ उपलब्ध साक्ष्यों को भी शामिल किया जा रहा है। पुलिस आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।
मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को विवाद की पूरी परिस्थितियों और फायरिंग की घटना के संबंध में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।
SSP ने एयरगन को लेकर दी चेतावनी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले के संदर्भ में स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी वस्तु का सामान्य उपयोग कानून के दायरे में होने का मतलब यह नहीं है कि उसका इस्तेमाल किसी भी तरीके से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भले ही एयरगन का सामान्य उपयोग लाइसेंस के दायरे में नहीं आता हो, लेकिन यदि इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति को डराने-धमकाने, भय उत्पन्न करने, मारपीट करने या किसी आपराधिक कृत्य में किया जाता है तो पुलिस संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करेगी। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




